बुलंदशहर में सिंचाई विभाग की लापरवाही से 24 से ज्यादा गांवों के किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। गंग नहर का पानी काली नदी में छोड़े जाने से नदी उफान पर आ गई। खेतों में पानी भर गया, हजारों बीघा फसलें डूब गईं। सोमवार शाम 4 बजे भारतीय किसान यूनियन (महाशक्ति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर धर्मेंद्र सिंह सैकड़ों किसानों के साथ बुलंदशहर खंड गंग नहर कार्यालय पहुंचे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। एसडीओ ने मौके पर पहुंचकर मुंडा खेड़ा से काली नदी में छोड़े जा रहे पानी को तुरंत बंद कराया। ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि जब तक काली नदी की पूरी सफाई नहीं हो जाती, गंग नहर का पानी उसमें न छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि बिना सफाई के पानी छोड़ने पर विभाग को असर झेलने होंगे। किसानों ने सरकार से ₹25,000 प्रति बीघा मुआवजे की मांग की। चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने बिजली विभाग पर भी उत्पीड़न का आरोप लगाया, कहा कि 5 महीने के बिल बकाया पर फर्जी मुकदमे दर्ज हो रहे हैं।

