जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति एवं प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर आज मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। समीक्षा के डीएम रिची पांडेय ने समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिले के वरीय पदाधिकारियों एवं सभी अंचल अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति, राहत और बचाव कार्यों तथा प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की गई। बैठक में एसपी मनीष, अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी, जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी और सभी अंचल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक के दौरान डीएम ने सभी अंचलों में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, प्रभावित आबादी, आवागमन, नावों के परिचालन, राहत सामग्री की उपलब्धता, सामुदायिक रसोई सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए डीएम ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की उपस्थिति लगातार बनी रहनी चाहिए। किसी भी प्रकार की आवश्यकता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। किसी अंचल में राहत सामग्री, नाव, सामुदायिक रसोई अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता हो तो संबंधित सीओ तुरंत प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। जिससे आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था जल्द से जल्द की जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पर्याप्त संख्या में नावों का सुचारु परिचालन सुनिश्चित किया जाए। किसी क्षेत्र में नावों की अतिरिक्त आवश्यकता होने पर तत्काल इसकी सूचना जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जा सके। करीब 21700 की आबादी प्रभावित इसी प्रकार प्रभावित आबादी के लिए आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक रसोई का संचालन करते हुए लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। डीएम ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते हुए स्थिति का जायजा लेने तथा स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि वर्तमान बाढ़ की स्थिति के अनुसार जिले के 5 अंचलों की 20 पंचायतों के 24 गांव एवं 45 वार्ड प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में करीब 21700 की आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षित आवाजाही एवं राहत-बचाव कार्यों के लिए अभी 11 सरकारी एवं 76 निजी नावों का परिचालन किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार नावों की संख्या बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है। जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति एवं प्रभावित क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर आज मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। समीक्षा के डीएम रिची पांडेय ने समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिले के वरीय पदाधिकारियों एवं सभी अंचल अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की स्थिति, राहत और बचाव कार्यों तथा प्रभावित क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की गई। बैठक में एसपी मनीष, अपर समाहर्ता बृज किशोर चौधरी, जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी और सभी अंचल अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक के दौरान डीएम ने सभी अंचलों में बाढ़ की वर्तमान स्थिति, प्रभावित आबादी, आवागमन, नावों के परिचालन, राहत सामग्री की उपलब्धता, सामुदायिक रसोई सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए डीएम ने निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की उपस्थिति लगातार बनी रहनी चाहिए। किसी भी प्रकार की आवश्यकता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। किसी अंचल में राहत सामग्री, नाव, सामुदायिक रसोई अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की आवश्यकता हो तो संबंधित सीओ तुरंत प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। जिससे आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था जल्द से जल्द की जा सके। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पर्याप्त संख्या में नावों का सुचारु परिचालन सुनिश्चित किया जाए। किसी क्षेत्र में नावों की अतिरिक्त आवश्यकता होने पर तत्काल इसकी सूचना जिला स्तर पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जा सके। करीब 21700 की आबादी प्रभावित इसी प्रकार प्रभावित आबादी के लिए आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक रसोई का संचालन करते हुए लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए। डीएम ने सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते हुए स्थिति का जायजा लेने तथा स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। डीएम ने बताया कि वर्तमान बाढ़ की स्थिति के अनुसार जिले के 5 अंचलों की 20 पंचायतों के 24 गांव एवं 45 वार्ड प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में करीब 21700 की आबादी प्रभावित हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षित आवाजाही एवं राहत-बचाव कार्यों के लिए अभी 11 सरकारी एवं 76 निजी नावों का परिचालन किया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार नावों की संख्या बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है।

