बेगूसराय में छापेमारी कर हत्या के प्रयास के दो फरार आरोपियों को पकड़ने गई समस्तीपुर पुलिस पर शनिवार की रात पथराव हो गया। घटना समस्तीपुर और बेगूसराय जिले की सीमा पर स्थित मंसूरचक थाना क्षेत्र की है। दरअसल, समस्तीपुर जिले के हथौड़ी थाना की पुलिस टीम दो वारंटियों को गिरफ्तार करने बेगूसराय के तेमुंहा (मोहनपुर डीह) गांव पहुंची थी। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। उपद्रवियों ने पुलिस अभिरक्षा से दोनों पकड़े गए अपराधियों को जबरन छुड़ा लिया और पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर शीशे चकनाचूर कर दिए। इस हिंसक झड़प में एक महिला सिपाही समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए दोनों आरोपियों लंबे समय से फरार थे, बहन के ससुराल में छिपे थे हथौड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष (SI) मुखराम सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के परशुराम गांव के रहने वाले दिलीप झा के बेटे शिवम झा और हेमकांत झा के खिलाफ हत्या के प्रयास का गंभीर मामला दर्ज था। दोनों के खिलाफ अदालत से वारंट जारी था और वे लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों फरार आरोपी बेगूसराय जिले के मंसूरचक थाना क्षेत्र स्थित मोहनपुर डीह तेमुंहा गांव में अपने बहनोई आमोद झा के घर छिपे हुए हैं। सूचना के सत्यापन के बाद हथौड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में महिला सिपाही सिंपी कुमारी, सैप जवान रंजीत कुमार एवं सैप चालक विजय कुमार महतो शामिल थे। पुलिस टीम अपनी सरकारी बोलेरो गाड़ी से रात में मंसूरचक थाना पहुंची। स्थानीय पुलिस को साथ लेकर छापेमारी के लिए रवाना हुई। पुलिस ने मोहनपुर डीह से दोनों को किया गिरफ्तार मंसूरचक गश्ती दल के अधिकारी SI देवेंद्र कुमार के साथ पुलिस टीम मोहनपुर डीह स्थित आमोद झा के घर पहुंची। पुलिस ने घर के अंदर पहुंची तो छुपकर बैठे शिवम झा और हेमकांत झा पुलिस की घेराबंदी देखकर भागने की कोशिश करने लग। लेकिन जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। जैसे ही पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अपनी गाड़ी की तरफ ले जाने लगी, घर के लोग और आसपास के ग्रामीण उग्र हो गए। आमोद झा, कुमोद झा एवं मनोरंजन उर्फ गोलू झा समेत दर्जनों लोगों ने पुलिस टीम पर धावा बोल दिया। उग्र भीड़ ने जान मारने की नीयत से पुलिस बल पर हमला कर दिया और तीखी नोकझोंक शुरू कर दी। महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस की गाड़ी को घेरा महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और मोबाइल से वीडियो बनाते हुए पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। उपद्रवियों ने पुलिस के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और महिला सिपाही सिंपी कुमारी के साथ हाथापाई एवं बदसलूकी की। मारपीट और खींचातान के दौरान उपद्रवियों ने पकड़े गए दोनों आरोपियों शिवम झा और हेमकांत झा को छुड़ाकर अंधेरे का फायदा उठाकर भगा दिया। इसके बाद उपद्रवियों का गुस्सा नहीं थमा। उन्होंने पुलिस की बोलेरो गाड़ी पर ईंट-पत्थरों की बौछार कर दी, जिससे वाहन का पिछला शीशा पूरी तरह टूट गया। उपद्रवी पुलिसकर्मियों की वर्दी उतरवाने की धमकी देने लगे। इस हमले में सैप जवान रंजीत कुमार और महिला सिपाही सिंपी कुमारी को चोटें आई। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक आरोपी को पुलिस ने खदेड़ कर पकड़ा स्थिति बिगड़ी देख अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह ने मंसूरचक थानाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही मंसूरचक थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के अतिरिक्त बल को देखकर उपद्रवी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से एक आरोपी आमोद झा को खदेड़कर हिरासत में ले लिया। