मिर्जापुर। विंध्याचल धाम के त्रिकोण पथ पर स्थित शिवपुर रामगया घाट पर शनिवार को पितरों का पिंडदान करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु दिन भर रेलवे ट्रैक पार कर गंगा घाट पर पहुंचे। पुराने रास्ते के बंद हो जाने से लोगों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। घाट तक पहुंचने के लिए रेलवे लाइन पार करना लोगों की मजबूरी बन गया है। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय नागरिकों ने रेलवे विभाग से यहां ओवर फुट ब्रिज (पैदल उपरिगामी पुल) बनवाने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित रास्ता मिल सके। विंध्याचल त्रिकोण पथ पर स्थित रामगया घाट धार्मिक और पितृ कर्मकांड की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसी घाट पर तारा मंदिर और भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित रामेश्वरम मंदिर हैं। श्रद्धालुओं में बुजुर्गों के साथ महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहते हैं। पुराने मार्ग के बंद होने के कारण लोगों को घाट तक पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक पार करना पड़ रहा है।गंभीर हादसा होने की आशंका बनी रहती है। रेलवे ट्रैक के दोनों ओर स्कूल होने से समस्या और गंभीर हो गई है। रेलवे लाइन के उस पार प्राथमिक विद्यालय और इस पार इंटर कॉलेज स्थित है। ऐसे में प्रतिदिन स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को भी आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों को रेलवे ट्रैक पार करना पड़े तो उनकी सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। स्थानीय नागरिकों ने रेलवे विभाग से रामगया घाट के पास ओवर फुट ब्रिज बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल बनने से श्रद्धालुओं को पिंडदान के लिए घाट तक पहुंचने में सहूलियत होगी। साथ ही स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और आसपास के लोगों को भी रेलवे ट्रैक पार करने की मजबूरी से छुटकारा मिल सकेगा। लोगों की मांग है कि रेलवे विभाग और संबंधित प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्थल का निरीक्षण करें और सुरक्षित आवागमन के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करें।

