बाबा नीब करौरी की पैतृक संपत्ति पर विवाद गहराया:नातिनों ने ट्रस्ट पर कब्जे का आरोप लगाया, डीएम ने जांच कमेटी बनाई

बाबा नीब करौरी की पैतृक संपत्ति पर विवाद गहराया:नातिनों ने ट्रस्ट पर कब्जे का आरोप लगाया, डीएम ने जांच कमेटी बनाई

फिरोजाबाद के टूंडला स्थित संत बाबा नीब करौरी की जन्मस्थली पर पैतृक संपत्ति और मंदिर के चंदे को लेकर विवाद गहरा गया है। बाबा के छोटे पुत्र धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों ने डीएम संतोष कुमार शर्मा को शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट पर पैतृक घर, मंदिर और डाक बंगलिया पर अवैध कब्जे का प्रयास करने का आरोप लगाया है। नातिनों का कहना है कि ये संपत्तियां ट्रस्ट को दान नहीं की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने एडीएम न्यायिक अरविंद कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। शिकायत में बताया गया है कि अकबरपुर स्थित बाबा नीब करौरी के जन्मस्थल के पास पैतृक घर से परिवार का गहरा भावनात्मक जुड़ाव है। अलग-अलग शहरों में रहने वाले परिजन गांव आने पर इसी घर में रुकते थे। हालांकि, अब उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है और धमकाने का आरोप भी लगाया गया है। परिवार ने प्रशासन से ट्रस्ट का संचालन अपने हाथ में लेने की मांग की है। सोमवार को बाबा की नातिन भावना रावत के पति मनोज रावत ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और परिवार की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने मांग की कि ट्रस्ट का प्रबंधन प्रशासन के अधीन किया जाए। साथ ही, जिलाधिकारी को पदेन अध्यक्ष और एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों को ट्रस्ट में शामिल करने का सुझाव दिया। मनोज रावत ने यह भी आरोप लगाया कि मंदिर और उससे जुड़ी संपत्तियों का निजी उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकारी स्तर पर जन्मस्थली का विकास होने के बावजूद मंदिर के नाम पर चंदा एकत्र किया जा रहा है। वहीं, श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मनोज अग्रवाल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि घर, मंदिर और डाक बंगलिया ट्रस्ट को विधिवत दिए गए थे, और ट्रस्ट वर्षों से इनकी देखरेख कर रहा है। अग्रवाल के अनुसार, ट्रस्ट का गठन वर्ष 1996 में बाबा की पत्नी रामबेटी ने किया था। वर्तमान में इसमें 18 सदस्य हैं और बाबा की बेटी गिरजा भटेले इसकी अध्यक्ष हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ट्रस्ट में सेवा भावना से जुड़े लोग काम कर रहे हैं और किसी भी संपत्ति का निजी उपयोग नहीं किया जा रहा है।

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