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच थाने लाया गया। जहां से रविवार को पुलिस ने आमोद झा को बेगूसराय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब जानिए, दोनों वारंटियों पर क्या आरोप था अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए जाने वाले दोनों आरोपी आदतन अपराधी और दबंग प्रवृत्ति के हैं। करीब तीन महीने पहले समस्तीपुर जिले के परशुराम गांव में चापाकल को लेकर पड़ोसियों से विवाद हुआ था। उस समय शिवम और उसके सहयोगियों ने पड़ोसी के नाबालिग की गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया था। उस समय भी जब घटना की सूचना पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर आरोपियों को पकड़ने पहुंची थी, तो आरोपियों और उनके समर्थकों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया था। डायल-112 की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया था और कई पुलिस जवान लहूलुहान हो गए थे। उस कांड में हथौड़ी थाना में पुलिस पर हमले का कांड संख्या 36/26 और मारपीट का कांड संख्या 35/26 दर्ज किया गया था। तब से ही दोनों आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे। हथौड़ी थाना के अपर थाना अध्यक्ष के आवेदन पर एफआईआर दर्ज फिलहाल शनिवार रात को हुई घटना को लेकर हथौड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह के लिखित आवेदन पर मंसूरचक थाना में कांड संख्या 167/26 दर्ज किया गया है। इस प्राथमिकी में आमोद झा, कुमोद झा और मनोरंजन उर्फ गोलू झा को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। जबकि कई अन्य अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस पर हमला करने और पुलिस अभिरक्षा से अपराधियों को भगाने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों शिवम और हेमकांत तथा पुलिस टीम पर पथराव करने वाले अन्य उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। बेगूसराय में छापेमारी कर हत्या के प्रयास के दो फरार आरोपियों को पकड़ने गई समस्तीपुर पुलिस पर शनिवार की रात पथराव हो गया। घटना समस्तीपुर और बेगूसराय जिले की सीमा पर स्थित मंसूरचक थाना क्षेत्र की है। दरअसल, समस्तीपुर जिले के हथौड़ी थाना की पुलिस टीम दो वारंटियों को गिरफ्तार करने बेगूसराय के तेमुंहा (मोहनपुर डीह) गांव पहुंची थी। पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को धर-दबोचा। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस टीम को चारों तरफ से घेर लिया। उपद्रवियों ने पुलिस अभिरक्षा से दोनों पकड़े गए अपराधियों को जबरन छुड़ा लिया और पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर शीशे चकनाचूर कर दिए। इस हिंसक झड़प में एक महिला सिपाही समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना से जुड़ी दो तस्वीरें देखिए दोनों आरोपियों लंबे समय से फरार थे, बहन के ससुराल में छिपे थे हथौड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष (SI) मुखराम सिंह ने बताया कि थाना क्षेत्र के परशुराम गांव के रहने वाले दिलीप झा के बेटे शिवम झा और हेमकांत झा के खिलाफ हत्या के प्रयास का गंभीर मामला दर्ज था। दोनों के खिलाफ अदालत से वारंट जारी था और वे लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों फरार आरोपी बेगूसराय जिले के मंसूरचक थाना क्षेत्र स्थित मोहनपुर डीह तेमुंहा गांव में अपने बहनोई आमोद झा के घर छिपे हुए हैं। सूचना के सत्यापन के बाद हथौड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में महिला सिपाही सिंपी कुमारी, सैप जवान रंजीत कुमार एवं सैप चालक विजय कुमार महतो शामिल थे। पुलिस टीम अपनी सरकारी बोलेरो गाड़ी से रात में मंसूरचक थाना पहुंची। स्थानीय पुलिस को साथ लेकर छापेमारी के लिए रवाना हुई। पुलिस ने मोहनपुर डीह से दोनों को किया गिरफ्तार मंसूरचक गश्ती दल के अधिकारी SI देवेंद्र कुमार के साथ पुलिस टीम मोहनपुर डीह स्थित आमोद झा