मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य सचिव:बोले- गंभीर मरीजों को अनावश्यक रेफर न करें; ICU-OPD और रेडियोलॉजी का लिया जायजा

मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य सचिव:बोले- गंभीर मरीजों को अनावश्यक रेफर न करें; ICU-OPD और रेडियोलॉजी का लिया जायजा

मुजफ्फरपुर में सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने गुरुवार को मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल परिसर स्थित मॉडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और डॉक्टरों को निर्देश दिया कि गंभीर मरीजों को बिना जरूरत दूसरे अस्पताल रेफर नहीं किया जाए। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर मरीजों को यहीं समुचित इलाज देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य सचिव ने मॉडल अस्पताल के ओपीडी, विभिन्न वार्ड, रेडियोलॉजी विभाग और 10 बेड के आईसीयू का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवा और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप की स्थिति रही। मौके पर डीएम कुमार गौरव, डीडीसी, एसडीएम, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन डॉ. सुब्रत सेन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। ‘चिकित्सा आपके द्वार’ प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी निरीक्षण की शुरुआत स्वास्थ्य सचिव ने बिहार सरकार के ‘चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर की। इसके बाद उन्होंने मॉडल अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। अधिकारियों से मरीजों की संख्या, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और अस्पताल के संचालन से जुड़ी जानकारी ली। ओपीडी में पर्ची कटाने की व्यवस्था देखी स्वास्थ्य सचिव ने ओपीडी में मरीजों के पर्ची कटाने और बुकिंग की व्यवस्था की जांच की। उन्होंने काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों और अस्पताल मैनेजर से मरीजों को होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। पर्ची बनाने की प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर कराने के लिए तकनीकी टीम को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े। 10 बेड के आईसीयू में मरीजों से की बातचीत इसके बाद स्वास्थ्य सचिव पहले तल पर बने 10 बेड के आईसीयू में पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज और दवा मिलने की स्थिति जानी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों की स्थिति की जानकारी लेते हुए गंभीर मरीजों की लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अस्पताल में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा देने की कोशिश की जाए। जरूरत के अनुसार ऑपरेशन कुमार रवि ने अधिकारियों को अस्पताल में जरूरत के अनुसार ऑपरेशन की सुविधा विकसित करने का निर्देश दिया। गर्भवती महिलाओं को विशेष परिस्थितियों में सिजेरियन की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी के दौरान पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने और मरीजों के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने को कहा। रेडियोलॉजिस्ट समेत मैनपावर की कमी दूर करने की तैयारी निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट समेत अन्य स्तरों पर मैनपावर की कमी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता बढ़ने से अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जांच सुविधाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। विभाग उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जल्द ही स्टाफ की कमी दूर करने की दिशा में कदम उठाएगा। एंटी रेबीज और एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक बनाए रखने का निर्देश निरीक्षण के दौरान एंटी रेबीज और एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता की भी जानकारी ली गई। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों से इन जरूरी दवाओं के स्टॉक और आपूर्ति की स्थिति पूछी। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल में इन दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। किसी स्तर पर स्टॉक कम होने की स्थिति में तत्काल विभाग को सूचना देने को कहा, ताकि समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और मरीजों के इलाज में दवाओं की कमी बाधा न बने। मुजफ्फरपुर में सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने गुरुवार को मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल परिसर स्थित मॉडल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और डॉक्टरों को निर्देश दिया कि गंभीर मरीजों को बिना जरूरत दूसरे अस्पताल रेफर नहीं किया जाए। अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर मरीजों को यहीं समुचित इलाज देने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य सचिव ने मॉडल अस्पताल के ओपीडी, विभिन्न वार्ड, रेडियोलॉजी विभाग और 10 बेड के आईसीयू का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत कर इलाज, दवा और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और कर्मियों में हड़कंप की स्थिति रही। मौके पर डीएम कुमार गौरव, डीडीसी, एसडीएम, नगर आयुक्त, सिविल सर्जन डॉ. सुब्रत सेन समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। ‘चिकित्सा आपके द्वार’ प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी निरीक्षण की शुरुआत स्वास्थ्य सचिव ने बिहार सरकार के ‘चिकित्सा आपके द्वार’ अभियान के प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर की। इसके बाद उन्होंने मॉडल अस्पताल के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया। अधिकारियों से मरीजों की संख्या, उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और अस्पताल के संचालन से जुड़ी जानकारी ली। ओपीडी में पर्ची कटाने की व्यवस्था देखी स्वास्थ्य सचिव ने ओपीडी में मरीजों के पर्ची कटाने और बुकिंग की व्यवस्था की जांच की। उन्होंने काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों और अस्पताल मैनेजर से मरीजों को होने वाली परेशानियों के बारे में जानकारी ली। पर्ची बनाने की प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर कराने के लिए तकनीकी टीम को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया, ताकि मरीजों को पर्ची बनवाने के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े। 10 बेड के आईसीयू में मरीजों से की बातचीत इसके बाद स्वास्थ्य सचिव पहले तल पर बने 10 बेड के आईसीयू में पहुंचे। उन्होंने भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज और दवा मिलने की स्थिति जानी। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों से मरीजों की स्थिति की जानकारी लेते हुए गंभीर मरीजों की लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उपलब्ध संसाधनों के आधार पर अस्पताल में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा देने की कोशिश की जाए। जरूरत के अनुसार ऑपरेशन कुमार रवि ने अधिकारियों को अस्पताल में जरूरत के अनुसार ऑपरेशन की सुविधा विकसित करने का निर्देश दिया। गर्भवती महिलाओं को विशेष परिस्थितियों में सिजेरियन की सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी के दौरान पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करने और मरीजों के इलाज में किसी तरह की कोताही नहीं बरतने को कहा। रेडियोलॉजिस्ट समेत मैनपावर की कमी दूर करने की तैयारी निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट समेत अन्य स्तरों पर मैनपावर की कमी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। रेडियोलॉजिस्ट की उपलब्धता बढ़ने से अल्ट्रासाउंड समेत अन्य जांच सुविधाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। विभाग उपलब्ध संसाधनों के आधार पर जल्द ही स्टाफ की कमी दूर करने की दिशा में कदम उठाएगा। एंटी रेबीज और एंटी स्नेक वेनम का स्टॉक बनाए रखने का निर्देश निरीक्षण के दौरान एंटी रेबीज और एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता की भी जानकारी ली गई। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों से इन जरूरी दवाओं के स्टॉक और आपूर्ति की स्थिति पूछी। उन्होंने निर्देश दिया कि अस्पताल में इन दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। किसी स्तर पर स्टॉक कम होने की स्थिति में तत्काल विभाग को सूचना देने को कहा, ताकि समय पर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके और मरीजों के इलाज में दवाओं की कमी बाधा न बने।  

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