मधेपुरा जिला परिषद विवाह भवन में लोकमंच के बैनर तले ब्राह्मण समाज की बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे समाज के बुद्धिजीवी, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। बैठक में शिक्षा, सरकारी नौकरी, राजनीति और सरकारी योजनाओं में ब्राह्मण समाज को उचित भागीदारी देने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और राजनीतिक नेतृत्व के सामने अपनी मांग रखनी होगी। बैठक में ब्राह्मण समाज को आर्थिक रूप से संपन्न मानने की धारणा पर भी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के कई परिवार आज भी आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ‘कई परिवार मजदूरी कर रहे, योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए’ बैठक में कहा गया कि कई परिवारों के पास रहने के लिए पर्याप्त जमीन तक नहीं है, जबकि कुछ परिवार मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को उनकी वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। ‘ब्राह्मणों ने दूसरों को ताज पहनाया, अब उचित भागीदारी मिले’ सीमांचल कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर अजय झा ने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और समाज ने देश की उन्नति में हमेशा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने कभी ताज पाने की राजनीति नहीं की, बल्कि दूसरों को ताज पहनाने का काम किया। अब समाज को शिक्षा, सरकारी नौकरी, राजनीति और सरकारी योजनाओं में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। ‘दूसरे वर्ग को पीछे करने की मांग नहीं, अपनी समस्याओं पर ध्यान चाहिए’ लोकमंच के संस्थापक एवं मुख्य अतिथि आशीष कुमार झा उर्फ बब्बू झा ने कहा कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र के ब्राह्मण समाज के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन, शिक्षा, समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकमंच समाज की आवाज बनकर ब्राह्मणों से जुड़े मुद्दों को सरकार और राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचाएगा। आशीष झा ने स्पष्ट किया कि समाज किसी दूसरे वर्ग को पीछे करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि अपनी समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान चाहता है। नवंबर में पटना से निकलेगी पदयात्रा आशीष झा ने बताया कि लोकमंच की मांगों के समर्थन में नवंबर में पटना के मिलर हाई स्कूल से पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें राज्यभर के ब्राह्मण समाज के लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। मधेपुरा जिला परिषद विवाह भवन में लोकमंच के बैनर तले ब्राह्मण समाज की बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे समाज के बुद्धिजीवी, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। बैठक में शिक्षा, सरकारी नौकरी, राजनीति और सरकारी योजनाओं में ब्राह्मण समाज को उचित भागीदारी देने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और राजनीतिक नेतृत्व के सामने अपनी मांग रखनी होगी। बैठक में ब्राह्मण समाज को आर्थिक रूप से संपन्न मानने की धारणा पर भी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के कई परिवार आज भी आर्थिक रूप से कमजोर हैं। ‘कई परिवार मजदूरी कर रहे, योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए’ बैठक में कहा गया कि कई परिवारों के पास रहने के लिए पर्याप्त जमीन तक नहीं है, जबकि कुछ परिवार मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को उनकी वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। ‘ब्राह्मणों ने दूसरों को ताज पहनाया, अब उचित भागीदारी मिले’ सीमांचल कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर अजय झा ने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और समाज ने देश की उन्नति में हमेशा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने कभी ताज पाने की राजनीति नहीं की, बल्कि दूसरों को ताज पहनाने का काम किया। अब समाज को शिक्षा, सरकारी नौकरी, राजनीति और सरकारी योजनाओं में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। ‘दूसरे वर्ग को पीछे करने की मांग नहीं, अपनी समस्याओं पर ध्यान चाहिए’ लोकमंच के संस्थापक एवं मुख्य अतिथि आशीष कुमार झा उर्फ बब्बू झा ने कहा कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र के ब्राह्मण समाज के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन, शिक्षा, समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकमंच समाज की आवाज बनकर ब्राह्मणों से जुड़े मुद्दों को सरकार और राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचाएगा। आशीष झा ने स्पष्ट किया कि समाज किसी दूसरे वर्ग को पीछे करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि अपनी समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान चाहता है। नवंबर में पटना से निकलेगी पदयात्रा आशीष झा ने बताया कि लोकमंच की मांगों के समर्थन में नवंबर में पटना के मिलर हाई स्कूल से पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें राज्यभर के ब्राह्मण समाज के लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।

