भागलपुर में दुर्गापूजा को लेकर प्रशासन सख्त:डीजे पर पूरी तरह से रोक, बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जुलूस; रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर भी बंद

भागलपुर में दुर्गापूजा को लेकर प्रशासन सख्त:डीजे पर पूरी तरह से रोक, बिना लाइसेंस नहीं निकलेगा जुलूस; रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर भी बंद

भागलपुर प्रशासन ने दुर्गापूजा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। विसर्जन जुलूस में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बिना लाइसेंस कोई भी जुलूस नहीं निकलेगा। पंडालों में सीसीटीवी कैमरे और स्वयंसेवक तैनात करना जरूरी होगा। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर भी रोक रहेगी। बुधवार को डीएम अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। जिसमें एसएसपी प्रमोद कुमार यादव भी शामिल हुए। मीटिंग में पूजा स्थलों और विसर्जन मार्गों की सफाई, खराब सड़कों की मरम्मत, घाटों पर रोशनी और बैरिकेडिंग जैसे मुद्दे उठे। नगर निगम को पूजा स्थलों पर ब्लीचिंग पाउडर और चूना छिड़कने, साथ ही रात में कचरा उठाने के निर्देश दिए गए। पंडाल के आगे ठेला-खोमचा लगाया तो बिगड़ सकती है व्यवस्था प्रशासन ने पूजा समितियों को पंडालों के आसपास और सड़कों के दोनों ओर ठेला-खोमचा लगाने को लेकर भी सावधान किया है। डीएम ने कहा कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिससे फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस या प्रशासनिक वाहनों का रास्ता बाधित हो।पंडालों के आसपास लगने वाली चिमकी लाइट को भी कम से कम 16 फीट की ऊंचाई पर लगाने का आग्रह किया गया, ताकि बड़े वाहनों और यातायात के आवागमन में परेशानी नहीं हो। बड़े पंडालों में सीसीटीवी, स्वयंसेवकों के पास रहेगा पहचान पत्र प्रशासन ने बड़े पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया है। पंडाल निर्माण से पहले उचित कार्य योजना और नक्शा तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। पूजा समितियों को अपने स्वयंसेवकों को पहचान पत्र या बैज उपलब्ध कराने को कहा गया है। रात्रि के समय पंडालों में कम से कम दो से तीन स्वयंसेवकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहयोग मिल सके। विसर्जन जुलूस में डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा कोई भी जुलूस बिना लाइसेंस के नहीं निकाला जाएगा। पूजा समितियों को पहले से निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। पूजा के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पंडालों के आसपास भी सुरक्षा बल मौजूद रहेंगे। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जरूरत पड़ी तो बदलेगा शहर का ट्रैफिक रूट दुर्गापूजा के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए कई स्थानों पर जरूरत के अनुसार वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की जा सकती है। एसएसपी ने कहा कि ट्रैफिक में बदलाव की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यातायात संबंधी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें, ताकि पूजा के दौरान जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। पंडाल में बालू-पानी के ड्रम रखना होगा जरूरी अग्नि सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने पूजा समितियों को विशेष निर्देश दिए हैं। पंडाल के आकार के अनुरूप पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ-साथ पंडालों में बालू और पानी से भरे ड्रम रखने को कहा गया है। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि भीड़ के दौरान अव्यवस्था की स्थिति न बने। छोटी घटना को बड़ी बनने से पहले रोकने की अपील एसएसपी ने पूजा समितियों और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को दें। समय पर सूचना मिलने से छोटी घटना को बड़ी घटना में बदलने से रोका जा सकता है। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद बैठक में उप विकास आयुक्त और नगर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाए। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया। इसके साथ ही प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का निर्देश दिया गया, ताकि विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने न आए। