बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर लगी रोक पूरे साल लागू कर दी। यह रोक नवरात्रि, दिवाली, क्रिसमस और अन्य सभी त्योहारों पर लागू होगी। आदेश पूरे महाराष्ट्र में त्योहारों के जुलूसों के दौरान शोर और वायु प्रदूषण रोकने के लिए दिया गया है। जस्टिस गिरीश एस. कुलकर्णी और जस्टिस नीला के. गोकले की खंडपीठ ने यह निर्देश दिया। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार, BMC और MPCB को जागरूकता अभियान और शिकायत व्यवस्था शुरू करने को कहा है। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया कि पटाखों के निर्माण और बिक्री पर रोक नहीं लगाई गई है। गणेशोत्सव में दिया था आदेश खंडपीठ ने 22 सितंबर के अपने आदेश का दायरा बढ़ाया। यह आदेश गणेशोत्सव के दौरान दिया गया था। कोर्ट ने त्योहारों के जुलूसों के दौरान गंभीर शोर और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए यह रोक लगाई थी। अब यह आदेश पूरे साल लागू रहेगा। कोर्ट ने बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर गंभीर चिंता जताई। जजों ने कहा कि कानून का पालन नहीं होना समस्या है। यह आदेश ‘हाईकोर्ट ऑन इट्स ओन मोशन बनाम महाराष्ट्र सरकार और अन्य’ मामले में दिया गया। यह मामला सुओ मोटू जनहित याचिका (PIL) और अन्य याचिकाओं से जुड़ा है। इन याचिकाओं में सार्वजनिक सड़कों पर तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम और पटाखे फोड़ने को लेकर गंभीर चिंता जताई गई थी। दिवाली के प्रदूषण से बच्चों और बुजुर्गों पर असर जजों ने कहा कि दिवाली के बाद होने वाला जहरीला प्रदूषण बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर प्रभावित करता है। कोर्ट ने कानूनों को लागू करने में सख्ती की जरूरत बताई। इसके लिए महाराष्ट्र सरकार, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को निर्देश दिए गए।
महाराष्ट्र में पटाखे पूरे साल बैन, बनाने-बेचने पर रोक नहीं:दिवाली-क्रिसमस में नहीं फोड़ सकेंगे; बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- प्रदूषण से शहर गैस चैंबर बन सकते हैं

