बेगूसराय में लापता युवक का शव कुएं में मिला:पटना AIIMS में हुआ था मानसिक बीमारी का इलाज; भाई बोला- अक्सर बहकी-बहकी बातें करता था

बेगूसराय में लापता युवक का शव कुएं में मिला:पटना AIIMS में हुआ था मानसिक बीमारी का इलाज; भाई बोला- अक्सर बहकी-बहकी बातें करता था

बेगूसराय में एक युवक का शव कुएं में मिला है। पिछले 3 दिन से लापता था। मृतक की पहचान चकवा गांव के रहने वाले रामबिहारी महतो के पुत्र जितेन्द्र महतो (28) के रूप में हुई है। घटना खोदावंदपुर थाना क्षेत्र की है। मृतक के चचेरे भाई रामरतन महतो ने बताया कि परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। आज सुबह(रविवार 23 अगस्त 2026) करीब 5 बजे जब गांव के कुछ लोग घर से थोड़ी दूरी पर स्थित कुएं के पास गए, तो शव देखा। हल्ला होने पर ग्रामीण पहुंचे और काफी कोशिश के बाद शव को कुएं से निकाला गया। तुरंत घटना की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी गई। पटना एम्स में चला था इलाज रामरतन महतो ने आगे बताया कि जितेन्द्र की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी। करीब एक साल पहले उसकी दिमागी हालत बिगड़ने पर पटना AIIMS ले जाया गया था, जहां उसका काफी समय तक इलाज चला। इलाज के बाद भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया और दोनों आंख भी खत्म हो गया। अक्सर बहकी-बहकी बातें किया करता था। परिजनों को आशंका है कि रात के अंधेरे में संतुलन बिगड़ने या कुएं की सुरक्षा दीवार कम ऊंची होने के कारण वह गिर गया होगा। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था और अविवाहित था। उसके पिता रामबिहारी महतो और अन्य भाई मजदूरी करके परिवार का गुजर-बसर करते हैं। छानबीन में जुटी पुलिस फिलहाल घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। बेगूसराय में एक युवक का शव कुएं में मिला है। पिछले 3 दिन से लापता था। मृतक की पहचान चकवा गांव के रहने वाले रामबिहारी महतो के पुत्र जितेन्द्र महतो (28) के रूप में हुई है। घटना खोदावंदपुर थाना क्षेत्र की है। मृतक के चचेरे भाई रामरतन महतो ने बताया कि परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। आज सुबह(रविवार 23 अगस्त 2026) करीब 5 बजे जब गांव के कुछ लोग घर से थोड़ी दूरी पर स्थित कुएं के पास गए, तो शव देखा। हल्ला होने पर ग्रामीण पहुंचे और काफी कोशिश के बाद शव को कुएं से निकाला गया। तुरंत घटना की जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को दी गई। पटना एम्स में चला था इलाज रामरतन महतो ने आगे बताया कि जितेन्द्र की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं चल रही थी। करीब एक साल पहले उसकी दिमागी हालत बिगड़ने पर पटना AIIMS ले जाया गया था, जहां उसका काफी समय तक इलाज चला। इलाज के बाद भी वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाया और दोनों आंख भी खत्म हो गया। अक्सर बहकी-बहकी बातें किया करता था। परिजनों को आशंका है कि रात के अंधेरे में संतुलन बिगड़ने या कुएं की सुरक्षा दीवार कम ऊंची होने के कारण वह गिर गया होगा। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था और अविवाहित था। उसके पिता रामबिहारी महतो और अन्य भाई मजदूरी करके परिवार का गुजर-बसर करते हैं। छानबीन में जुटी पुलिस फिलहाल घटना के बाद परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।  

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