बिहार के 33 जिलों में बारिश का अलर्ट:2 में हैवी रेन का रेड अलर्ट; 31 अक्टूबर तक बदला रहेगा मौसम

बिहार के 33 जिलों में बारिश का अलर्ट:2 में हैवी रेन का रेड अलर्ट; 31 अक्टूबर तक बदला रहेगा मौसम

बिहार में अर्नब साइक्लोन के असर से पटना समेत राज्य के कई जिलों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज यानी शुक्रवार को 33 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट, 4 जिलों में ऑरेंज और 27 में यलो अलर्ट है। रेड अलर्ट वाले जिलों में बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। 50-60kmph की रफ्तार से हवा भी चलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 31 अक्टूबर तक राज्य में बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे में पटना में दिनभर बारिश हुई। समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई, बक्सर, औरंगाबाद, सासाराम, मधुबनी और आरा में हल्की बारिश हुई। वहीं, नालंदा और बेगूसराय में बादल छाए रहे। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। राजधानी में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हो सकती है। बारिश के चलते निचले इलाकों में जलजमाव और सड़कों पर पानी भरने की आशंका है। 31 अक्टूबर तक बारिश का असर मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान अर्नब के अवशेष के रूप में दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब बना हुआ है। 29 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह इसी क्षेत्र में केंद्रित था। इसके उत्तर की ओर बढ़ने और कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई थी। इस मौसमी प्रणाली और बिहार में नमीयुक्त पूर्वी हवाओं के प्रभाव से 29 से 31 अक्टूबर के बीच बारिश का अनुमान है। राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी बारिश के साथ कुछ जगहों पर बिजली गिर सकती है। इस दौरान 50kmph की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलजमाव, यातायात और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की भी आशंका जताई गई है। बारिश से खड़ी फसलों, बागानों, केले, पपीते, सहजन और आम के पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। भारी बारिश वाले इलाकों में जलजमाव वाले रास्तों से गुजरते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। बिहार में अर्नब साइक्लोन के असर से पटना समेत राज्य के कई जिलों में बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज यानी शुक्रवार को 33 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीतामढ़ी और मधुबनी में रेड अलर्ट, 4 जिलों में ऑरेंज और 27 में यलो अलर्ट है। रेड अलर्ट वाले जिलों में बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। 50-60kmph की रफ्तार से हवा भी चलने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 31 अक्टूबर तक राज्य में बारिश की संभावना है। पिछले 24 घंटे में पटना में दिनभर बारिश हुई। समस्तीपुर, खगड़िया, जमुई, बक्सर, औरंगाबाद, सासाराम, मधुबनी और आरा में हल्की बारिश हुई। वहीं, नालंदा और बेगूसराय में बादल छाए रहे। पटना में कैसा रहेगा मौसम पटना समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। राजधानी में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। मौसम में बदलाव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी हो सकती है। बारिश के चलते निचले इलाकों में जलजमाव और सड़कों पर पानी भरने की आशंका है। 31 अक्टूबर तक बारिश का असर मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान अर्नब के अवशेष के रूप में दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर अवदाब बना हुआ है। 29 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह इसी क्षेत्र में केंद्रित था। इसके उत्तर की ओर बढ़ने और कमजोर होकर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना जताई गई थी। इस मौसमी प्रणाली और बिहार में नमीयुक्त पूर्वी हवाओं के प्रभाव से 29 से 31 अक्टूबर के बीच बारिश का अनुमान है। राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी बारिश के साथ कुछ जगहों पर बिजली गिर सकती है। इस दौरान 50kmph की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलजमाव, यातायात और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की भी आशंका जताई गई है। बारिश से खड़ी फसलों, बागानों, केले, पपीते, सहजन और आम के पेड़ों को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को बिजली गिरने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। भारी बारिश वाले इलाकों में जलजमाव वाले रास्तों से गुजरते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।  

​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *