महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता में विवाद:दीपिका राव का दावा- बेटियों के अपमान पर दिया था इस्तीफा, अब किया निष्कासित

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता में विवाद:दीपिका राव का दावा- बेटियों के अपमान पर दिया था इस्तीफा, अब किया निष्कासित

कांग्रेस की राष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता के विजेता चुनने और पुरस्कार राशि का विवाद थम नहीं रहा है। प्रतिभागियों के अपमान का आरोप लगाकर सोशल मीडिया पर त्यागपत्र देने वाली को महिला कांग्रेस ने राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर के पद से निष्काशित कर दिया है। जिस पर दीपिका राव ने कहा कि बेटियों के साथ अन्याय होता देख उन्होंने पहले ही त्यागपत्र दे दिया था, अल्का लांबा ने तो उन्हें केवल पद से निष्काशित किया है। अल्का लांबा ने स्टेट चैंपियन सीए की छात्रा की पेंटिंग को एआई का बताकर न केवल छात्रा, बल्कि उनकी प्रतिभा का भी अपमान किया है। उन्होंने विजेता बनकर जिसे राहुल गांधी से मिलाया, उसने खुद मेरे सामने प्रिंट निकालकर चिपकाने की बात स्वीकार की थी। मैं अल्का लांबा को दोनों छात्राओं से अपने सामने पेटिंग बनवाने की चुनौती देती हूं, सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी। मेरी बात झूठ पाई गई, तो मैं सार्वजनिक रूप से आपसे माफी मांगने में संकोच नहीं करूंगी। 3 हजार से ज्यादा के कलर लगाए सोशल मीडिया पर दूसरा वीडियो जारी कर महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय कॉडिनेटर दीपिका राव ने कहा कि बात इनाम के 10 हजार, 5 हजार की नहीं होती, मान सम्मान की बात होती है। अब मैं ऐसी पेटिंग दिखाउंगी आपको, जिस लड़की की पेडिंग चंडीगढ़ एग्जिविशन में लगती है, तीन दिन लगाकर, 3 हजार से अधिक के अपने कलर लगा दिए। 5 हजार की गाड़ी करके दिल्ली पहुंची, उसका सीए का एग्जाम था, एक दिन वहां जाने में लग गया, चार दिन खराब हो गए। मेरे कहने पर भी एक नहीं सुनीं इसके बाद जब हरियाणा की लड़कियां आई, वो लड़की वहां खड़ी थी, मैने बोला, मैडम हरियाणा में टॉपर है यह लड़की, आप इसकी पेटिंग देखो। एग्जिविशन में लगती है इसकी पेटिंग, बहुत अच्छी है। उनका जवाब था, ये एआई पेटिंग है, ये इसको पांच हजार दे रही हूं, तो बहुत है, अगर मार्केट में मोल लगाओगे, तो 500 भी नहीं मिलेंगे। लड़की रोने लगी, मेरा दिल छलनी हो गया, ये सोचकर कि इसे अब संभालूगी कैसे, उसने कहा मैडम एक रुपया भी ना दिलवाते, पर इतनी भूंडी बेज्जती नहीं करवानी थी मेरी, आल इंडिया लेवल कंम्पीटिशन में आपने बुलाया, सिलेक्ट करने वाली भी अल्का लांबा थी, उस लड़की को बुलाया, अब कौन तो था, जिसने कहा दिया एआई है। अपने मिलवाए, बाकी पीछे धकेले आप प्रूफ करके दिखा दो वो पेटिंग एआई थी। आप जज बिठा दो, अगर फोटो एआई निकली, तो आपसे माफी मांग लूंगी। उसके बाद एक प्रिंट निकालकर लगाने वाली लड़की को 10 हजार मिले। मुझे दुख इस बात का नहीं कि एआई पेटिंग को रुपए मिल गए। वो भी घर से चलकर खर्चा करके आई थी, आपने 10 हजार दे दिए। आपने अपने लोग राहुल गांधी से मिलवा दिए, बाकी भेड़ बकरियों की तरह पीछे रह गए। बात ये थी जिस लड़की ने इतनी मेहनत की, 5 हजार खर्च कर रेवाड़ी से दिल्ली पहुंची, 3 हजार से अधिक के रंग खर्च किए, जिसकी पेटिंग अव्वल दर्जें की होती हैं, जो एग्जिविशन में लगती हैं। आपने