‘भारत ग्लोबल पावर बने, यह जरूरी है’, BRICS के बाद इजरायल ने की इंडिया की कूटनीति की तारीफ

‘भारत ग्लोबल पावर बने, यह जरूरी है’, BRICS के बाद इजरायल ने की इंडिया की कूटनीति की तारीफ

BRICS Indian Diplomacy: भारत की विदेश नीति को लेकर इजरायल से बड़ी तारीफ सामने आई है। इजरायल के कॉन्सुल जनरल यानिव रेवाच ने भारत के कूटनीतिक तरीके को प्रैक्टिकल बताया है। उन्होंने BRICS में भारत की भूमिका की भी सराहना की।

रेवाच के मुताबिक, भारत अलग-अलग देशों के साथ रिश्ते रखते हुए रणनीतिक संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक ग्लोबल पावर के तौर पर भारत के लिए ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच बेहद महत्वपूर्ण हैं। बहुत जरुरी है कि भारत ग्लोबल पावर बने।

BRICS में भारत की भूमिका को बताया अहम

यानिव रेवाच ने कहा कि BRICS भारत के लिए अपनी ग्लोबल भूमिका मजबूत करने का बड़ा मंच है। भारत इस संगठन में ईरान जैसे देशों के साथ भी काम करता है। दूसरी ओर, इजरायल और UAE जैसे देशों के साथ उसके मजबूत रणनीतिक रिश्ते हैं।

रेवाच के मुताबिक, भारत इन अलग-अलग रिश्तों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है। यही भारत की कूटनीति की खासियत है। BRICS को केवल पश्चिमी देशों के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। यह इंटरनेशनल कोऑपरेशन का एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है। भारत ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा उन्होंने साइबर सिक्योरिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इकोनॉमिक कोऑपरेशन जैसे क्षेत्रों में भी भारत की पहल को महत्वपूर्ण बताया।

भारत-इजरायल रिश्तों में बढ़ रहा सहयोग

यानिव रेवाच ने भारत और इजरायल के बीच बढ़ते सहयोग का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फरवरी में इजरायल दौरे के बाद दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ा है।

रेवाच के मुताबिक, दोनों देशों ने 17 से ज्यादा समझौतों पर काम किया है। इनमें कृषि, साइबर टेक्नोलॉजी, पानी, संस्कृति और रक्षा जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने खास तौर पर कृषि और जल क्षेत्र में सहयोग को विन-विन मॉडल बताया। इजरायल की तकनीक और भारत के बड़े पैमाने को जोड़कर नए समाधान तैयार किए जा सकते हैं। उनके मुताबिक, दोनों देशों के बीच यह साझेदारी आने वाले समय में और मजबूत हो सकती है।

हाइफा में शिवाजी महाराज की प्रतिमा बनेगी

भारत और इजरायल के रिश्तों को जोड़ने वाला एक और अहम प्रोजेक्ट छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा है। रेवाच ने इसे अपने लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना पर महाराष्ट्र सरकार के कार्यालय के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। प्रतिमा के डिजाइन के लिए मुंबई के जेजे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के साथ समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह प्रतिमा इजरायल के हाइफा स्थित अडानी पोर्ट पर लगाई जाएगी। रेवाच ने इसे भारत और इजरायल के बीच एक खास कनेक्शन बताया।

उनके मुताबिक, यह प्रोजेक्ट दोनों देशों के ऐतिहासिक और आधुनिक रिश्तों को एक नया प्रतीक देगा। वहीं, BRICS में भारत की सक्रिय भूमिका और इजरायल के साथ बढ़ता सहयोग दिखाता है कि नई दिल्ली अपनी विदेश नीति में कई मोर्चों पर संतुलन साध रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *