बीकानेर में सिंचाई पानी की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। किसान रबी फसल के लिए सिंचाई पानी का स्थाई रेगुलेशन तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनके समर्थन में आज खाजूवाला, रावला, घड़साना और अनूपगढ़ की सभी मंडियां बंद रहीं। व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर आंदोलन को समर्थन दिया। किसानों से पानी की बारी को लेकर चल रहे आंदोलन के संबंध में इंदिरा गांधी नहर के चीफ इंजीनियर से हुई वार्ता भी पूरी तरह विफल हो गई है। फिलहाल किसानों ने 24 सितंबर को चक्का जाम का ऐलान किया है। रबी फसल के लिए स्थाई रेगुलेशन की मांग किसान रबी फसल के लिए सिंचाई पानी का स्थाई रेगुलेशन तय करने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका का कहना है कि पर्याप्त और नियमित सिंचाई पानी उपलब्ध नहीं होने से आगामी रबी फसल प्रभावित हो सकती है। मांगों को लेकर किसानों और अधिकारियों के बीच देर रात तक चीफ इंजीनियर के साथ वार्ता चली, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। वार्ता विफल होने के बाद किसानों में आक्रोश और बढ़ गया है। 24 सितंबर को चक्का जाम का ऐलान अभी तक कोई नतीजा न आने से आंदोलन के और तेज होने के आसार हैं। किसानों ने 24 सितंबर को चक्का जाम का ऐलान किया है। सिंचाई पानी के मुद्दे को लेकर घड़साना-अनूपगढ़ क्षेत्र आंदोलन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। धान मंडी समेत बाजारों में लटके ताले, पसरा सन्नाटा खाजूवाला सहित संबंधित मंडियों में धान मंडी और बाजारों के अधिकांश व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। दुकानों पर ताले लटके रहने से बाजारों में सन्नाटा नजर आया। व्यापारियों के आंदोलन में शामिल होने से किसानों को व्यापक समर्थन मिला।

