‘मजबूत महिला’ शब्द लगता है एक तरह की गाली’ तापसी पन्नू ने महिला और पुरुष की तुलना पर दिया बयान

‘मजबूत महिला’ शब्द लगता है एक तरह की गाली’ तापसी पन्नू ने महिला और पुरुष की तुलना पर दिया बयान

Taapsee pannu On Strong Women: बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में कंगना रनौत संग उनकी जुबानी जंग ने खूब लाइमलाइट बटोरी थी, लेकिन अब उन्होंने अपनी फिल्म गांधारी की रिलीज से पहले ‘स्ट्रांग वुमन’ यानी मजबूत महिला जैसे बड़े शब्द को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह अब एक गाली जैसा लगता है। क्योंकि इस शब्द का मतलब समाज में इतना गलत निकाला जाने लगा है कि अब यह किसी तारीफ के बजाय अपमान जैसा महसूस होता है। 

तापसी पन्नू ने मजबूत महिला को क्यों कहां गाली शब्द?

तापसी पन्नू ने इंडिया टुडे संग खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने ‘नारीवाद’ शब्द के संदर्भ में सहमति जताई। उन्होंने कहा लोगों को इसकी परिभाषा पता ही नहीं है इसलिए वह इसका गलत अर्थ निकालते रहते हैं।”

तापसी पन्नू ने मजबूत महिला को लेकर कहा, “आजकल ‘स्ट्रॉन्ग वुमन’ की धारणा एक तरह की गाली जैसी लगने लगी है, क्योंकि लोगों को इसकी सही परिभाषा ही नहीं पता। मैंने जो सशक्त किरदार निभाए हैं, उनके लिए मैं कभी माफी नहीं मांग सकती। लेकिन क्या आपने कभी किसी पुरुष अभिनेता से पूछा है कि आपने पूरे करियर में सिर्फ मजबूत किरदार ही क्यों निभाए? मेरी ताकत का अंदाजा स्क्रीन पर बिताए गए समय से नहीं लगाया जा सकता।”

तापसी ने आगे अपनी फिल्म ‘बेबी’ का उदाहरण देते हुए याद किया कि कैसे महज 7 मिनट के रोल से लोगों ने उन्हें नोटिस किया था और फिर आगे चलकर उन्हें ‘नाम शबाना’ जैसी मुख्य भूमिका वाली फिल्म मिली थी।

‘सशक्त महिला नहीं हो सकती फनी?’

तापसी पन्नू के अनुसार एक सशक्त महिला की अवधारणा अभी भी एक विशेष व्यक्तित्व और लहजे से बहुत अधिक जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा, “एक सशक्त महिला की अवधारणा में बहुत बदलाव आया है, लेकिन दुर्भाग्य से, यह अभी भी गंभीर और संजीदा विषयों तक ही सीमित है।”

तापसी ने आगे कहा, “आप मजबूत महिला होकर हास्यप्रद (फनी) नहीं हो सकतीं। अगर आप हास्यप्रद हैं, तो आप कमजोर हो जाती हैं। आप सशक्त महिला होकर आकर्षक नहीं हो सकतीं, क्योंकि तब आप सिर्फ सौंदर्य की वस्तु बनकर रह जाती हैं। क्यों? क्या एक सशक्त महिला आकर्षक नहीं दिख सकती या हास्यप्रद नहीं हो सकती?”

अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें खुद भी इस धारणा का सामना करना पड़ा है। उन्होंने हंसते हुए कहा, “पता नहीं क्यों, लोग अब भी मेरी कॉमेडी स्क्रिप्ट के लिए पैसे नहीं दे पाते।” तापसी पन्नू ने कहा कि उनका मानना है कि ताकत की एक से अधिक परिभाषाएं होनी चाहिए।

‘गांधारी’ से वापसी

‘पिंक’, ‘थप्पड़’, ‘बदला’ और ‘हसीन दिलरुबा’ जैसी बेहतरीन फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाने वाली तापसी अब देवाशीष मखीजा के निर्देशन और कनिका ढिल्लों के लेखन में बनी फिल्म ‘गांधारी’ में नजर आने वाली हैं। इसमें वह अपनी अगवा बेटी की तलाश में निकली एक निडर मां ‘बानी’ का किरदार निभा रही हैं। यह फिल्म 3 सितंबर को सीधे नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी।

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