भागलपुर के सुल्तानगंज में सावन मास में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। श्रावणी मेले के 24वें दिन शुक्रवार(21 अगस्त 2026) को नमामि गंगे घाट पर कांवरियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। प्रशासनिक आकड़ों के मुताबिक अब तक 47 लाख से ज्यादा शिवभक्त उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर के लिए रवाना हो चुके हैं। नमामि गंगे घाट से लेकर कांवरिया पथ तक हर तरफ ‘बोल-बम और हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। सबका लक्ष्य एक है… 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा के बाद बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक। नंगे पैर तो कोई दंडवत करते हुए बाबा धाम की ओर बढ़ रहा है। रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां कांवरियों के लिए पानी, शरबत, भोजन, फल और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। ‘बाबा सब कष्ट दूर कर देते हैं’ कोलकाता से सुल्तानगंज पहुंचे कांवरिया श्रद्धालु धीरज मंडल ने बताया कि परिवार और साथियों के साथ बाबा धाम में जल चढ़ाने के लिए आए हैं। उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा अजगैबीनाथ का दर्शन करने के बाद देवघर के लिए रवाना होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। रास्ते में मिलने वाली कठिनाइयों के बावजूद बाबा भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा और विश्वास यात्रा को आसान बना देता है। सावन में कांवड़ लेकर देवघर जाने का विशेष महत्व धार्मिक महत्व बताते हुए पंडित देवानंद शुक्ला ने कहा कि सावन में बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर अर्पित करने की विशेष धार्मिक मान्यता है। मान्यता है कि सुल्तानगंज में गंगा उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित होती है, इसलिए यहां से गंगाजल लेकर बाबा धाम में अर्पित करना पुण्यकारी माना जाता है। सावन में कांवर यात्रा भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपरा है। श्रद्धालु पूरे नियम और निष्ठा के साथ कांवर में गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करते हैं। अलर्ट मोड में पुलिस नमामि गंगे घाट पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, गंगा स्नान और जल भरने के दौरान निगरानी की जा रही है। स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में कांवरियों को सुरक्षित तरीके से गंगा स्नान कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी से रखी जा रही निगरानी कांवरिया पथ पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार मिल सके। भागलपुर के सुल्तानगंज में सावन मास में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। श्रावणी मेले के 24वें दिन शुक्रवार(21 अगस्त 2026) को नमामि गंगे घाट पर कांवरियों की भीड़ उमड़ पड़ी है। प्रशासनिक आकड़ों के मुताबिक अब तक 47 लाख से ज्यादा शिवभक्त उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर के लिए रवाना हो चुके हैं। नमामि गंगे घाट से लेकर कांवरिया पथ तक हर तरफ ‘बोल-बम और हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। सबका लक्ष्य एक है… 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा के बाद बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक। नंगे पैर तो कोई दंडवत करते हुए बाबा धाम की ओर बढ़ रहा है। रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां कांवरियों के लिए पानी, शरबत, भोजन, फल और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। ‘बाबा सब कष्ट दूर कर देते हैं’ कोलकाता से सुल्तानगंज पहुंचे कांवरिया श्रद्धालु धीरज मंडल ने बताया कि परिवार और साथियों के साथ बाबा धाम में जल चढ़ाने के लिए आए हैं। उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर बाबा अजगैबीनाथ का दर्शन करने के बाद देवघर के लिए रवाना होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। रास्ते में मिलने वाली कठिनाइयों के बावजूद बाबा भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा और विश्वास यात्रा को आसान बना देता है। सावन में कांवड़ लेकर देवघर जाने का विशेष महत्व धार्मिक महत्व बताते हुए पंडित देवानंद शुक्ला ने कहा कि सावन में बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर अर्पित करने की विशेष धार्मिक मान्यता है। मान्यता है कि सुल्तानगंज में गंगा उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित होती है, इसलिए यहां से गंगाजल लेकर बाबा धाम में अर्पित करना पुण्यकारी माना जाता है। सावन में कांवर यात्रा भगवान शिव और माता पार्वती की भक्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपरा है। श्रद्धालु पूरे नियम और निष्ठा के साथ कांवर में गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ को अर्पित करते हैं। अलर्ट मोड में पुलिस नमामि गंगे घाट पर श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की ओर से भी सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही, गंगा स्नान और जल भरने के दौरान निगरानी की जा रही है। स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी में कांवरियों को सुरक्षित तरीके से गंगा स्नान कराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। सीसीटीवी से रखी जा रही निगरानी कांवरिया पथ पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार मिल सके।

