मुजफ्फरपुर में पकड़ी गई नकली सिगरेट फैक्ट्री:कंपनी के अधिकारी जमीन खरीदार बनकर पहुंचे, छापेमारी से पहले मजदूर फरार; लाखों का माल जब्त

मुजफ्फरपुर में पकड़ी गई नकली सिगरेट फैक्ट्री:कंपनी के अधिकारी जमीन खरीदार बनकर पहुंचे, छापेमारी से पहले मजदूर फरार; लाखों का माल जब्त

मुजफ्फरपुर में नकली सिगरेट फैक्ट्री पुलिस ने पकड़ी है। फैक्ट्री एक दुकान में चल रही थी। यहां आईटीसी समेत 4 ब्रांड के नाम पर नकली सिगरेट तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद कंपनी ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में तैयार नकली सिगरेट, निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीन, रैपर और अन्य कच्चा माल बरामद किया। बरामद सामान की कीमत करीब 25 लाख रुपए बताई जा रही है। मामले का खुलासा कंपनी को मिली सूचना के बाद हुआ। दिल्ली से आई कंपनी की तीन सदस्यीय टीम ने पहले इलाके की रेकी की। टीम के सदस्य जमीन खरीदार के रूप में माधोपुर स्थित मकान तक पहुंचे। वहां नकली सिगरेट तैयार किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद मुशहरी थाना की पुलिस और कंपनी की अधिकृत टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही फैक्ट्री में काम कर रहे कई मजदूर मौके से फरार हो गए। एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इस मामले में सोमवार को एसडीपीओ पूर्वी टू मनोज सिंह ने पीसी कर जानकारी दी है। मामला मुशहरी थाना क्षेत्र के माधोपुर चौड़ का है। सिगरेट और सामग्री की जांच कर रही पुलिस कंपनी की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, यहां आईटीसी के ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर नकली सिगरेट तैयार किए जाने की सूचना थी। कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के उल्लंघन की भी बात सामने आई है। पुलिस अब बरामद सिगरेट और सामग्री की जांच कर रही है। तैयार सिगरेट को मुशहरी के अलावा समस्तीपुर, दरभंगा, वैशाली और उत्तर बिहार के अन्य जिलों में सप्लाई किए जाने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यहां तैयार माल किन लोगों के जरिए बाजार तक पहुंचाया जाता था। भवन मालिक समेत तीन के खिलाफ केस पुलिस के अनुसार, मामले में गोरखपुर निवासी अंकिता त्रिपाठी, मुजफ्फरपुर सदर थाना का रहने वाला संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर मशहरी निवासी जमीन-मकान मालिक राजहंस यादव की पत्नी सुशीला देवी के नाम सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि इनके संरक्षण और सहयोग से अवैध रूप से नकली सिगरेट निर्माण की गतिविधि संचालित किए जाने की जानकारी मिली है। मामले में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। इस संबंध में मुशहरी थाना कांड संख्या 350/26 दर्ज किया गया है। पुलिस फरार मजदूरों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।
कंपनियों को 50-60 करोड़ के नुकसान की आशंका कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, इस स्थान पर काफी समय से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थी। प्रारंभिक आकलन में संबंधित कंपनियों को 50 से 60 करोड़ रुपए तक के नुकसान की आशंका जताई गई है। हालांकि यह अनुमानित आंकड़ा है और वास्तविक नुकसान का आकलन कंपनी और जांच एजेंसियों की ओर से किया जा रहा है। पुलिस अब फैक्ट्री से बरामद सामान की जांच के साथ-साथ इसके सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। मुजफ्फरपुर में नकली सिगरेट फैक्ट्री पुलिस ने पकड़ी है। फैक्ट्री एक दुकान में चल रही थी। यहां आईटीसी समेत 4 ब्रांड के नाम पर नकली सिगरेट तैयार किए जाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद कंपनी ने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में तैयार नकली सिगरेट, निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीन, रैपर और अन्य कच्चा माल बरामद किया। बरामद सामान की कीमत करीब 25 लाख रुपए बताई जा रही है। मामले का खुलासा कंपनी को मिली सूचना के बाद हुआ। दिल्ली से आई कंपनी की तीन सदस्यीय टीम ने पहले इलाके की रेकी की। टीम के सदस्य जमीन खरीदार के रूप में माधोपुर स्थित मकान तक पहुंचे। वहां नकली सिगरेट तैयार किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद मुशहरी थाना की पुलिस और कंपनी की अधिकृत टीम ने मौके पर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही फैक्ट्री में काम कर रहे कई मजदूर मौके से फरार हो गए। एक व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की है। इस मामले में सोमवार को एसडीपीओ पूर्वी टू मनोज सिंह ने पीसी कर जानकारी दी है। मामला मुशहरी थाना क्षेत्र के माधोपुर चौड़ का है। सिगरेट और सामग्री की जांच कर रही पुलिस कंपनी की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, यहां आईटीसी के ब्रांड नाम का इस्तेमाल कर नकली सिगरेट तैयार किए जाने की सूचना थी। कॉपीराइट और ट्रेडमार्क के उल्लंघन की भी बात सामने आई है। पुलिस अब बरामद सिगरेट और सामग्री की जांच कर रही है। तैयार सिगरेट को मुशहरी के अलावा समस्तीपुर, दरभंगा, वैशाली और उत्तर बिहार के अन्य जिलों में सप्लाई किए जाने की आशंका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यहां तैयार माल किन लोगों के जरिए बाजार तक पहुंचाया जाता था। भवन मालिक समेत तीन के खिलाफ केस पुलिस के अनुसार, मामले में गोरखपुर निवासी अंकिता त्रिपाठी, मुजफ्फरपुर सदर थाना का रहने वाला संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर मशहरी निवासी जमीन-मकान मालिक राजहंस यादव की पत्नी सुशीला देवी के नाम सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि इनके संरक्षण और सहयोग से अवैध रूप से नकली सिगरेट निर्माण की गतिविधि संचालित किए जाने की जानकारी मिली है। मामले में इनकी भूमिका की जांच की जा रही है। इस संबंध में मुशहरी थाना कांड संख्या 350/26 दर्ज किया गया है। पुलिस फरार मजदूरों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।
कंपनियों को 50-60 करोड़ के नुकसान की आशंका कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, इस स्थान पर काफी समय से नकली सिगरेट तैयार की जा रही थी। प्रारंभिक आकलन में संबंधित कंपनियों को 50 से 60 करोड़ रुपए तक के नुकसान की आशंका जताई गई है। हालांकि यह अनुमानित आंकड़ा है और वास्तविक नुकसान का आकलन कंपनी और जांच एजेंसियों की ओर से किया जा रहा है। पुलिस अब फैक्ट्री से बरामद सामान की जांच के साथ-साथ इसके सप्लाई नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।  

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