उसकी कला का अपमान किया उसका आपने एआई कहकर अंदर से खत्म कर दिया। अब वो कह रही है कि मैडम इतनी बड़ी बेइज्जती से जिंदगी में पेटिंग ना कर पाउंगी। वो लड़की शायद डिप्रेशन में चली जाए, पेटिंग ही एआई की थी, कमाल हो गए, जिसमें 3 दिन लगा दिए। मैने प्रूफ दिए, देखो मैडम एआई नहीं है। मेरी एक नहीं सुनी और लड़की को 5 हजार के लिए बोला गया। पर्ल चौधरी देंगी, कभी देगी तो मुझे नहीं पता दिए जाएंगे या नहीं दिए जाएंगे। पिला को धक्के मारकर निकाला इस्तीफा का मुख्य कारण, आप एक लड़की की इतनी मेहतन पर शाबादी देने की बजाय आप कहते हो हटा पंतग, विरोध करने आए पिता को धक्के मारकर निकलवा दिया। पिता है भाई बेटी थी, दर्द हुआ। ये थी एक बेटी की 15 अगस्त की लड़ाई, उसका मान सम्मान, उसके पिता की बेज्जती, उसकी कला की बेज्जती थी मैडम। आपकी आवाज बहुम बुलंद हैं, मैं कह दूं की एक रोबोट बोलता है और आप आवाज पीछे से चलावा देते हो, फिर आप बोलतो हो, उस दिन आपकी समझ में आएगी शायद, क्या ही जाउ पर्सनल तो, जनता जज कर लेना कौन सी पेटिंग एआई है और कौन सी नहीं है। पिछले दरवाजे से परिचितों को मिलवाया देश की आजादी के 79 साल पूरे होने पर महिला कांग्रेस ने राष्ट्रीय पतंग प्रतियोगिता आयोजित की। जिसमें देशभर से करीब 7 हजार महिलाओं ने भाग लिया। जिनमें से टॉप 79 को चुना जाना था। विजेता को एक लाख, उपविजेता को 50 हजार और तीसरा स्थान पाने वाली को 25 हजार रुपए पुरस्कार दिया जाना था। बाकी बची 76 प्रतिभागियों को 10 हजार रुपए का दिए जाने थे। हरियाणा से 25 का चयन किया गया। जिनमें स्टेट चैंपियन धारूहेड़ा की काजल की पेटिंग भी शामिल थी। प्रतियोगिता में ज्यूरी के चयनित पेटिंग को छोड़ अपने परिचितों की पेटिंग चुनी गई। पहले तीन पुरस्कारों के लिए कोई पेटिंग नहीं चुनी। राहुल गांधी से मिलवाने और पुरस्कार दिलवाने की बात कहकर प्रतिभागियों को 4 घंटे धूप में बिना पानी के खड़े रखा। जब पुरस्कार की बारी आई, तो पिछले दरवाजे से अपने परिचितों को राहुल गांधी से मिलवा दिया। बेटियों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं हरियाणा का नंबर आने पर लड़कियों की संख्या अधिक बताकर 3 से 5 हजार रुपए देने की बात कही। चेक बुक खत्म होने की बात कहकर पैसे बाद में पहुंचाने का आश्वासन दिया। महिला कांग्रेस की राष्ट्री अध्यक्ष अल्का लांबा और उनकी टीम पर प्रतियोगिता के विजेता चुनने में प्रतिभा को छोड़ भाई- भतीजावाद को आधार बनाया गया। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय कॉडिनेटर दीपिका राव ने यह आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर डालकर पद से त्यागपत्र देने की घोषणा कर दी। जिसमें कहा कि बेटियों के साथ अन्याय ना पहले बर्दाश्त किया और ना आगे करूंगी। इसके लिए मैं 36 पद भी छोड़ सकती हूं। प्रदेशाध्यक्ष बोली- बेकार का विवाद प्रदेशाध्यक्ष पर्ल चौधरी ने कहा कि 10 हजार की बात कहां से आ गई, किसको क्या मिलेगा, इसका तो कहीं जिक्र नहीं था। हमने 79 से भी अधिक को चुना, चेक बुक खत्म होने से जिन्हें इनाम नहीं मिला, इनाम उनके घर पहुंच जाएगा। जिस प्रकार की बातें कही जा रही हैं, वैसा कुछ नहीं हुआ। बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। देशभर से करीब 7 हजार ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था।

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