मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। दतिया में ‘दादा’ ने फिर दिखाया दम
जन्माष्टमी के मौके पर दतिया के ‘दादा’ यानी पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का एक बार फिर विराट रूप देखने को मिला। राजनीति की भाषा में इसे उनका शक्ति प्रदर्शन भी कहा जा सकता है। दरअसल, नरोत्तम मिश्रा दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात के बाद दतिया लौटे तो उनके निवास ‘माई कृपा’ का नजारा कुछ अलग ही था। बड़ी संख्या में समर्थक वहां पहुंचे और अपने नेता का जोरदार स्वागत किया। नरोत्तम मिश्रा ने भी समर्थकों का उत्साह बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने अपने हाथों से कार्यकर्ताओं को मिठाई खिलाई और उनका मुंह मीठा कराया। साथ ही ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’.. ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ नारे भी लगवाए। दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद नरोत्तम मिश्रा को लेकर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन हाल ही में सामने आई कुछ तस्वीरों ने उनके समर्थकों में फिर से जोश भर दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से उनकी मुलाकात हो या फिर ओरछा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उनकी मौजूदगी या भोपाल में सत्ता और संगठन के लोगों से उनका मेल-मिलाप, इन तस्वीरों को समर्थक नरोत्तम मिश्रा की राजनीति में बढ़ती सक्रियता के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। अब दतिया में उनके समर्थक खुलकर कहने लगे हैं कि ‘दादा का जलवा बरकरार है। पैसा लेकर पार करा रहे उफनती नदी
‘आपदा में अवसर’… कोरोना काल के बाद से यह सूत्र वाक्य खूब चर्चा में रहा है। लेकिन छतरपुर में इसका इस्तेमाल कुछ लोग बिल्कुल अलग अंदाज में कर रहे हैं। छतरपुर के देरी रोड पर उर्मिल नदी उफान पर है। तेज बहाव के कारण नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। बावजूद इसके लोग जान जोखिम में डालकर दोपहिया वाहनों और पैदल नदी पार करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी मजबूरी को कुछ लोग कमाई का मौका बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे राहगीरों से 50-50 रुपए लेकर उन्हें तेज बहाव के बीच नदी पार करा रहे हैं। जल्द रास्ता पार करने की मजबूरी में लोग भी जोखिम उठाकर उफनती नदी में उतर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि मौके पर पुलिस और प्रशासन का कोई जिम्मेदार व्यक्ति नजर नहीं आया। यानी लोगों को अपनी जान की सुरक्षा भी खुद ही करनी है और नदी पार करने का इंतजाम भी। अब इसे लापरवाही कहें या ‘आत्मनिर्भरता’ का नया मॉडल… लेकिन छतरपुर में फिलहाल आपदा में अवसर का यह खेल खुलेआम चल रहा है। छोटे राजा साहब अब सीख रहे गाना
कांग्रेस से निष्कासित चल रहे पूर्व सांसद और पूर्व विधायक लक्ष्मण सिंह इन दिनों राजनीति से कुछ फुर्सत में नजर आ रहे हैं। ऐसे में छोटे राजा साहब, यानी दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह की रुचि अब संगीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। जन्माष्टमी के मौके पर लक्ष्मण सिंह ने खुद एक वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे गाना सीख रहे हैं और इस दौरान कुछ भजन गाकर भी सुनाए। बता दें कि लक्ष्मण सिंह को राहुल गांधी पर टिप्पणी के बाद कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। उस समय छोटे राजा साहब ने नई पार्टी बनाने के संकेत भी दिए थे और उनकी राजनीतिक आगे की राह को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई थीं। लेकिन फिलहाल ऐसा लगता है कि राजनीति से इतर उनकी दिलचस्पी संगीत में जाग गई है। नई पार्टी का सुर कब छिड़ेगा, यह तो वक्त बताएगा, लेकिन फिलहाल छोटे राजा साहब भजन और संगीत के सुर जरूर साध रहे हैं। और अब अंदर की बात..
दो बार पिटे नेता जी, दांत भी टूट गए
सुना है कि राजधानी भोपाल में भोपाल से सटे एक जिले के एक नेता जी की पिटाई हो गई है। चर्चा है कि भाड़े के गुंडों ने उन्हें दो बार पीटा। पहली बार एक बिल्डिंग में और दूसरी बार रास्ते में रोककर उनके साथ मारपीट की गई। ये भी चर्चा है कि इस मारपीट में नेता जी के दांत तक टूट गए। अब वे इन्हें छिपाते फिर रहे हैं। कोई दांत टूटने का कारण पूछ ले तो नेता जी कह रहे हैं कि गिरने की वजह से ऐसा हुआ। हालांकि, नेता जी और उनसे जुड़े लोग ऐसी किसी भी घटना से इनकार कर रहे हैं। मामला किसी थाने तक भी नहीं पहुंचा है। लेकिन नेता जी की पिटाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। और कहते भी हैं न… यूं ही धुआं नहीं उठता, कहीं न कहीं आग जरूर लगी होती है। इनपुट सहयोग – राधावल्लभ मिश्रा (दतिया), राजेश चौरसिया (छतरपुर) ये भी पढ़ें –
सिंधिया को याद दिलाया-हमारी ढाल और तलवार बनो: विजयवर्गीय को राहुल गांधी के कार्यक्रम का न्योता देगी कांग्रेस केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का करीब छह साल पुराना बयान उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। वे जहां भी जाते हैं, स्थायी नौकरी की मांग कर रहे अतिथि शिक्षक उन्हें उनका वही बयान याद दिला देते हैं। सिंधिया ने कहा था- आपका ढाल भी मैं बनूंगा और आपकी तलवार भी मैं बनूंगा’। तब सिंधिया कांग्रेस में थे और एमपी में कांग्रेस सरकार थी। पूरी खबर पढ़ें