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सभी थाना अध्यक्ष, वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी तथा जिला शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे। भागलपुर प्रशासन ने दुर्गापूजा को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। विसर्जन जुलूस में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। बिना लाइसेंस कोई भी जुलूस नहीं निकलेगा। पंडालों में सीसीटीवी कैमरे और स्वयंसेवक तैनात करना जरूरी होगा। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर भी रोक रहेगी। बुधवार को डीएम अलंकृता पांडे की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक हुई। जिसमें एसएसपी प्रमोद कुमार यादव भी शामिल हुए। मीटिंग में पूजा स्थलों और विसर्जन मार्गों की सफाई, खराब सड़कों की मरम्मत, घाटों पर रोशनी और बैरिकेडिंग जैसे मुद्दे उठे। नगर निगम को पूजा स्थलों पर ब्लीचिंग पाउडर और चूना छिड़कने, साथ ही रात में कचरा उठाने के निर्देश दिए गए। पंडाल के आगे ठेला-खोमचा लगाया तो बिगड़ सकती है व्यवस्था प्रशासन ने पूजा समितियों को पंडालों के आसपास और सड़कों के दोनों ओर ठेला-खोमचा लगाने को लेकर भी सावधान किया है। डीएम ने कहा कि ऐसी कोई व्यवस्था नहीं होनी चाहिए जिससे फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस या प्रशासनिक वाहनों का रास्ता बाधित हो।पंडालों के आसपास लगने वाली चिमकी लाइट को भी कम से कम 16 फीट की ऊंचाई पर लगाने का आग्रह किया गया, ताकि बड़े वाहनों और यातायात के आवागमन में परेशानी नहीं हो। बड़े पंडालों में सीसीटीवी, स्वयंसेवकों के पास रहेगा पहचान पत्र प्रशासन ने बड़े पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने पर जोर दिया है। पंडाल निर्माण से पहले उचित कार्य योजना और नक्शा तैयार करने का भी निर्देश दिया गया। पूजा समितियों को अपने स्वयंसेवकों को पहचान पत्र या बैज उपलब्ध कराने को कहा गया है। रात्रि के समय पंडालों में कम से कम दो से तीन स्वयंसेवकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहयोग मिल सके। विसर्जन जुलूस में डीजे पर पूरी तरह प्रतिबंध एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा कोई भी जुलूस बिना लाइसेंस के नहीं निकाला जाएगा। पूजा समितियों को पहले से निर्धारित नियमों का पालन करना होगा। पूजा के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पंडालों के आसपास भी सुरक्षा बल मौजूद रहेंगे। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। जरूरत पड़ी तो बदलेगा शहर का ट्रैफिक रूट दुर्गापूजा के दौरान शहर में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए कई स्थानों पर जरूरत के अनुसार वन-वे यातायात व्यवस्था लागू की जा सकती है। एसएसपी ने कहा कि ट्रैफिक में बदलाव की जानकारी मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यातायात संबंधी निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें, ताकि पूजा के दौरान जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। पंडाल में बालू-पानी के ड्रम रखना होगा जरूरी अग्नि सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने पूजा समितियों को विशेष निर्देश दिए हैं। पंडाल के आकार के अनुरूप पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती के साथ-साथ पंडालों में बालू और पानी से भरे ड्रम रखने को कहा गया है। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश और निकास की अलग-अलग व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि भीड़ के दौरान अव्यवस्था की स्थिति न बने। छोटी घटना को बड़ी बनने से पहले रोकने की अपील एसएसपी ने पूजा समितियों और आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अप्रिय घटना की सूचना तत्काल पुलिस और प्रशासन को दें। समय पर सूचना मिलने से छोटी घटना को बड़ी घटना में बदलने से रोका जा सकता है। रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद बैठक में उप विकास आयुक्त और नगर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया जाए। उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया। इसके साथ ही प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने का निर्देश दिया गया, ताकि विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने न आए। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, नगर पुलिस उपाधीक्षक, यातायात पुलिस उपाधीक्षक, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सभी थाना अध्यक्ष, वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस पदाधिकारी तथा जिला शांति समिति के सदस्य मौजूद रहे।  

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