भोजपुर के अजीमाबाद थाना क्षेत्र के चिल्हर गांव में गुरुवार को पोखरा में डूबने से युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान अजीमाबाद थाना क्षेत्र के चिल्हर गांव वार्ड नंबर-8 के रहने वाले शंकर खलीफा के बेटे 23 साल के संतोष कुमार के रूप में हुई है, जो पेशे से मजदूर था। अगिआवं प्रखंड के किरकिरी पंचायत के पंचायत सचिव सुनील पासवान ने बताया कि संतोष कुमार खेत में काम करने के लिए जा रहा था। रास्ते में कानों का पोखरा पड़ता है। खेत जाने के दौरान बीच रास्ते में तालाब के पास संतोष को चक्कर आ गया और वो पानी में गिरकर डूब गया। सुनील पासवान ने बताया कि तालब में गिरने के बाद काफी देर तक संतोष खेत में पहले से काम कर रहे लोगों के पास नहीं पहुंचा। देर शाम तक वो घर भी नहीं आया। इसके बाद परिजन ने संतोष की तलाश शुरू की। उन्होंने बताया कि खेत में पहले से काम कर रहे लोगों और परिवार के अन्य सदस्यों ने संतोष की खोजबीन शुरू की। इसी दौरान रास्ते में पड़ने वाले तालाब में संतोष की लाश दिखी। परिजन और गांव के लोगों ने तत्काल उसकी लाश को निकाला और इस संबंध में पुलिस को जानकारी दी गई। तीन भाई और एक बहन में सबसे छोटा था संतोष सूचना पाकर स्थानीय थाना मौके पर पहुंच शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। देर शाम संतोष की लाश को पुलिस ने परिजन को सौंप दिया। बताया जाता है कि संतोष अपने तीन भाई और एक बहन में छोटा था। संतोष की चार साल पहले ज्योति से शादी हुई थी। ज्योति और संतोष को एक बेटा पीयूष और एक बेटी प्रियांशी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। उसकी पत्नी ज्योति देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। भोजपुर के अजीमाबाद थाना क्षेत्र के चिल्हर गांव में गुरुवार को पोखरा में डूबने से युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान अजीमाबाद थाना क्षेत्र के चिल्हर गांव वार्ड नंबर-8 के रहने वाले शंकर खलीफा के बेटे 23 साल के संतोष कुमार के रूप में हुई है, जो पेशे से मजदूर था। अगिआवं प्रखंड के किरकिरी पंचायत के पंचायत सचिव सुनील पासवान ने बताया कि संतोष कुमार खेत में काम करने के लिए जा रहा था। रास्ते में कानों का पोखरा पड़ता है। खेत जाने के दौरान बीच रास्ते में तालाब के पास संतोष को चक्कर आ गया और वो पानी में गिरकर डूब गया। सुनील पासवान ने बताया कि तालब में गिरने के बाद काफी देर तक संतोष खेत में पहले से काम कर रहे लोगों के पास नहीं पहुंचा। देर शाम तक वो घर भी नहीं आया। इसके बाद परिजन ने संतोष की तलाश शुरू की। उन्होंने बताया कि खेत में पहले से काम कर रहे लोगों और परिवार के अन्य सदस्यों ने संतोष की खोजबीन शुरू की। इसी दौरान रास्ते में पड़ने वाले तालाब में संतोष की लाश दिखी। परिजन और गांव के लोगों ने तत्काल उसकी लाश को निकाला और इस संबंध में पुलिस को जानकारी दी गई। तीन भाई और एक बहन में सबसे छोटा था संतोष सूचना पाकर स्थानीय थाना मौके पर पहुंच शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। देर शाम संतोष की लाश को पुलिस ने परिजन को सौंप दिया। बताया जाता है कि संतोष अपने तीन भाई और एक बहन में छोटा था। संतोष की चार साल पहले ज्योति से शादी हुई थी। ज्योति और संतोष को एक बेटा पीयूष और एक बेटी प्रियांशी है। घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है। उसकी पत्नी ज्योति देवी एवं परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

