मुंबई में गणेश विसर्जन की तैयारी पूरी:BMC ने 278 लोकेशन पर 383 तालाब बनाए, 25 हजार वॉलेंटियर तैनात

मुंबई में गणेश विसर्जन की तैयारी पूरी:BMC ने 278 लोकेशन पर 383 तालाब बनाए, 25 हजार वॉलेंटियर तैनात

मुंबई में गणेश उत्सव के दौरान मूर्तियों के इको-फ्रैंडली विसर्जन के लिए BMC ने 278 जगहों पर 383 तालाब बनाए हैं। शहर में विसर्जन की व्यवस्था संभालने के लिए 25 हजार कर्मचारी तैनात किए गए हैं। ज्यादातर सार्वजनिक गणेश मंडलों की मूर्तियों का विसर्जन आखिरी दिन होगा। घरों में रखी मूर्तियों का विसर्जन उत्सव के दूसरे दिन से शुरू हो गया था। दरअसल, अलग-अलग परंपराओं के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन स्थापना के डेढ़ दिन और पांच दिन बाद किया जाता है। 12 दिन का गणेश उत्सव 14 सितंबर को शुरू हुआ था और 25 सितंबर को खत्म होगा। विजर्सन की तस्वीरें…. प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर भी इंतजाम BMC ने 6 फीट से बड़ी मूर्तियों के लिए 67 प्राकृतिक विसर्जन स्थलों पर जरूरी इंतजाम किए हैं। इनमें 44 समुद्र तट और जेटी, जबकि 23 प्राकृतिक झीलें शामिल हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट के 20 अगस्त 2026 के निर्देशों के मुताबिक, 6 फीट तक की मूर्तियों का विसर्जन कृत्रिम तालाबों में करना जरूरी है। BMC ने नागरिकों से प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए कृत्रिम तालाबों का इस्तेमाल करने की अपील की है। समुद्र तटों पर रेत के ऊपर 1,194 स्टील प्लेटें बिछाई गई हैं। चौपाटियों और समुद्र तटों पर 23 जर्मन राफ्ट्स, 34 क्रेन, 85 एम्बुलेंस और 10 मोटरबोट तैयार रखी गई हैं। लाइफगार्ड और निगरानी की व्यवस्था BMC ने 1,132 लाइफगार्ड तैनात किए हैं। पूजा सामग्री के कचरे के लिए 498 निर्माल्य कलश और 326 निर्माल्य डंपर लगाए गए हैं। भीड़ पर नजर रखने के लिए 228 कंट्रोल रूम और 75 ऑब्जर्वेशन टावर बनाए गए हैं। प्रमुख विसर्जन स्थल स्वराज्यभूमि (गिरगांव चौपाटी) पर BMC ने 12 कृत्रिम तालाब और 20 ऑब्जर्वेशन टावर बनाए हैं। यहां 22 राफ्ट्स, 90 टॉयलेट, 3 एम्बुलेंस और करीब 1,000 कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। विसर्जन मार्गों पर मरम्मत का काम विसर्जन मार्गों पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 281 जगहों पर रास्ते में बाधा बन रहे केबल हटाए गए हैं। 506 सड़कों पर 4,279 गड्ढे और 171 ड्रेनेज कवर ठीक किए गए हैं। 515 जगहों पर पेड़ों की छंटाई भी की गई है। मुंबई के समुद्र तट पर ब्लू-बटन जेलीफिश और स्टिंगरे मौजूद हैं। इसलिए समुद्र में मूर्ति विसर्जन के लिए उतरते समय खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। BMC के आपदा प्रबंधन विभाग ने हर सार्वजनिक गणेश मंडल के कम से कम 8 से 10 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया है। इन स्वयंसेवकों को भीड़ संभालने, बिजली हादसों, आग और मेडिकल इमरजेंसी से निपटने की ट्रेनिंग दी गई है। उन्हें फर्स्ट एड और CPR का प्रशिक्षण भी दिया गया है।

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