Sonu Sood on Nepal Flood Work: नेपाल इस समय सदी की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। रसुवा, भोटे कोशी और त्रिशूली नदी के तटीय इलाकों में आए जलप्रलय ने तबाही मचा रखी है। इस संकट की घड़ी में हमेशा की तरह मदद का हाथ बढ़ाने बॉलीवुड के अभिनेता सोनू सूद पहुंच गए हैं और राहत कार्यों में जुट गए हैं। लेकिन इंटरनेट पर उस समय विवाद खड़ा हो गया जब एक पत्रकार ने उनके राहत कार्यों को ‘मार्केटिंग कैंपेन’ बता दिया। अब एक्टर ने बिना भड़के बेहद शांत और शालीन अंदाज में आलोचक को ऐसा जवाब दिया, जिसकी चारों तरफ तारीफ हो रही है।
सोनू सद के काम को पत्रकार ने बताया था मार्केटिंग
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब एक पत्रकार ने सोशल मीडिया पर सोनू सूद की नेपाल यात्रा और वहां शुरू किए गए राहत कार्यों पर सवाल उठाए। पत्रकार ने लिखा कि अगर यह सोनू सूद की मार्केटिंग नहीं है, तो फिर क्या है? उन्होंने आरोप लगाया कि नेपाल पहुंचते ही बच्चों के ‘संरक्षक’ बनने और काम शुरू होने से पहले ही उन्हें भगवान की तरह पेश करने का पब्लिसिटी स्टंट शुरू कर दिया गया है।
इस तीखी आलोचना पर 53 साल के अभिनेता सोनू सूद ने संयम से काम लिया। उन्होंने मीडियाकर्मी को ‘भाई’ कहकर संबोधित करते हुए लिखा, “आप अच्छे इंसान हैं, भाई! नेपाल आइए, हम दोनों भाई साथ मिलकर काम करेंगे।”
सोनू सूद ने शेयर की तबाही की भयावह तस्वीरें
फिल्म ‘फतेह’ के अभिनेता सोनू सूद लगातार नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से जमीनी हालात के वीडियो और तस्वीरें शेयर कर रहे हैं। उन्होंने त्रिशूली नदी के पास खड़े होकर एक भावुक संदेश शेयर करते हुए कहा कि बाढ़ ने अकल्पनीय तबाही मचाई है। टूटे घर, बिखरे परिवार और हमेशा के लिए बदल चुकी जिंदगियों को देखकर दिल दहल जाता है।
सोनू ने विश्वास दिलाते हुए कहा कि नेपाल इस त्रासदी में अकेला नहीं है। वह यहां उम्मीद जगाने, बेघर हुए लोगों के लिए घर बनाने और परिवारों को फिर से खड़े करने में हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि भारत से कंबल, राशन और राहत सामग्री मंगवाई गई है और यह मदद आने वाले कई महीनों तक जारी रहेगी।

नेपाल में बाढ़ का कहर
सोनू सूद नेपाल इसलिए पहुंचे हैं ताकि वहां जरूरतमंदों की मदद की जा सके। 26 अगस्त को रसुवा जिले से शुरू हुई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने कई निचले जिलों को पूरी तरह तबाह कर दिया है। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, इस त्रासदी में मृतकों की संख्या 1,259 तक पहुंच गई है, जबकि लगभग 4,216 लोग अभी भी लापता हैं। ऐसे समय में सोनू सूद का वहां पहुंचना पीड़ितों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है।
बचाव अभियान का दायरा अभी भी बहुत बड़ा है। अब तक 11,993 लोगों को बचाया जा चुका है और 5,135 घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। इनमें से 301 लोगों का अस्पतालों में इलाज किया गया, जबकि नेपाली सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने क्रमशः 3,206 और 1,628 लोगों को चिकित्सा सहायता प्रदान की।

