जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में रविवार शाम तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और ओले गिरे। 28 और 29 पीडी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से खेतों में पककर तैयार खड़ी मूंग, मोठ और ग्वार की फसलों को नुकसान होने की आशंका है। अचानक बदले मौसम से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने प्रभावित खेतों का सर्वे करवाकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी चार दिनों तक मौसम साफ रहेगा। शहर में मौसम साफ, मोहनगढ़ में गिरे ओले मौसम विभाग ने क्षेत्र में मौसम में आंशिक बदलाव और हल्की बारिश का अनुमान जताया था। जैसलमेर शहर में इसका असर नहीं दिखा, लेकिन मोहनगढ़ क्षेत्र में रविवार शाम करीब 7:30 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में ओले गिरने लगे, जिससे इलाके में तापमान गिर गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान स्थिर रहने और मौसम साफ रहने की संभावना है। मूंग, मोठ और ग्वार की फसलें लगभग तैयार नवरात्रि के पहले दिन हुई ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। इस समय खेतों में मूंग, मोठ और ग्वार की फसलें लगभग तैयार खड़ी हैं। ऐसे में ओले गिरने से फलियां टूटने और दाने खराब होने का खतरा है। इससे फसल के उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने सर्वे करवाकर मुआवजा देने की मांग की स्थानीय किसान प्रेमराम ने बताया – नवरात्रि के पहले ही दिन ओले गिरने से खेतों में खड़ी मूंग और ग्वार की फसलों को बड़ा नुकसान होने की आशंका है। अगर समय पर नुकसान का सर्वे नहीं हुआ तो किसानों की मेहनत बेकार हो सकती है। इलाके के किसानों का कहना है कि लगातार मेहनत के बाद फसल पकने की स्थिति में पहुंची थी, लेकिन अचानक हुई ओलावृष्टि से उत्पादन घटने और आर्थिक नुकसान का डर बढ़ गया है। किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे करवाकर मुआवजा दिलाने की मांग की है।

