रामगढ़ जिले के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में नवरात्रि के 9वें दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। माता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। लोग यहां पर रामगढ़ के अलावा हजारीबाग, बोकारो, धनबाद और बिहार से भी लोग पहुंच रहे हैं।मंदिर परिसर के 13 हवन कुंडों में श्रद्धालु और साधक मंत्रोच्चार के साथ साधना में लीन दिखे। दामोदर और भैरवी नदी के संगम पर स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ में शामिल है। यहां सालभर श्रद्धालुओं का आगमन होता है, लेकिन नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है। बता दें कि माना जाता है कि यह मंदिर छह हजार वर्ष पुराना है। मंदिर को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इसमें कोलकाता से खास कारीगरों की टीम ने तरह-तरह के फूल और पत्तियों से मंदिर की सजावट की है। इसे रामगढ़ जिले का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। मंदिर में श्रद्धालु मां छिन्नमस्तिका की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्र के पहले दिन से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है पर नवरात्रि के नवमी को कुछ ज्यादा ही भक्त मां की पूजा के लिए यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में मां के जयकारों और पूजा-अर्चना के बीच भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। प्रशासन और न्यास समिति सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं। रजरप्पा मंदिर के मुख्य पुजारी असीम पांडा ने बताया कि आज सुबह 7:54 तक शुभ अष्टमी थी, उसके बाद से नवमी तिथि का आगमन हुआ। आकर्षक लाइटों से रोशन पूरे मंदिर परिसर, मुख्य प्रवेश द्वार और तीनों गुंबदों को आकर्षक लाइटों से रोशन किया गया है। शाम होते ही मंदिर की खूबसूरती बढ़ जाती है। फूलों से तोरण, चादरें और ओम, स्वस्तिक, त्रिशूल जैसे धार्मिक चिन्हों की डिजाइनें बनी हैं। नवरात्र में झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा के लिए रजरप्पा पहुंच रहे हैं। फूलों से सजा यह दरबार भक्तों को खूब आकर्षित कर रहा है। सप्तमी से भीड़ बढ़ने पर प्रशासन ने भी इंतजाम किए हैं। रामगढ़ जिले के रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में नवरात्रि के 9वें दिन सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। माता के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। लोग यहां पर रामगढ़ के अलावा हजारीबाग, बोकारो, धनबाद और बिहार से भी लोग पहुंच रहे हैं।मंदिर परिसर के 13 हवन कुंडों में श्रद्धालु और साधक मंत्रोच्चार के साथ साधना में लीन दिखे। दामोदर और भैरवी नदी के संगम पर स्थित मां छिन्नमस्तिके मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ में शामिल है। यहां सालभर श्रद्धालुओं का आगमन होता है, लेकिन नवरात्र के दौरान विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है। बता दें कि माना जाता है कि यह मंदिर छह हजार वर्ष पुराना है। मंदिर को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया है। इसमें कोलकाता से खास कारीगरों की टीम ने तरह-तरह के फूल और पत्तियों से मंदिर की सजावट की है। इसे रामगढ़ जिले का सबसे प्रसिद्ध मंदिर माना जाता है। मंदिर में श्रद्धालु मां छिन्नमस्तिका की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्र के पहले दिन से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है पर नवरात्रि के नवमी को कुछ ज्यादा ही भक्त मां की पूजा के लिए यहां पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में मां के जयकारों और पूजा-अर्चना के बीच भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। प्रशासन और न्यास समिति सुरक्षा व्यवस्था में लगे हुए हैं। रजरप्पा मंदिर के मुख्य पुजारी असीम पांडा ने बताया कि आज सुबह 7:54 तक शुभ अष्टमी थी, उसके बाद से नवमी तिथि का आगमन हुआ। आकर्षक लाइटों से रोशन पूरे मंदिर परिसर, मुख्य प्रवेश द्वार और तीनों गुंबदों को आकर्षक लाइटों से रोशन किया गया है। शाम होते ही मंदिर की खूबसूरती बढ़ जाती है। फूलों से तोरण, चादरें और ओम, स्वस्तिक, त्रिशूल जैसे धार्मिक चिन्हों की डिजाइनें बनी हैं। नवरात्र में झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन और पूजा के लिए रजरप्पा पहुंच रहे हैं। फूलों से सजा यह दरबार भक्तों को खूब आकर्षित कर रहा है। सप्तमी से भीड़ बढ़ने पर प्रशासन ने भी इंतजाम किए हैं।

