मुंगेर में दुर्गा पूजा के लिए जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम किए हैं। इसका मकसद मंदिर तक पहुंचने और दर्शन के बाद वापस निकलने में कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना है। डीएम निखिल धनराज, एसपी सैयद इमरान मसूद, सदर एसडीओ कुमार अभिषेक, सदर डीएसपी अभिषेक आनंद और यातायात डीएसपी ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी (17 से 20 अक्टूबर) को मुंगेर शहर की बड़ी दुर्गा मंदिर और शक्तिपीठ चंडिका स्थान पर भारी भीड़ की उम्मीद है।
इस भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को शांति से पूजा करने देने के लिए विशेष तैयारी की गई है। शादीपुर की बड़ी दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार से प्रवेश मिलेगा। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। दर्शन के बाद श्रद्धालु तिलक मैदान की ओर, यानी मंदिर के दक्षिणी द्वार से बाहर निकलेंगे। यानी एक तरीके से कहा जा सकता है कि मंदिर की सामने वाली पश्चिम द्वार से श्रद्धालुओं का प्रवेश होगा और दक्षिण द्वार की ओर निकासी किया जाएगा। इस बीच अगर कोई असहाय और दिव्यांग अगर शादीपुर की बड़ी दुर्गा मंदिर में जाना चाहते हैं तो वैसे विषम परिस्थिति में जिला प्रशासन एवं मौजूद पुलिस अधिकारियों को दक्षिणी द्वार से प्रवेश कराया जाएगा। दक्षिणी द्वार से इमरजेंसी सेवा के लिए मिलेगा प्रवेश इस बीच दक्षिणी द्वार से इमरजेंसी सेवा के लिए जो वाहन प्रवेश करेंगे। जिसमें नगर निगम की साफ सफाई वाली गाड़ी अधिकारियों की गाड़ी और पुलिस वाहन जो दक्षिणी द्वार से प्रवेश करेंगे उन सभी वाहनों को कांग्रेस कार्यालय मैदान परिसर में जो स्टैंड बनाया गया है, उसी में लगाया जाएगा। इसके आगे किसी भी तरह के वाहन को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। जबकि जिला प्रशासन की ओर से बड़ी दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की प्रवेश करने के लिए इस बार कर होल्डिंग एरिया बनाया गया है। जहां की बारी-बारी से सभी होल्डिंग एरिया से श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कराकर मंदिर तक श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से इस बार बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है, जो की मनचली लोगों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर में कमेटी सदस्यों के द्वारा भी कई कैमरा लगाया गया है, जो की प्रतिमा से लेकर मंदिर के अंदर भीड़ की सभी गतिविधियों पर नजर रखा जाएगा। इन सभी कैमरे की निगरानी मंदिर के अंदर कमेटी के सदस्य जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी एलसीडी स्क्रीन के अलावा मोबाइल पर नजर बनाए रखेंगे। पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार इसी तरह शक्तिपीठ चंडिका स्थान में भी इस बार पुरुष और महिला श्रद्धालुओं को अलग-अलग प्रवेश द्वार से मंदिर के गर्भगृह तक जाने दिया जाएगा। इसमें महिला श्रद्धालुओं को चंडिका स्थान की मुख्य गेट जो शेरपुर दुर्गा स्थान जाने वाली मार्ग में पुरानी मुख्य द्वार है उस रास्ते से प्रवेश कराया जाएगा। जबकि पुरुष श्रद्धालुओं को कृष्ण सेतु की ओर से जो नया गेट के साथ रैंप और मंडप बना है उसी होकर पुरुष श्राद्धकुओं का प्रवेश होगा। इसके अलावा जो भी अधिकारी और अतिथि आएंगे वैसे लोगों को भी पुरुष श्रद्धालु जाने वाली मार्ग से मंदिर की गर्भगृह तक ले जाया जाएगा। सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की बेहतर व्यवस्था के लिए जो जिला प्रशासन के द्वारा यह व्यवस्था लागू किया गया है उसमें सभी श्रद्धालुओं के सहयोग की अपेक्षा है। मुंगेर में दुर्गा