मंदसौर में दो मामलों में 5 आरोपियों को सजा:डोडाचूरा तस्करी में 2 को 5-5 साल की जेल, हत्या में 3 को उम्रकैद

मंदसौर में दो मामलों में 5 आरोपियों को सजा:डोडाचूरा तस्करी में 2 को 5-5 साल की जेल, हत्या में 3 को उम्रकैद

मंदसौर जिला कोर्ट ने शुक्रवार को दो अलग-अलग मामलों में पांच आरोपियों को सजा सुनाई। डोडाचूरा तस्करी के मामले में दो आरोपियों को 5-5 साल की जेल और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। वहीं, मुल्तानपुरा में युवक की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इस मामले में दो अन्य आरोपी शाहरुख और शकील फैसले के दिन फरार हो गए। 26 किलो 400 ग्राम डोडाचूरा ले जा रहे थे आरोपी पुलिस मीडिया सेल प्रभारी बलराम सोलंकी ने बताया कि 16 जनवरी 2019 को सुवासरा पुलिस को डोडाचूरा तस्करी की सूचना मिली थी। हंसपुरा गांव के कृपाल सिंह (35) और भंवर सिंह (56) दो मोटरसाइकिलों से 26 किलो 400 ग्राम डोडाचूरा लेकर सुवासरा रेलवे स्टेशन जा रहे थे। पुलिस ने पेट्रोल पंप चौराहे पर घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। मोटरसाइकिल चालक मौके से भाग निकले थे। जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया। अतिरिक्त विशेष न्यायाधीश मुनेन्द्र सिंह वर्मा ने दोनों को दोषी मानते हुए 5-5 साल की जेल और 25-25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक चौपसिंह ठाकुर ने पैरवी की। जीजा को गाली देने के आरोप पर हुआ था विवाद दूसरा मामला 10 जून 2021 की रात मुल्तानपुरा का है। अभियोजन के अनुसार, आबिद गुटी अपने दोस्त सादिक के साथ गांव के सरकारी स्कूल के गेट के बाहर पंचायत के पास बैठा था। तभी लतीफ सुसाडिया और सद्दाम कोका वहां पहुंचे। उन्होंने आबिद पर अपने जीजा शाहरुख को गाली देने का आरोप लगाते हुए विवाद शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों ने लोहे के पाइप से आबिद की पिटाई की। बीच-बचाव करने आए सादिक के साथ भी मारपीट की गई। कुछ देर बाद शाहरुख, फिरोज और शकील भी वहां पहुंचे। उन्होंने लकड़ियों और लोहे के पाइप से आबिद को पीटा। इस घटना में आबिद के हाथ-पैर में चोटें आईं। उसे मंदसौर जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर इंदौर के एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या की धारा जोड़कर जांच पूरी की और कोर्ट में अभियोग पत्र पेश किया। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश मंजू सिंह ने मुल्तानपुरा निवासी लतीफ सुसाडिया (47), फिरोज झोपड़ी (21) और सद्दाम कोका (34) को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई। अभियोजन के अनुसार, शाहरुख और शकील फैसले के दिन से फरार हैं। शासन की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन गजराज सिंह चौहान ने पैरवी की।

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