मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज में मरीज के इलाज के नाम पर ऑनलाइन भुगतान लेने और सर्जिकल सामान खरीदने के लिए परिजनों पर दबाव बनाने का आरोप सामने आया है। कम्हरिया निवासी अजीत ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता अजीत के अनुसार, उनके परिजन संदीप केशरवानी के हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद मां विंध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज में उपचार करा रहे हैं। आरोप है कि इलाज के दौरान डॉ. राजकुमार भारती ने दवा और इलाज के नाम पर मरीज के परिजनों से 15,230 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कराया। शिकायत में बताया गया है कि यह रकम 5 अगस्त 2026 को शाम करीब 6:41 बजे पेटीएम के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर की गई थी। शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में भुगतान से संबंधित ट्रांजेक्शन आईडी का भी उल्लेख किया है। इसके अतिरिक्त, परिजनों पर इलाज में इस्तेमाल होने वाले सर्जिकल सामान को एक निर्धारित निजी फर्म से खरीदने के लिए दबाव बनाने का आरोप है। शिकायतकर्ता ने एक बिल का हवाला देते हुए दावा किया है कि सर्जिकल सामान की खरीदारी भदोही स्थित ऑर्थो प्लस (Ortho Plus) से कराई गई थी। शिकायतकर्ता ने चिकित्सक पर मरीज के परिजनों को सामान खरीदने के लिए दबाव डालने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। समाजसेवी अनिल कुमार ने भी सरकारी अस्पताल में इस तरह के कथित शोषण को गंभीर बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

