बांका टाउन थाना क्षेत्र के मूढ़हारा रेलवे स्टेशन के पास 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के पोल पर चढ़ा युवक आखिरकार 24 घंटे बाद शनिवार को नीचे उतर आया। पुलिस और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद वह शुक्रवार से पोल पर बैठा था। अंत में उसकी मां को मौके पर बुलाया गया। मां के समझाने पर युवक नीचे उतर गया। युवक की पहचान झारखंड के दुमका जिले के पुडुमपुर निवासी मनोज सोरेन के रूप में हुई है। उसे इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… 24 घंटे तक हाईटेंशन पोल पर बैठा रहा युवक युवक शुक्रवार को 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ गया था। वह रातभर पोल पर ही बैठा रहा। उसकी निगरानी के लिए चौकीदार को भी तैनात किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की। माइकिंग कर अधिकारियों ने की मनाने की कोशिश एसडीएम राजकुमार, एसडीपीओ अमर विश्वास, अंचलाधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम ने युवक से नीचे उतरने की अपील की। माइकिंग के जरिए उससे उसकी मांग भी पूछी गई और उसे पूरा करने का भरोसा दिया गया। इसके बावजूद वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। काफी प्रयास के बाद अधिकारियों ने उसकी मां को मौके पर बुलाया। मां के समझाने पर नीचे उतरा मनोज मौके पर पहुंची मां ने जब बेटे को नीचे उतरने के लिए कहा तो वह उनकी बात मान गया। करीब 24 घंटे बाद युवक के सुरक्षित नीचे उतरने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसके बाद उसे उपचार के लिए बांका सदर अस्पताल ले जाया गया। बिजली आपूर्ति बंद रहने से शहर में परेशानी युवक के हाईटेंशन पोल पर चढ़े रहने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग को आपूर्ति बंद करनी पड़ी। इससे बांका शहर में करीब 24 घंटे तक बिजली संकट बना रहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। युवक के नीचे उतरने के बाद बिजली व्यवस्था बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। दूसरी शादी टूटने की बात आई सामने प्रारंभिक उपचार के दौरान मनोज ने बताया कि वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। उसके अनुसार, मानसिक रूप से कमजोर रहने के कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र के गोरगामा गांव की एक युवती से उसकी दूसरी शादी तय हुई थी। दोनों के बीच करीब दो महीने तक फोन पर बातचीत भी हुई थी। युवक ने दावा किया कि उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए युवती ने शादी से इनकार कर दिया। मनोज ने यह भी बताया कि घर से निकलने के बाद रेलवे स्टेशन के पास किसी व्यक्ति ने उसे पिटाई किए जाने की बात कही। इससे डरकर वह बिजली के पोल पर चढ़ गया। हालांकि, युवक के बताए कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मायागंज अस्पताल रेफर, मानसिक स्थिति का होगा आकलन बांका सदर अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार, वहां मनोवैज्ञानिक विभाग में उसकी स्थिति का आकलन कर आगे का उपचार किया जाना है। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि युवक पहले भी ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या का प्रयास कर चुका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बिजली विभाग की ओर से युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात भी सामने आई है एसडीएम राजकुमार ने बताया कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारकर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। बांका टाउन थाना क्षेत्र के मूढ़हारा रेलवे स्टेशन के पास 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के पोल पर चढ़ा युवक आखिरकार 24 घंटे बाद शनिवार को नीचे उतर आया। पुलिस और प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद वह शुक्रवार से पोल पर बैठा था। अंत में उसकी मां को मौके पर बुलाया गया। मां के समझाने पर युवक नीचे उतर गया। युवक की पहचान झारखंड के दुमका जिले के पुडुमपुर निवासी मनोज सोरेन के रूप में हुई है। उसे इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… 24 घंटे तक हाईटेंशन पोल पर बैठा रहा युवक युवक शुक्रवार को 33 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ गया था। वह रातभर पोल पर ही बैठा रहा। उसकी निगरानी के लिए चौकीदार को भी तैनात किया गया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और उसे सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की। माइकिंग कर अधिकारियों ने की मनाने की कोशिश एसडीएम राजकुमार, एसडीपीओ अमर विश्वास, अंचलाधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम ने युवक से नीचे उतरने की अपील की। माइकिंग के जरिए उससे उसकी मांग भी पूछी गई और उसे पूरा करने का भरोसा दिया गया। इसके बावजूद वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुआ। काफी प्रयास के बाद अधिकारियों ने उसकी मां को मौके पर बुलाया। मां के समझाने पर नीचे उतरा मनोज मौके पर पहुंची मां ने जब बेटे को नीचे उतरने के लिए कहा तो वह उनकी बात मान गया। करीब 24 घंटे बाद युवक के सुरक्षित नीचे उतरने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली। इसके बाद उसे उपचार के लिए बांका सदर अस्पताल ले जाया गया। बिजली आपूर्ति बंद रहने से शहर में परेशानी युवक के हाईटेंशन पोल पर चढ़े रहने के कारण सुरक्षा के मद्देनजर बिजली विभाग को आपूर्ति बंद करनी पड़ी। इससे बांका शहर में करीब 24 घंटे तक बिजली संकट बना रहा। बिजली आपूर्ति बाधित होने से शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। युवक के नीचे उतरने के बाद बिजली व्यवस्था बहाल करने की प्रक्रिया शुरू की गई। दूसरी शादी टूटने की बात आई सामने प्रारंभिक उपचार के दौरान मनोज ने बताया कि वह शादीशुदा है और उसके दो बच्चे हैं। उसके अनुसार, मानसिक रूप से कमजोर रहने के कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। इसके बाद फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र के गोरगामा गांव की एक युवती से उसकी दूसरी शादी तय हुई थी। दोनों के बीच करीब दो महीने तक फोन पर बातचीत भी हुई थी। युवक ने दावा किया कि उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए युवती ने शादी से इनकार कर दिया। मनोज ने यह भी बताया कि घर से निकलने के बाद रेलवे स्टेशन के पास किसी व्यक्ति ने उसे पिटाई किए जाने की बात कही। इससे डरकर वह बिजली के पोल पर चढ़ गया। हालांकि, युवक के बताए कारणों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मायागंज अस्पताल रेफर, मानसिक स्थिति का होगा आकलन बांका सदर अस्पताल में प्रारंभिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर के मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार, वहां मनोवैज्ञानिक विभाग में उसकी स्थिति का आकलन कर आगे का उपचार किया जाना है। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि युवक पहले भी ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या का प्रयास कर चुका है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बिजली विभाग की ओर से युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात भी सामने आई है एसडीएम राजकुमार ने बताया कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारकर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।

