मुंगेर विश्वविद्यालय PG परीक्षा स्थगित:छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में किया हंगामा, कुलपति ने व्हाट्सएप पर एडमिट कार्ड भेजने का दिया था आश्वासन

मुंगेर विश्वविद्यालय PG परीक्षा स्थगित:छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में किया हंगामा, कुलपति ने व्हाट्सएप पर एडमिट कार्ड भेजने का दिया था आश्वासन

मुंगेर विश्वविद्यालय की स्नातकोत्तर (PG) सत्र 2025-27 की परीक्षाएं 28 अप्रैल से शुरू होनी थीं। लेकिन सोमवार शाम अचानक स्थगित कर दी गईं। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले लिए गए इस फैसले से हजारों छात्र-छात्राओं में निराशा है। बताया जा रहा है कि समय पर एडमिट कार्ड उपलब्ध न होना स्थगन का मुख्य कारण है। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को अभी तक एडमिट कार्ड नहीं मिल पाए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया था, जिसके बाद छात्र तैयारी में जुट गए थे। हालांकि, परीक्षा से ठीक पहले तक एडमिट कार्ड वितरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। कई छात्रों ने ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं, डेटा अपडेट न होने और लॉगिन संबंधी दिक्कतों की शिकायत भी की। एडमिट कार्ड भेजने का कुलपति ने दिया था आश्वासन परीक्षा रद्द होने से पहले, कुलपति डॉ. संजय कुमार ने छात्रों को आश्वासन दिया था कि रात 12 बजे तक व्हाट्सएप के माध्यम से एडमिट कार्ड भेज दिए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि छात्र इनका प्रिंट निकालकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, दर्जनों छात्रों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि कॉलेज प्रशासन से स्पष्ट निर्देश के अभाव में, केवल व्हाट्सएप पर मिले एडमिट कार्ड के आधार पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलना संदिग्ध है। 15 दिन पहले मिल जाना चाहिए था एडमिट कार्ड सीनेट सदस्य विक्की आनंद ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है जब कुलपति ने व्हाट्सएप पर एडमिट कार्ड भेजने की बात कही। उन्होंने परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षार्थियों को परीक्षा से कम से कम 15 दिन पहले एडमिट कार्ड मिल जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में बार-बार एजेंसी बदलने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हाल ही में परीक्षा और संबंधित कार्यों के लिए नियुक्त एजेंसी बदली गई थी, जिससे डेटा प्रबंधन और तकनीकी प्रक्रिया प्रभावित हुई। हर नए कुलपति के आने पर एजेंसियों में बदलाव से कार्य की निरंतरता टूट जाती है और इसका सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है।

विक्की आनंद ने कहा कि पहले से ही विश्वविद्यालय के सभी सत्र विलंब से चल रहे हैं। अब परीक्षा स्थगित होने से छात्रों का भविष्य और अधिक अनिश्चित हो गया है। छात्रों ने जल्द नई तिथि घोषित करने और व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है। मुंगेर विश्वविद्यालय की स्नातकोत्तर (PG) सत्र 2025-27 की परीक्षाएं 28 अप्रैल से शुरू होनी थीं। लेकिन सोमवार शाम अचानक स्थगित कर दी गईं। परीक्षा से ठीक एक दिन पहले लिए गए इस फैसले से हजारों छात्र-छात्राओं में निराशा है। बताया जा रहा है कि समय पर एडमिट कार्ड उपलब्ध न होना स्थगन का मुख्य कारण है। बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को अभी तक एडमिट कार्ड नहीं मिल पाए थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले ही परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया था, जिसके बाद छात्र तैयारी में जुट गए थे। हालांकि, परीक्षा से ठीक पहले तक एडमिट कार्ड वितरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। कई छात्रों ने ऑनलाइन पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं, डेटा अपडेट न होने और लॉगिन संबंधी दिक्कतों की शिकायत भी की। एडमिट कार्ड भेजने का कुलपति ने दिया था आश्वासन परीक्षा रद्द होने से पहले, कुलपति डॉ. संजय कुमार ने छात्रों को आश्वासन दिया था कि रात 12 बजे तक व्हाट्सएप के माध्यम से एडमिट कार्ड भेज दिए जाएंगे। उन्होंने कहा था कि छात्र इनका प्रिंट निकालकर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, दर्जनों छात्रों ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि कॉलेज प्रशासन से स्पष्ट निर्देश के अभाव में, केवल व्हाट्सएप पर मिले एडमिट कार्ड के आधार पर परीक्षा केंद्र में प्रवेश मिलना संदिग्ध है। 15 दिन पहले मिल जाना चाहिए था एडमिट कार्ड सीनेट सदस्य विक्की आनंद ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहली बार है जब कुलपति ने व्हाट्सएप पर एडमिट कार्ड भेजने की बात कही। उन्होंने परीक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूजीसी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षार्थियों को परीक्षा से कम से कम 15 दिन पहले एडमिट कार्ड मिल जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में बार-बार एजेंसी बदलने से यह स्थिति उत्पन्न हुई है। हाल ही में परीक्षा और संबंधित कार्यों के लिए नियुक्त एजेंसी बदली गई थी, जिससे डेटा प्रबंधन और तकनीकी प्रक्रिया प्रभावित हुई। हर नए कुलपति के आने पर एजेंसियों में बदलाव से कार्य की निरंतरता टूट जाती है और इसका सीधा नुकसान छात्रों को उठाना पड़ता है।

विक्की आनंद ने कहा कि पहले से ही विश्वविद्यालय के सभी सत्र विलंब से चल रहे हैं। अब परीक्षा स्थगित होने से छात्रों का भविष्य और अधिक अनिश्चित हो गया है। छात्रों ने जल्द नई तिथि घोषित करने और व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।  

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