बांका जिले में साइक्लोन अर्णब के असर के कारण पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। शनिवार को चौथे दिन भी आसमान में बादल छाए हुए हैं। लगातार बारिश से नदियों और नहरों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई जगह पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क और डायवर्जन तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। धोरैया-नवादा मार्ग पर पुल के ऊपर बह रहा पानी धोरैया-नवादा मुख्य मार्ग पर मंत्रीहाट के पास गहिरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी में उफान आने के बाद पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां से रोज बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं। पुल पर पानी चढ़ने के बावजूद कुछ बाइक चालक, जुगाड़ वाहन और चारपहिया चालक जोखिम उठाकर पुल पार करते नजर आए। इससे हादसे की आशंका बनी रही। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी अनुज कुमार झा और प्रखंड प्रमुख रंजू देवी के प्रतिनिधि आलोक कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों ने स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कराकर लोगों से पानी के तेज बहाव के बीच पुल पार नहीं करने की अपील की गई। बौंसी में नहर के कटाव से सड़क क्षतिग्रस्त बौंसी प्रखंड के कैरी गांव के पास कुशहरी मंदिर टीकर के समीप बारिश के पानी के दबाव से नहर में कटाव शुरू हो गया है। नहर का पानी सड़क के नीचे से दूसरी ओर निकलने के कारण सड़क की मिट्टी भी बहने लगी है। इससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है और आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी का बहाव तेज होने से सड़क के नीचे की मिट्टी लगातार कट रही है। डूंगरी, गोखले, वृंदावन, बेलथरिया समेत कई गांवों के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क और नहर की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। रजौन में डायवर्जन बहा, 5 की जगह 15 किमी घूमकर जाना पड़ रहा रजौन प्रखंड में खैरा मोड़-बामदेव सड़क मार्ग पर कतरिया नदी में निर्माणाधीन पुल के पास बनाया गया डायवर्जन लगातार बारिश के कारण पानी के तेज बहाव में बह गया। डायवर्जन क्षतिग्रस्त होने से सड़क पर आवागमन प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर लोग अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे, लेकिन रास्ता बंद होने के बाद करीब 15 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और किसानों को परेशानी हो रही है। चांदन में जोरिया उफनाया, गांव का रास्ता बंद चांदन प्रखंड में देवघर मुख्य सड़क मार्ग के बेहंगा पुल के पास कनोदिया गांव जाने वाले रास्ते पर बेहंगा जोरिया का जलस्तर बढ़ गया है। करीब एक वर्ष पहले ग्रामीणों ने श्रमदान कर मुख्य सड़क से गांव तक ह्यूम पाइप डालकर रास्ता बनाया था। लगातार बारिश के कारण जोरिया का जलस्तर बढ़ने से सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा है। इसके कारण इस रास्ते से आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में एक किलोमीटर की दूरी तय करने के बजाय करीब 3 किलोमीटर घूमकर प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने पहुंच पथ और जोरिया पर पुल निर्माण की मांग की है। बदुआ नदी में उफान, अस्थायी रास्ता बहा शंभूगंज प्रखंड में बदुआ नदी में तेज उफान आने से बग्घा गांव के पास ह्यूम पाइप के सहारे बनाया गया अस्थायी रास्ता गुरुवार रात बह गया। करीब दो फीट पानी के तेज बहाव में रास्ता ध्वस्त होने के बाद बग्घा, चंद्रपुर बग्घा, खास बग्घा, राणाडीह और थेवाय समेत आसपास के गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। पहले ग्रामीणों को हाट-बाजार और स्कूल जाने के लिए करीब 2 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। रास्ता बंद होने के बाद अब करीब 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसानों को खेतों तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से जिले के कई ग्रामीण इलाकों में आवागमन की समस्या बढ़ गई है। पुल, सड़क और अस्थायी रास्तों पर पानी और कटाव के कारण लोगों को जोखिम के साथ-साथ लंबी दूरी भी तय करनी पड़ रही है। बांका जिले में साइक्लोन अर्णब के असर के कारण पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित