महाष्टमी पर नेपाल के गढ़ीमाई मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़:सुबह से कतार में लगकर की मां की पूजा, मनोकामना पूरी होने की है मान्यता

महाष्टमी पर नेपाल के गढ़ीमाई मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़:सुबह से कतार में लगकर की मां की पूजा, मनोकामना पूरी होने की है मान्यता

नवरात्र की महाष्टमी पर नेपाल के प्रसिद्ध गढ़ीमाई मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर में लंबी कतारें लगी थीं। दूर-दराज से आए भक्त मां गढ़ीमाई के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे। यहां सच्चे मन से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। पूरे दिन मंदिर में भक्ति का माहौल रहा। महिला, पुरुष और बच्चे कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। भक्तों ने पूजा सामग्री के साथ पहुंचकर मां की आराधना की और परिवार की सुख-शांति की कामना की। मंदिर में सुरक्षा के खास इंतजाम भी थे। पुजारी शिव चौधरी ने बताया कि नवरात्र में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, खासकर महाष्टमी पर। उन्होंने यह भी बताया कि हर पांच साल पर यहां एक बड़ा मेला लगता है, जिसमें भारत समेत कई देशों से भक्त शामिल होते हैं। पूजा-अर्चना करने से मानसिक शांति मिलती है वहीं मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि मां गढ़ीमाई की पूजा-अर्चना करने से उन्हें मानसिक शांति और सुख-शांति की अनुभूति होती है। इसी आस्था के कारण वे नवरात्र में मां के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं ने मां से परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना की। नवरात्र की महाष्टमी पर नेपाल के प्रसिद्ध गढ़ीमाई मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिर में लंबी कतारें लगी थीं। दूर-दराज से आए भक्त मां गढ़ीमाई के दर्शन और पूजा के लिए पहुंचे। यहां सच्चे मन से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूरी होने की मान्यता है। पूरे दिन मंदिर में भक्ति का माहौल रहा। महिला, पुरुष और बच्चे कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। भक्तों ने पूजा सामग्री के साथ पहुंचकर मां की आराधना की और परिवार की सुख-शांति की कामना की। मंदिर में सुरक्षा के खास इंतजाम भी थे। पुजारी शिव चौधरी ने बताया कि नवरात्र में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, खासकर महाष्टमी पर। उन्होंने यह भी बताया कि हर पांच साल पर यहां एक बड़ा मेला लगता है, जिसमें भारत समेत कई देशों से भक्त शामिल होते हैं। पूजा-अर्चना करने से मानसिक शांति मिलती है वहीं मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि मां गढ़ीमाई की पूजा-अर्चना करने से उन्हें मानसिक शांति और सुख-शांति की अनुभूति होती है। इसी आस्था के कारण वे नवरात्र में मां के दर्शन करने के लिए यहां पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं ने मां से परिवार और समाज की खुशहाली की प्रार्थना की।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *