बेतिया शहर के ऐतिहासिक मां काली धाम मंदिर से सटे खाली भूखंड पर पार्क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर की पूजा समिति ने स्पष्ट किया है कि वह मंदिर परिसर के पास किसी भी कीमत पर पार्क निर्माण के पक्ष में नहीं है। समिति का कहना है कि इस जमीन का इस्तेमाल धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए, ताकि मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे। मंदिर के सामने पार्क बनने पर जताई आशंका पूजा समिति के अध्यक्ष झूलन साहू ने कहा कि समिति की आपत्ति विकास कार्यों को लेकर नहीं, बल्कि मंदिर और धार्मिक आस्था से जुड़े विषय को लेकर है। उन्होंने आशंका जताई कि मंदिर के ठीक सामने पार्क बनने से विभिन्न प्रकार की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि काली धाम मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मंदिर के सामने विकसित होने वाले स्थान का वातावरण धार्मिक मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए। गुरुकुल और गौ सेवा धाम बनाने का सुझाव समिति अध्यक्ष ने कहा कि यदि खाली भूखंड पर मिट्टी भराव, पर्याप्त रोशनी, गुरुकुल, गौ सेवा धाम या अन्य धार्मिक और सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाती हैं, तो समिति इसका स्वागत करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, लेकिन पार्क के नाम पर जमीन का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करने की अपील पूजा समिति ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि इस मामले में श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय लिया जाए। समिति ने कहा कि मंदिर और उसके आसपास विकास जरूरी है, लेकिन विकास की प्रकृति ऐसी होनी चाहिए जिससे धार्मिक वातावरण और मंदिर की गरिमा प्रभावित न हो। बेतिया शहर के ऐतिहासिक मां काली धाम मंदिर से सटे खाली भूखंड पर पार्क निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। मंदिर की पूजा समिति ने स्पष्ट किया है कि वह मंदिर परिसर के पास किसी भी कीमत पर पार्क निर्माण के पक्ष में नहीं है। समिति का कहना है कि इस जमीन का इस्तेमाल धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के लिए किया जाना चाहिए, ताकि मंदिर की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे। मंदिर के सामने पार्क बनने पर जताई आशंका पूजा समिति के अध्यक्ष झूलन साहू ने कहा कि समिति की आपत्ति विकास कार्यों को लेकर नहीं, बल्कि मंदिर और धार्मिक आस्था से जुड़े विषय को लेकर है। उन्होंने आशंका जताई कि मंदिर के ठीक सामने पार्क बनने से विभिन्न प्रकार की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि काली धाम मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में मंदिर के सामने विकसित होने वाले स्थान का वातावरण धार्मिक मर्यादा के अनुरूप होना चाहिए। गुरुकुल और गौ सेवा धाम बनाने का सुझाव समिति अध्यक्ष ने कहा कि यदि खाली भूखंड पर मिट्टी भराव, पर्याप्त रोशनी, गुरुकुल, गौ सेवा धाम या अन्य धार्मिक और सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाती हैं, तो समिति इसका स्वागत करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, लेकिन पार्क के नाम पर जमीन का उपयोग स्वीकार्य नहीं होगा। श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करने की अपील पूजा समिति ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से अपील की है कि इस मामले में श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय लिया जाए। समिति ने कहा कि मंदिर और उसके आसपास विकास जरूरी है, लेकिन विकास की प्रकृति ऐसी होनी चाहिए जिससे धार्मिक वातावरण और मंदिर की गरिमा प्रभावित न हो।

