कैमूर के भगवानपुर प्रखंड मुख्यालय में उस समय मातम छा गया, जब पूर्व मुखिया प्रतिनिधि छोटन पांडे के अचानक निधन की खबर मिली। यह खबर मिलते ही लोग हैरान रह गए। छोटन पांडे ने कम उम्र में ही अपने व्यक्तित्व और समाज सेवा से समाज में पहचान बनाई थी। साल 2011 में महिला सीट होने के बावजूद उन्होंने अपनी मां को चुनाव लड़वाकर जीत दिलाई और जनता की सेवा की। उनकी मौत की खबर मिलते ही पूर्व मंत्री बृजकिशोर विंद , वर्तमान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान और भभुआ सदर की पूर्व विधायक रिंकी रानी पांडे उनके घर पार्थिव शरीर देखने पहुंचे। मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भभुआ वेदांता अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर वाराणसी रेफर किया गया, पर रास्ते में ही उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को भगवानपुर स्थित आवास लाया गया, जहां हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। नंदन पांडे के सबसे छोटे बेटे छोटन अपनी हंसमुख छवि और समाज सेवा से जनता में लोकप्रिय थे। कैमूर के भगवानपुर प्रखंड मुख्यालय में उस समय मातम छा गया, जब पूर्व मुखिया प्रतिनिधि छोटन पांडे के अचानक निधन की खबर मिली। यह खबर मिलते ही लोग हैरान रह गए। छोटन पांडे ने कम उम्र में ही अपने व्यक्तित्व और समाज सेवा से समाज में पहचान बनाई थी। साल 2011 में महिला सीट होने के बावजूद उन्होंने अपनी मां को चुनाव लड़वाकर जीत दिलाई और जनता की सेवा की। उनकी मौत की खबर मिलते ही पूर्व मंत्री बृजकिशोर विंद , वर्तमान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान और भभुआ सदर की पूर्व विधायक रिंकी रानी पांडे उनके घर पार्थिव शरीर देखने पहुंचे। मंगलवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें भभुआ वेदांता अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर वाराणसी रेफर किया गया, पर रास्ते में ही उनका निधन हो गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को भगवानपुर स्थित आवास लाया गया, जहां हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। नंदन पांडे के सबसे छोटे बेटे छोटन अपनी हंसमुख छवि और समाज सेवा से जनता में लोकप्रिय थे।

