रायबरेली में सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प भी हुई। कार्यकर्ताओं ने शहर के तिलक भवन से कलेक्ट्रेट परिसर तक पैदल मार्च निकाला और नारेबाजी की। यह मार्च देशव्यापी आह्वान पर तिलक भवन से शुरू होकर शहर के कई रास्तों से होता हुआ कलेक्ट्रेट पहुंचा। कलेक्ट्रेट पहुंचते ही जब कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाने की कोशिश की, तो पहले से मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोका। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक खींचतान और धक्का-मुक्की हुई। लोकतंत्र की हत्या का आरोप प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता न बरतने और चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाया। नेताओं का कहना था कि महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराए गए। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र की हत्या की है। पूरे देश को गुमराह किया जा रहा है। ऐसे अधिकारियों को तत्काल पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए, उन पर महाभियोग चलना चाहिए और भारी जुर्माना भी लगाया जाना चाहिए।” नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे शीर्ष नेतृत्व के शह पर यह सब हो रहा है। इस्तीफा न होने तक जारी रहेगा आंदोलन कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन केवल रायबरेली तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते या उन्हें पद से हटाया नहीं जाता, तब तक कांग्रेस का यह आंदोलन थमेगा नहीं। आने वाले दिनों में इस विरोध प्रदर्शन को और अधिक तीखा और व्यापक रूप दिया जाएगा।

