सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोनस को लेकर सेल प्रबंधन और एनजेसीएस के बीच हुए समझौते के विरोध में जय झारखंड मजदूर समाज की ओर से शुक्रवार को गांधी चौक, सेक्टर-4 में सेल प्रबंधन और एनजेसीएस का पुतला दहन किया गया। इस दौरान झामुमो के केंद्रीय सदस्य सह जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि एक अक्टूबर को दिल्ली में सेल प्रबंधन और एनजेसीएस के बीच हुई बैठक में बोनस के नाम पर इस्पातकर्मियों को लॉलीपॉप दिया गया, जबकि उत्पादन और मुनाफे में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले ठेका कर्मियों की अनदेखी की गई। चौधरी ने कहा कि वर्ष 2022 में 40 हजार रुपए से अधिक बोनस मिला था, जबकि इस बार महज 32 हजार रुपये पर समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि सेल के मुनाफे में वृद्धि हुई है और वर्ष 2026 के लिए पांच हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में बोनस राशि को लेकर कर्मचारियों में असंतोष स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस्पातकर्मियों को प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव के तहत भुगतान किया जा सकता है तो उत्पादन और मुनाफे में योगदान देने वाले ठेकाकर्मियों को भी दुर्गापूजा के अवसर पर कम से कम एक समान व्यवस्था या उसका एक-तिहाई लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। बीके चौधरी ने मजदूरों से एकजुट होकर अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष एनके सिंह, संयुक्त महामंत्री शंकर कुमार, अनिल कुमार, आरबी चौधरी, हसन इमाम, फैयाज आलम, सीकेएस मुंडा, आई अहमद, रोशन कुमार, तुलसी साहू, देवेंद्र गोराई, एडब्ल्यू अंसारी आदि मौजूद रहे। सिटी रिपोर्टर | बोकारो बोनस को लेकर सेल प्रबंधन और एनजेसीएस के बीच हुए समझौते के विरोध में जय झारखंड मजदूर समाज की ओर से शुक्रवार को गांधी चौक, सेक्टर-4 में सेल प्रबंधन और एनजेसीएस का पुतला दहन किया गया। इस दौरान झामुमो के केंद्रीय सदस्य सह जय झारखंड मजदूर समाज के महामंत्री बीके चौधरी ने कहा कि एक अक्टूबर को दिल्ली में सेल प्रबंधन और एनजेसीएस के बीच हुई बैठक में बोनस के नाम पर इस्पातकर्मियों को लॉलीपॉप दिया गया, जबकि उत्पादन और मुनाफे में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले ठेका कर्मियों की अनदेखी की गई। चौधरी ने कहा कि वर्ष 2022 में 40 हजार रुपए से अधिक बोनस मिला था, जबकि इस बार महज 32 हजार रुपये पर समझौता किया गया है। उन्होंने कहा कि सेल के मुनाफे में वृद्धि हुई है और वर्ष 2026 के लिए पांच हजार करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में बोनस राशि को लेकर कर्मचारियों में असंतोष स्वाभाविक है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस्पातकर्मियों को प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव के तहत भुगतान किया जा सकता है तो उत्पादन और मुनाफे में योगदान देने वाले ठेकाकर्मियों को भी दुर्गापूजा के अवसर पर कम से कम एक समान व्यवस्था या उसका एक-तिहाई लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है। बीके चौधरी ने मजदूरों से एकजुट होकर अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष एनके सिंह, संयुक्त महामंत्री शंकर कुमार, अनिल कुमार, आरबी चौधरी, हसन इमाम, फैयाज आलम, सीकेएस मुंडा, आई अहमद, रोशन कुमार, तुलसी साहू, देवेंद्र गोराई, एडब्ल्यू अंसारी आदि मौजूद रहे।

