मोतिहारी के पीपरा थाना क्षेत्र में आधी रात को एक मकान में कथित तौर पर तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पीड़ित रणजीत कुमार ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने रात के समय उनके मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। रणजीत कुमार का दावा है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पीपरा थाना में उनकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने इस संबंध में पीपरा थाना में लिखित आवेदन भी दिया था, लेकिन अब तक कोई कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष द्वारा आवेदन के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे उनके परिवार में भय का माहौल है। सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो में रात के अंधेरे में कुछ लोगों को मकान में तोड़फोड़ करते हुए दिखाया गया है। वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। रणजीत कुमार ने वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में पीपरा थानाध्यक्ष का आधिकारिक बयान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने तथा आधिकारिक बयान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मोतिहारी के पीपरा थाना क्षेत्र में आधी रात को एक मकान में कथित तौर पर तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पीड़ित रणजीत कुमार ने आरोप लगाया है कि कुछ अज्ञात लोगों ने रात के समय उनके मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। रणजीत कुमार का दावा है कि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पीपरा थाना में उनकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने इस संबंध में पीपरा थाना में लिखित आवेदन भी दिया था, लेकिन अब तक कोई कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष द्वारा आवेदन के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जिससे उनके परिवार में भय का माहौल है। सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित वीडियो में रात के अंधेरे में कुछ लोगों को मकान में तोड़फोड़ करते हुए दिखाया गया है। वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं इस वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। रणजीत कुमार ने वरीय पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में पीपरा थानाध्यक्ष का आधिकारिक बयान अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने तथा आधिकारिक बयान के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

