रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) की वजह से तुर्किश एयरलाइन्स (Turkish Airlines) की एक फ्लाइट को बीच रास्ते से ही यू-टर्न लेना पड़ा। दरअसल फ्लाइट मॉस्को (Moscow) जा रही थी। उसने रूस के एयरस्पेस में प्रवेश भी कर लिया था। लेकिन उसके बाद कुछ ऐसा हुआ कि उसे बीच रास्ते से ही इस्तांबुल वापस लौटना पड़ा।
यूक्रेन का ड्रोन अटैक बना फ्लाइट के यू-टर्न की वजह
दरअसल यूक्रेन की सेना ने देर रात मॉस्को ओब्लास्ट पर बड़े लेवल पर ड्रोन अटैक किया। रूस के खिलाफ यूक्रेन की आक्रामक रणनीति में ड्रोन्स की अहम भूमिका है, क्योंकि यूक्रेनी सेना रूस पर हमलों में ड्रोन्स का बहुतायत से इस्तेमाल कर रही है और इनकी लागत भी कम होती है। यूक्रेन के हमले के बाद रूस का दावा है कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम्स ने 1,600 से ज़्यादा यूक्रेनी ड्रोन्स को मार गिराया, जिनमें मॉस्को को निशाना बनाने वाले 450 ड्रोन भी शामिल थे। इस हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मॉस्को के एयरपोर्ट्स पर उड़ानों पर भी पाबंदियाँ लगा दी गईं। तुर्किश एयरलाइन्स की फ्लाइट TK407 (एयरबस A330-300) रविवार को स्थानीय समयानुसार तड़के सुबह 2:22 बजे इस्तांबुल से मॉस्को के व्नुकुवो इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई। रूसी एयरस्पेस में प्रवेश करने और मॉस्को के पास पहुंचने के बाद फ्लाइट को यू-टर्न लेना पड़ा और फिर उसकी लैंडिंग इस्तांबुल में कराई गई।
तुर्की और रूस के बीच उड़ानों पर पड़ रहा है असर
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध की वजह से तुर्की और रूस के बीच कई उड़ानों पर असर पड़ रहा है। मॉस्को आने-जाने वाली तुर्की की कम से कम 35 उड़ानों में देरी हुई या उन्हें रद्द कर दिया गया। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है।
यूक्रेन के हमले में 2 लोगों की मौत
यूक्रेन का यह हमला मॉस्को ओब्लास्ट पर अब तक का सबसे बड़ा हमला था। रूसी अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की। इस ड्रोन अटैक की वजह से मॉस्को ओब्लास्ट में 2 लोगों की मौत हो गई। कुछ लोग इस ड्रोन अटैक के कारण घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इतना ही नहीं, करीब 400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

