Soni Razdan Interview: एक्ट्रेस सोनी राजदान ने अपनी जेनरेशन और आज के दौर की पेरेंटिंग के बीच फर्क पर खुलकर बात की है। उनका कहना है कि आज के माता-पिता बच्चों की परवरिश को लेकर ज्यादा सब्र रखते हैं और पिता भी पहले के मुकाबले ज्यादा जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए दामाद रणबीर कपूर की भी तारीफ की और बताया कि वह आलिया भट्ट के लिए काफी सपोर्टिव हैं।
सोनी राजदान जल्द ही फिल्म ‘ओम का हारी‘ में नजर आएंगी, जो 18 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने सीएनएन न्यूज18 शोशा से बातचीत में पेरेंटिंग और बदलते पारिवारिक तौर-तरीकों पर बात की।
‘आज के माता-पिता ज्यादा सब्र वाले हैं’
सोनी राजदान के मुताबिक, आज की जेनरेशन के माता-पिता उनकी जेनरेशन की तुलना में बच्चों की परवरिश को बेहतर तरीके से संभाल रहे हैं। उन्हें लगता है कि आज के माता-पिता ज्यादा धैर्य रखते हैं और बच्चों की जरूरतों को समझने के लिए ज्यादा समय देते हैं।
एक्ट्रेस ने कहा कि उनके दौर में बच्चों के लिए ज्यादा से ज्यादा समय निकालना उतना महत्वपूर्ण नहीं माना जाता था। पेरेंटिंग की जिम्मेदारी भी अक्सर महिलाओं पर ज्यादा होती थी और इसे माता-पिता के बीच आज की तरह साझा नहीं किया जाता था।
‘आज की जेनरेशन पेरेंटिंग शेयर करना जानती है’
सोनी राजदान के मुताबिक, पेरेंटिंग में साझा जिम्मेदारी का चलन आज के दौर की सबसे अच्छी चीजों में से एक है। उनका कहना है कि अब माता-पिता मिलकर बच्चे की परवरिश करते हैं, जिससे काफी फर्क पड़ता है।
उन्होंने खास तौर पर आज के पिताओं की भूमिका में आए बदलाव की बात की। सोनी ने कहा कि वह कई बार यह देखकर हैरान होती हैं कि आज के पिता अपने बच्चों की जिंदगी में कितने ज्यादा शामिल हैं।
रणबीर कपूर की भी की तारीफ
सोनी राजदान ने अपने परिवार के पुरुषों का उदाहरण देते हुए रणबीर कपूर की भी तारीफ की। उन्होंने रणबीर को एक अच्छा पिता बताया और कहा कि वह आलिया के लिए भी काफी सपोर्टिव हैं।
सोनी ने अपने पति और परिवार के दूसरे पुरुषों का जिक्र करते हुए कहा कि वह इस बदलाव को अपने आसपास भी देख रही हैं। उनके मुताबिक, आज के पिता बच्चों के साथ समय बिताने और उनकी परवरिश में शामिल होने को पहले से ज्यादा महत्व दे रहे हैं।
‘आज हर कोई बहुत मेहनत कर रहा है’
सोनी ने अपनी जेनरेशन की पेरेंटिंग को याद करते हुए यह भी कहा कि उस समय उनके पति के पास बच्चों को कम समय देने की एक वजह थी। वह बहुत मेहनत करते थे, लेकिन अब भी माता-पिता काम कर रहे हैं और जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनका मानना है कि बदलाव सिर्फ इस वजह से नहीं आया कि आज के माता-पिता के पास कम काम है। बल्कि बच्चों की परवरिश को लेकर सोच बदली है। सोनी ने कहा कि कुछ चीजें हर पीढ़ी के साथ बेहतर होती हैं और पेरेंटिंग के मामले में उन्हें लगता है कि बदलाव बेहतरी की दिशा में हुआ है।

