Mini Mathur Indian Idol Hosting Controversy: एक भारतीय टेलीविजन होस्ट और एक्टर, और मशहूर भारतीय फिल्म डायरेक्टर और स्क्रीनराइटर कबीर खान की पत्नी, मिनी माथुर कई दशकों से इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। हाल ही में मिनी माथुर अमेजन प्राइम वीडियो पर दिखाए गए रियलिटी शो ‘अलायंस‘ की विनर बनीं। ‘द मेल फेमिनिस्ट’ पर ‘हॉटरफ्लाई’ के लेटेस्ट एपिसोड में एक इंटरव्यू के दौरान, मिनी ने बताया कि उनके करियर में ऐसे कई मौके आए जब उनकी प्रेग्नेंसी ने उनकी प्रोफेशनल लाइफ पर काफी असर डाला।
प्रेग्नेंसी न्यूज के बाद ‘इंडियन आइडल’ की होस्टिंग छोड़ने के लिए कहा गया (Mini Mathur Indian Idol Hosting Controversy)
मिनी ने बताया कि जब उन्होंने सिंगिंग रियलिटी शो के मेकर्स को अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी के बारे में बताया, तो उनसे ‘इंडियन आइडल’ होस्ट का काम छोड़ने के लिए कहा गया। मिनी ने कहा, “जब मैं सायरा के साथ प्रेग्नेंट थी, यह ‘इंडियन आइडल’ के चौथे सीजन के बाद की बात है, और जब टीम सीजन 5 शुरू करने वाली थी, तो मैंने उन्हें बताया कि मैं प्रेग्नेंट हूं। मैंने कहा कि ऑडिशन के दौरान तो मैं ठीक रहूंगी, लेकिन फिनाले एपिसोड तक मेरा बेबी बंप दिखने लगेगा। इसलिए मुझसे साफ कह दिया गया कि मैं यह सीजन नहीं कर सकती। वजह? भारतीय दर्शक एक प्रेग्नेंट होस्ट को स्वीकार नहीं कर पाएंगे।”
‘मुझे सीजन 6 के लिए वापस बुलाया गया, लेकिन मैंने मना कर दिया’
उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, “मुझे बहुत बुरा लगा कि ये लोग यह भी नहीं देख पा रहे थे कि दुनिया में क्या हो रहा है। मुझे सीजन 6 के लिए वापस बुलाया गया, लेकिन तब तक मेरा मन बदल चुका था। मैंने कहा कि मैं ऐसा नहीं करना चाहती।”
मिनी माथुर का करियर
मिनी माथुर ने अपने टेलीविजन करियर की शुरुआत आर. माधवन के साथ ‘तोल मोल के बोल’ से की थी, और इसके बाद कई सालों तक MTV VJ रहीं। सिंगिंग रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में काम करने के बाद वह घर-घर में पहचानी जाने लगीं। तब से उन्होंने टेलीविजन, स्ट्रीमिंग और फिल्मों में काम किया है, जिसमें ‘माइंड द मल्होत्राज’ सीरीज भी शामिल है।
मिनी माथुर ने मेनोपॉज और पेरिमेनोपॉज पर भी की बात
मिनी माथुर ने मेनोपॉज और पेरिमेनोपॉज पर भी अपना एक्सपीरियंस साझा करते हुए बताया कि उनको कैसे ब्रेन फॉग, अचानक हॉट फ्लैश और स्टेज पर सब कुछ भूल जाने जैसी परेशानियों से जूझना पड़ा। उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टर भी इन लक्षणों को केवल तनाव या उम्र का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। मिनी ने महिलाओं की हेल्थ पर 40 की उम्र के बाद खुलकर बातचीत और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

