औरंगाबाद में जसोइया मोड़ के समीप किसान सम्मान समारोह सह ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मगध आइजी विकास वैभव ने कहा कि बिहार के विकास के बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए युवाओं और किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उसे सही दिशा देने और सामूहिक प्रयास की है। आइजी ने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति औसत मासिक आय करीब 6,394 रुपये है, जो देश के कई राज्यों की तुलना में कम है। रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। पलायन की समस्या समाप्त करने के लिए बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकास की रफ्तार तेज करने की जरूरत है। वर्ष 2047 तक विकसित बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य को करीब 15 प्रतिशत की वार्षिक विकास दर के साथ आगे बढ़ना होगा। किसानों को बताया अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी आइजी विकास वैभव ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में किसानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। किसान केवल अनाज का उत्पादन नहीं करते, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और समाज को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नई संभावनाओं से जोड़कर किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से भी आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। कहा कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए बिहार के लोगों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़े, यही वास्तविक विकास की पहचान होगी। जाति और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने से ही बेहतर बिहार का निर्माण संभव है। आइजी ने मगध के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भगवान बुद्ध की धरती है और इसका इतिहास देश के गौरव से जुड़ा हुआ है। मगध ने विभिन्न कालखंडों में देश को दिशा देने का काम किया है। उन्होंने ‘लेट्स इंस्पायर’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी को बिहार के इतिहास, उपलब्धियों और संभावनाओं से परिचित कराकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। प्रगतिशील किसानों का सम्मान, पौधे बांटकर संरक्षण का संकल्प कार्यक्रम में मां मुंडेश्वरी ग्रुप के चेयरमैन सह भाजपा नेता गोपाल शरण सिंह ने किसानों को समाज का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसान धरती और मानव जीवन को लगातार आधार देने का काम करते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से पौधरोपण को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखने की अपील की। कार्यक्रम का उद्घाटन मगध आइजी विकास वैभव, पूर्व आइपीएस बीके सिंह, गोपाल शरण सिंह, सीइओ गौरव सिंह और महिंद्रा ट्रैक्टर के स्टेट हेड बलवीर चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। किसानों के बीच पौधों का वितरण किया गया और उन्हें पौधों की देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। समारोह में किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी रही। वक्ताओं ने कहा कि कृषि, रोजगार, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने से बिहार के विकास को नई गति मिल सकती है। औरंगाबाद में जसोइया मोड़ के समीप किसान सम्मान समारोह सह ‘एक पेड़ मां के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मगध आइजी विकास वैभव ने कहा कि बिहार के विकास के बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। राज्य को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के लिए युवाओं और किसानों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बिहार में प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं है, जरूरत केवल उसे सही दिशा देने और सामूहिक प्रयास की है। आइजी ने कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति औसत मासिक आय करीब 6,394 रुपये है, जो देश के कई राज्यों की तुलना में कम है। रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों को रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है। पलायन की समस्या समाप्त करने के लिए बिहार में रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकास की रफ्तार तेज करने की जरूरत है। वर्ष 2047 तक विकसित बिहार के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य को करीब 15 प्रतिशत की वार्षिक विकास दर के साथ आगे बढ़ना होगा। किसानों को बताया अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी आइजी विकास वैभव ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में किसानों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। किसान केवल अनाज का उत्पादन नहीं करते, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था और समाज को मजबूत आधार प्रदान करते हैं। कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार और नई संभावनाओं से जोड़कर किसानों की आय और रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से भी आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की। कहा कि शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए बिहार के लोगों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़े, यही वास्तविक विकास की पहचान होगी। जाति और समुदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर सामूहिक प्रयास करने से ही बेहतर बिहार का निर्माण संभव है। आइजी ने मगध के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भगवान बुद्ध की धरती है और इसका इतिहास देश के गौरव से जुड़ा हुआ है। मगध ने विभिन्न कालखंडों में देश को दिशा देने का काम किया है। उन्होंने ‘लेट्स इंस्पायर’ अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य नई पीढ़ी को बिहार के इतिहास, उपलब्धियों और संभावनाओं से परिचित कराकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। प्रगतिशील किसानों का सम्मान, पौधे बांटकर संरक्षण का संकल्प कार्यक्रम में मां मुंडेश्वरी ग्रुप के चेयरमैन सह भाजपा नेता गोपाल शरण सिंह ने किसानों को समाज का आधार बताया। उन्होंने कहा कि किसान धरती और मानव जीवन को लगातार आधार देने का काम करते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल भी जरूरी है। उन्होंने लोगों से पौधरोपण को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखने की अपील की। कार्यक्रम का उद्घाटन मगध आइजी विकास वैभव, पूर्व आइपीएस बीके सिंह, गोपाल शरण सिंह, सीइओ गौरव सिंह और महिंद्रा ट्रैक्टर के स्टेट हेड बलवीर चौधरी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। किसानों के बीच पौधों का वितरण किया गया और उन्हें पौधों की देखभाल एवं संरक्षण का संकल्प दिलाया गया। समारोह में किसानों, युवाओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी रही। वक्ताओं ने कहा कि कृषि, रोजगार, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने से बिहार के विकास को नई गति मिल सकती है।

