मेरठ में साइबर ठगों ने एक पेपर मील प्रबंधक के मोबाइल को APK फाइल के जरिए हैक कर कंपनी निदेशक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बना लिया। इसके बाद प्रबंधक को भुगतान के फर्जी निर्देश भेजकर चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन में करीब 1.80 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए। हालांकि साइबर थाना पुलिस की करीब डेढ़ माह की मेहनत रंग लाई। पुलिस ने ठगी की रकम में से 1.55 करोड़ 98 हजार 300 रुपये रिकवर कराकर पीड़ित को वापस दिला दिए। इस सफलता पर एसएसपी ने साइबर थाना टीम की सराहना की है। साइबर थाना प्रभारी महावीर सिंह के मुताबिक, मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रज्ज्वल अग्रवाल की हरिद्वार के झबरेड़ा-नारसन क्षेत्र में गंगोत्री पेपर मील है। मील का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की न्यू मंडी मुजफ्फरनगर शाखा में है। इस खाते का संचालन मील के प्रबंधक संदीप गोयल करते हैं। 17 जुलाई को पहुंची थी APK फाइल
17 जुलाई को संदीप गोयल के व्हाट्सएप नंबर पर एक अंजान नंबर से APK फाइल पहुंची। संदीप ने बिना जांच-पड़ताल किए फाइल खोल दी। फाइल खुलते ही उनके मोबाइल का नियंत्रण साइबर ठगों के हाथ में चला गया। इसके बाद ठगों ने पेपर मील के निदेशक नीरज अग्रवाल के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल करते हुए फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर लिया। निदेशक बनकर भेजे भुगतान के निर्देश
ठगों ने इसी फर्जी अकाउंट से संदीप गोयल को व्हाट्सएप मैसेज भेजने शुरू किए। मैसेज में अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए। चूंकि इससे पहले भी निदेशक नीरज अग्रवाल व्हाट्सएप के जरिए भुगतान संबंधी निर्देश देते थे, इसलिए संदीप को ठगों की करतूत पर जरा भी शक नहीं हुआ। चार ट्रांजेक्शन में ट्रांसफर कर दिए 1.80 करोड़
17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच मील प्रबंधक ने ठगों के बताए बैंक खातों में चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 1.80 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। रकम ट्रांसफर होने के बाद भी उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह साइबर ठगों के जाल में फंस चुके हैं। निदेशक के आने पर खुला ठगी का राज
20 जुलाई को पेपर मील के निदेशक नीरज अग्रवाल और प्रज्ज्वल अग्रवाल मिल पहुंचे। इस दौरान संदीप गोयल ने उन्हें किए गए भुगतानों की जानकारी दी। रकम की जानकारी मिलते ही दोनों के होश उड़ गए। उन्होंने साफ किया कि इस तरह के भुगतान के लिए उन्होंने कोई मैसेज नहीं भेजा था। इसके बाद ठगी का पूरा मामला सामने आया। तत्काल साइबर पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
मामले की जानकारी होते ही संदीप गोयल ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साथ ही तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय को फोन पर पूरी घटना की जानकारी दी गई। एसएसपी के निर्देश पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। डेढ़ माह तक खातों की खंगाली गई कुंडली
साइबर थाना पुलिस की टीम पिछले करीब डेढ़ माह से मामले की जांच में जुटी थी। टीम ने उन बैंक खातों की पहचान की, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खातों में मौजूद रकम को फ्रीज करा दिया। हालांकि कार्रवाई से पहले ही साइबर ठग 24 लाख एक हजार 700 रुपये निकालने में कामयाब हो गए थे।
इसके बाद बची रकम को पीड़ित तक वापस पहुंचाने के लिए पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की। मामला कोर्ट तक पहुंचा और पुलिस ने न्यायालय से रकम रिलीज कराने का आदेश प्राप्त किया। कोर्ट के आदेश पर वापस मिले 1.55 करोड़
मंगलवार को कोर्ट के आदेश के बाद साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 55 लाख 98 हजार 300 रुपये की रकम प्रज्ज्वल अग्रवाल के खाते में रिकवर करा दी। इस तरह पुलिस की कार्रवाई से पीड़ित को ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा वापस मिल गया।

