मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के रामपट्टी जेल में 10 अगस्त को बंदी रौशन यादव की मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर 21 सितंबर को कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसे देखते हुए मधुबनी पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस मामले में सोशल मीडिया पर मधुबनी पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। इसके बाद पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। बुधवार को मधुबनी कलेक्ट्रेट स्थित अपने ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए एसएसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि बंदी रौशन यादव की मौत की उच्चस्तरीय जांच चल रही है। उन्होंने साफ कहा कि मधुबनी पुलिस न तो किसी को फंसाती है और न ही किसी को बचाती है। एसएसपी ने बताया कि रौशन यादव अपराधी था। जेल में उसकी मौत किन हालात में हुई, इसकी जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह मामला जेल से जुड़ा है और जेल में हुई घटना में मधुबनी पुलिस की सीधी भूमिका नहीं है। एसएसपी ने कहा कि किसी अपराधी का समर्थन करना सही नहीं है। उन्होंने 21 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन को लेकर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत है। हालांकि, अगर प्रदर्शन के दौरान कोई उपद्रव करता है या कोई गलत घटना करने की कोशिश करता है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। योगेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस की सोशल मीडिया पर पूरी नजर है। मधुबनी पुलिस आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले लोगों को पहचान रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ सबूतों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री न फैलाने की अपील की। मधुबनी जिले के राजनगर थाना क्षेत्र के रामपट्टी जेल में 10 अगस्त को बंदी रौशन यादव की मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर 21 सितंबर को कई राजनीतिक दलों और संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसे देखते हुए मधुबनी पुलिस ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस मामले में सोशल मीडिया पर मधुबनी पुलिस के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं। इसके बाद पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर रख रही है। बुधवार को मधुबनी कलेक्ट्रेट स्थित अपने ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए एसएसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि बंदी रौशन यादव की मौत की उच्चस्तरीय जांच चल रही है। उन्होंने साफ कहा कि मधुबनी पुलिस न तो किसी को फंसाती है और न ही किसी को बचाती है। एसएसपी ने बताया कि रौशन यादव अपराधी था। जेल में उसकी मौत किन हालात में हुई, इसकी जांच संबंधित अधिकारी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि यह मामला जेल से जुड़ा है और जेल में हुई घटना में मधुबनी पुलिस की सीधी भूमिका नहीं है। एसएसपी ने कहा कि किसी अपराधी का समर्थन करना सही नहीं है। उन्होंने 21 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन को लेकर कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत है। हालांकि, अगर प्रदर्शन के दौरान कोई उपद्रव करता है या कोई गलत घटना करने की कोशिश करता है, तो ऐसे लोगों के खिलाफ नियमों के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। योगेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस की सोशल मीडिया पर पूरी नजर है। मधुबनी पुलिस आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले लोगों को पहचान रही है। ऐसे लोगों के खिलाफ सबूतों के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह या आपत्तिजनक सामग्री न फैलाने की अपील की।