के घर पहुंची। पुलिस ने घर के अंदर पहुंची तो छुपकर बैठे शिवम झा और हेमकांत झा पुलिस की घेराबंदी देखकर भागने की कोशिश करने लग। लेकिन जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। जैसे ही पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अपनी गाड़ी की तरफ ले जाने लगी, घर के लोग और आसपास के ग्रामीण उग्र हो गए। आमोद झा, कुमोद झा एवं मनोरंजन उर्फ गोलू झा समेत दर्जनों लोगों ने पुलिस टीम पर धावा बोल दिया। उग्र भीड़ ने जान मारने की नीयत से पुलिस बल पर हमला कर दिया और तीखी नोकझोंक शुरू कर दी। महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस की गाड़ी को घेरा महिलाओं और पुरुषों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और मोबाइल से वीडियो बनाते हुए पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। उपद्रवियों ने पुलिस के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और महिला सिपाही सिंपी कुमारी के साथ हाथापाई एवं बदसलूकी की। मारपीट और खींचातान के दौरान उपद्रवियों ने पकड़े गए दोनों आरोपियों शिवम झा और हेमकांत झा को छुड़ाकर अंधेरे का फायदा उठाकर भगा दिया। इसके बाद उपद्रवियों का गुस्सा नहीं थमा। उन्होंने पुलिस की बोलेरो गाड़ी पर ईंट-पत्थरों की बौछार कर दी, जिससे वाहन का पिछला शीशा पूरी तरह टूट गया। उपद्रवी पुलिसकर्मियों की वर्दी उतरवाने की धमकी देने लगे। इस हमले में सैप जवान रंजीत कुमार और महिला सिपाही सिंपी कुमारी को चोटें आई। अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक आरोपी को पुलिस ने खदेड़ कर पकड़ा स्थिति बिगड़ी देख अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह ने मंसूरचक थानाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही मंसूरचक थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस के अतिरिक्त बल को देखकर उपद्रवी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मौके से एक आरोपी आमोद झा को खदेड़कर हिरासत में ले लिया। उसे कड़ी सुरक्षा के बीच थाने लाया गया। जहां से रविवार को पुलिस ने आमोद झा को बेगूसराय न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब जानिए, दोनों वारंटियों पर क्या आरोप था अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किए जाने वाले दोनों आरोपी आदतन अपराधी और दबंग प्रवृत्ति के हैं। करीब तीन महीने पहले समस्तीपुर जिले के परशुराम गांव में चापाकल को लेकर पड़ोसियों से विवाद हुआ था। उस समय शिवम और उसके सहयोगियों ने पड़ोसी के नाबालिग की गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया था। उस समय भी जब घटना की सूचना पर डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर आरोपियों को पकड़ने पहुंची थी, तो आरोपियों और उनके समर्थकों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर दिया था। डायल-112 की गाड़ी का शीशा तोड़ दिया गया था और कई पुलिस जवान लहूलुहान हो गए थे। उस कांड में हथौड़ी थाना में पुलिस पर हमले का कांड संख्या 36/26 और मारपीट का कांड संख्या 35/26 दर्ज किया गया था। तब से ही दोनों आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे थे। हथौड़ी थाना के अपर थाना अध्यक्ष के आवेदन पर एफआईआर दर्ज फिलहाल शनिवार रात को हुई घटना को लेकर हथौड़ी थाना के अपर थानाध्यक्ष मुखराम सिंह के लिखित आवेदन पर मंसूरचक थाना में कांड संख्या 167/26 दर्ज किया गया है। इस प्राथमिकी में आमोद झा, कुमोद झा और मनोरंजन उर्फ गोलू झा को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। जबकि कई अन्य अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस पर हमला करने और पुलिस अभिरक्षा से अपराधियों को भगाने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों शिवम और हेमकांत तथा पुलिस टीम पर पथराव करने वाले अन्य उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