पूजा के लिए जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम किए हैं। इसका मकसद मंदिर तक पहुंचने और दर्शन के बाद वापस निकलने में कोई परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना है। डीएम निखिल धनराज, एसपी सैयद इमरान मसूद, सदर एसडीओ कुमार अभिषेक, सदर डीएसपी अभिषेक आनंद और यातायात डीएसपी ने संयुक्त रूप से यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी (17 से 20 अक्टूबर) को मुंगेर शहर की बड़ी दुर्गा मंदिर और शक्तिपीठ चंडिका स्थान पर भारी भीड़ की उम्मीद है।
इस भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को शांति से पूजा करने देने के लिए विशेष तैयारी की गई है। शादीपुर की बड़ी दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार से प्रवेश मिलेगा। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं। दर्शन के बाद श्रद्धालु तिलक मैदान की ओर, यानी मंदिर के दक्षिणी द्वार से बाहर निकलेंगे। यानी एक तरीके से कहा जा सकता है कि मंदिर की सामने वाली पश्चिम द्वार से श्रद्धालुओं का प्रवेश होगा और दक्षिण द्वार की ओर निकासी किया जाएगा। इस बीच अगर कोई असहाय और दिव्यांग अगर शादीपुर की बड़ी दुर्गा मंदिर में जाना चाहते हैं तो वैसे विषम परिस्थिति में जिला प्रशासन एवं मौजूद पुलिस अधिकारियों को दक्षिणी द्वार से प्रवेश कराया जाएगा। दक्षिणी द्वार से इमरजेंसी सेवा के लिए मिलेगा प्रवेश इस बीच दक्षिणी द्वार से इमरजेंसी सेवा के लिए जो वाहन प्रवेश करेंगे। जिसमें नगर निगम की साफ सफाई वाली गाड़ी अधिकारियों की गाड़ी और पुलिस वाहन जो दक्षिणी द्वार से प्रवेश करेंगे उन सभी वाहनों को कांग्रेस कार्यालय मैदान परिसर में जो स्टैंड बनाया गया है, उसी में लगाया जाएगा। इसके आगे किसी भी तरह के वाहन को आगे नहीं जाने दिया जाएगा। जबकि जिला प्रशासन की ओर से बड़ी दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की प्रवेश करने के लिए इस बार कर होल्डिंग एरिया बनाया गया है। जहां की बारी-बारी से सभी होल्डिंग एरिया से श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कराकर मंदिर तक श्रद्धालुओं को भेजा जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से इस बार बड़ी दुर्गा मंदिर परिसर में 16 सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है, जो की मनचली लोगों पर नजर रखेंगे। इसके अलावा मंदिर परिसर में कमेटी सदस्यों के द्वारा भी कई कैमरा लगाया गया है, जो की प्रतिमा से लेकर मंदिर के अंदर भीड़ की सभी गतिविधियों पर नजर रखा जाएगा। इन सभी कैमरे की निगरानी मंदिर के अंदर कमेटी के सदस्य जिला प्रशासन के अधिकारी और पुलिस अधिकारी भी एलसीडी स्क्रीन के अलावा मोबाइल पर नजर बनाए रखेंगे। पुरुष और महिला श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार इसी तरह शक्तिपीठ चंडिका स्थान में भी इस बार पुरुष और महिला श्रद्धालुओं को अलग-अलग प्रवेश द्वार से मंदिर के गर्भगृह तक जाने दिया जाएगा। इसमें महिला श्रद्धालुओं को चंडिका स्थान की मुख्य गेट जो शेरपुर दुर्गा स्थान जाने वाली मार्ग में पुरानी मुख्य द्वार है उस रास्ते से प्रवेश कराया जाएगा। जबकि पुरुष श्रद्धालुओं को कृष्ण सेतु की ओर से जो नया गेट के साथ रैंप और मंडप बना है उसी होकर पुरुष श्राद्धकुओं का प्रवेश होगा। इसके अलावा जो भी अधिकारी और अतिथि आएंगे वैसे लोगों को भी पुरुष श्रद्धालु जाने वाली मार्ग से मंदिर की गर्भगृह तक ले जाया जाएगा। सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की बेहतर व्यवस्था के लिए जो जिला प्रशासन के द्वारा यह व्यवस्था लागू किया गया है उसमें सभी श्रद्धालुओं के सहयोग की अपेक्षा है।

