बीजेपी पार्षद मानवेंद्र अकोदिया का वीडियो आया सामने:बोले- भाजपा के साथ स्वेच्छा से हूं

बीजेपी पार्षद मानवेंद्र अकोदिया का वीडियो आया सामने:बोले- भाजपा के साथ स्वेच्छा से हूं

नगर पालिका चुनाव के बाद वार्ड 19 से भाजपा के निर्वाचित पार्षद मानवेंद्र अकोदिया के मामले में नया मोड़ सामने आया है। बीते दिन उनके पिता और कांग्रेस के पालिका अध्यक्ष प्रत्याशी हंसराज बैरवा ने बैरवा समाज के साथ विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन से मानवेंद्र को परिजनों के सामने पेश करने की मांग की थी। इसके बाद अब पार्षद मानवेंद्र अकोदिया का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में मानवेंद्र भाजपा कैंप में होने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं और खुद को भाजपा के साथ स्वेच्छा से बताया है। वीडियो में बोले- पार्टी के लिए सब कुछ न्यौछावर सामने आए वीडियो में मानवेंद्र अकोदिया कहते नजर आ रहे हैं कि वह भाजपा पार्टी के साथ स्वेच्छा से हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए सब कुछ न्यौछावर है और पार्टी की ओर से जो भी आदेश होगा, उस पर खरा उतरेंगे। वीडियो में मानवेंद्र यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि वह फिलहाल पार्टी के कैंप में हैं। बीते दिन दिया था अल्टीमेटम गौरतलब है कि वार्ड 19 से निर्वाचित भाजपा पार्षद मानवेंद्र अकोदिया के लापता होने के मामले में शनिवार को बैरवा समाज ने बैठक कर प्रशासन को अल्टीमेटम दिया था। समाज की ओर से कहा गया था कि 20 सितंबर सुबह 10 बजे तक मानवेंद्र को परिजनों के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया, तो बैरवा समाज सड़कों पर उतरेगा और एसडीएम कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। मतदान के बाद गायब होने का लगाया था आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया था कि 9 सितंबर को नगर पालिका चुनाव का मतदान समाप्त होने के बाद भाजपा कार्यकर्ता मीटिंग के बहाने मानवेंद्र अकोदिया को अपने साथ ले गए। इसके बाद से परिजनों का उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। समाज के लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों का भी हवाला दिया था। उनका दावा था कि तस्वीरों में मानवेंद्र भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय विधायक के साथ दिखाई दे रहे हैं। इसी आधार पर परिजनों ने आशंका जताई थी कि उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध कहीं रखा गया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 115 वोटों से जीते हैं मानवेंद्र मानवेंद्र अकोदिया भाजपा के चुनाव चिह्न पर वार्ड 19 से चुनाव जीते हैं। उन्होंने 115 वोटों से जीत दर्ज की थी। वहीं, उनके पिता हंसराज बैरवा ने कांग्रेस की ओर से हाइब्रिड फार्मूले के तहत अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। इसके बाद नगर पालिका अध्यक्ष चुनाव को लेकर खंडार में राजनीतिक खींचतान लगातार चर्चा में है। थाने से हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है मामला मानवेंद्र को वापस लाने के लिए उनके पिता हंसराज बैरवा की ओर से खंडार थाने और पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर को शिकायत दी जा चुकी है। इसके अलावा हाईकोर्ट में हेबियस कॉर्पस याचिका भी दायर की गई है। इसके बावजूद मानवेंद्र का पता नहीं चलने का आरोप लगाते हुए समाज ने प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई थी। अध्यक्ष चुनाव को लेकर सियासी खींचतान खंडार नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बोर्ड बनाने के लिए लामबंद हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बैरवा पालिका अध्यक्ष बनाने के लिए जोड़-तोड़ में लगे हुए हैं। वहीं, खंडार विधायक जितेंद्र गोठवाल भी इसे लेकर सक्रिय हैं। दोनों नेताओं ने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। ऐसे में पार्षद मानवेंद्र अकोदिया के मामले में सामने आए वीडियो के बाद खंडार की सियासत में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है।

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