मोबाइल किश्त वसूली के लिये रिकवरी एजेंटों ने पार की हदें, मजदूर को बंधक बनाकर पीटा और खून निकलवाया

मोबाइल किश्त वसूली के लिये रिकवरी एजेंटों ने पार की हदें, मजदूर को बंधक बनाकर पीटा और खून निकलवाया

Lucknow Recovery Agent Case: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इंसानियत को पूरी तरह झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां मोबाइल फोन की किस्त न चुका पाने पर कुछ रिकवरी एजेंटों ने एक गरीब मजदूर का अपहरण कर लिया और उसे चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा। आरोप है कि इस दौरान एजेंटों ने न केवल मजदूर के शरीर से जबरन खून निकलवाकर बेच दिया बल्कि उससे जबरन मजदूरी भी कराई। पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

Lucknow Recovery Agent Case
Lucknow Recovery Agent Case

1 साल पहले खरीदा था मोबाइल फोन

राजधानी के निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा पुरहिया गांव की रहने वाली जदूराई ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके छोटे बेटे नेवल कुमार ने करीब एक साल पहले निगोहां कस्बे की गीता मोबाइल शॉप से जीरो डाउन पेमेंट पर एक मोबाइल फोन खरीदा था। कुछ किस्त बकाया होने के बाद रिकवरी एजेंट पहले भी घर पहुंचे थे और मोबाइल छीनकर ले गए थे। इसके बाद 8 सितंबर को दो लोग स्कूटी से उनके गांव आए और नेवल को किसी बहाने से अपने साथ बहला फुसलाकर ले गए।

बंधक बनाया और ब्लड बैंक ले जाकर निकाला खून

परिजनों का आरोप है कि रिकवरी एजेंट नेवल को लखनऊ के एक ब्लड बैंक ले गए जहां उसका खून निकलवा लिया गया। इसके बाद उसे सदर इलाके के एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया और वहां उससे जबरन मजदूरी कराई गई। इस दौरान एजेंटों ने ऑनलाइन माध्यम से उसके परिजनों से किस्त के 2,799 रुपये वसूल लिए और नेवल को छोड़ने के लिए 12 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग करने लगे। इसके साथ ही एजेंट ने पैसे न देने पर जान से मारकर गोमती में फेंकने की धमकी भी दी।

पुलिस हस्तक्षेप के बाद छोड़ा गया मजदूर

घटना की जानकारी जब परिजनों ने पुलिस को दी तो पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पांचवें दिन नेवल को एक रैपिड कैब से थाने भेजा गया जिसका किराया भी उसके भाई से ही भरवाया गया। जब नेवल थाने पहुंचा तो उसकी हालत बेहद बदहवास और खराब थी। पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि जब वे कार्रवाई की मांग करने थाने पहुंचे तो पुलिस ने नेवल को ही किसी मामले में फंसा देने की धमकी देकर वापस घर भेज दिया।

पुलिस अधिकारियों का बयान

इस पूरे मामले पर DCP दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि पीड़िता की शिकायत दर्ज हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रिकवरी एजेंट शुभम सिंह और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहराई से जांच कर रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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