है। शनिवार को चौथे दिन भी आसमान में बादल छाए हुए हैं। लगातार बारिश से नदियों और नहरों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई जगह पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर सड़क और डायवर्जन तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ है और लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। धोरैया-नवादा मार्ग पर पुल के ऊपर बह रहा पानी धोरैया-नवादा मुख्य मार्ग पर मंत्रीहाट के पास गहिरा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी में उफान आने के बाद पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। मुख्य मार्ग होने के कारण यहां से रोज बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं। पुल पर पानी चढ़ने के बावजूद कुछ बाइक चालक, जुगाड़ वाहन और चारपहिया चालक जोखिम उठाकर पुल पार करते नजर आए। इससे हादसे की आशंका बनी रही। सूचना मिलने पर अंचलाधिकारी अनुज कुमार झा और प्रखंड प्रमुख रंजू देवी के प्रतिनिधि आलोक कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों ने स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कराकर लोगों से पानी के तेज बहाव के बीच पुल पार नहीं करने की अपील की गई। बौंसी में नहर के कटाव से सड़क क्षतिग्रस्त बौंसी प्रखंड के कैरी गांव के पास कुशहरी मंदिर टीकर के समीप बारिश के पानी के दबाव से नहर में कटाव शुरू हो गया है। नहर का पानी सड़क के नीचे से दूसरी ओर निकलने के कारण सड़क की मिट्टी भी बहने लगी है। इससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है और आसपास के करीब आधा दर्जन गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, पानी का बहाव तेज होने से सड़क के नीचे की मिट्टी लगातार कट रही है। डूंगरी, गोखले, वृंदावन, बेलथरिया समेत कई गांवों के लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क और नहर की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। रजौन में डायवर्जन बहा, 5 की जगह 15 किमी घूमकर जाना पड़ रहा रजौन प्रखंड में खैरा मोड़-बामदेव सड़क मार्ग पर कतरिया नदी में निर्माणाधीन पुल के पास बनाया गया डायवर्जन लगातार बारिश के कारण पानी के तेज बहाव में बह गया। डायवर्जन क्षतिग्रस्त होने से सड़क पर आवागमन प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले करीब 5 किलोमीटर की दूरी तय कर लोग अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे, लेकिन रास्ता बंद होने के बाद करीब 15 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ रहा है। इससे ग्रामीणों, विद्यार्थियों और किसानों को परेशानी हो रही है। चांदन में जोरिया उफनाया, गांव का रास्ता बंद चांदन प्रखंड में देवघर मुख्य सड़क मार्ग के बेहंगा पुल के पास कनोदिया गांव जाने वाले रास्ते पर बेहंगा जोरिया का जलस्तर बढ़ गया है। करीब एक वर्ष पहले ग्रामीणों ने श्रमदान कर मुख्य सड़क से गांव तक ह्यूम पाइप डालकर रास्ता बनाया था। लगातार बारिश के कारण जोरिया का जलस्तर बढ़ने से सड़क के ऊपर से पानी बहने लगा है। इसके कारण इस रास्ते से आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में एक किलोमीटर की दूरी तय करने के बजाय करीब 3 किलोमीटर घूमकर प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने पहुंच पथ और जोरिया पर पुल निर्माण की मांग की है। बदुआ नदी में उफान, अस्थायी रास्ता बहा शंभूगंज प्रखंड में बदुआ नदी में तेज उफान आने से बग्घा गांव के पास ह्यूम पाइप के सहारे बनाया गया अस्थायी रास्ता गुरुवार रात बह गया। करीब दो फीट पानी के तेज बहाव में रास्ता ध्वस्त होने के बाद बग्घा, चंद्रपुर बग्घा, खास बग्घा, राणाडीह और थेवाय समेत आसपास के गांवों का आवागमन प्रभावित हो गया है। पहले ग्रामीणों को हाट-बाजार और स्कूल जाने के लिए करीब 2 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। रास्ता बंद होने के बाद अब करीब 10 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसानों को खेतों तक पहुंचने में भी परेशानी हो रही है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से जिले के कई ग्रामीण इलाकों में आवागमन की समस्या बढ़ गई है। पुल, सड़क और अस्थायी रास्तों पर पानी और कटाव के कारण लोगों को जोखिम के साथ-साथ लंबी दूरी भी तय करनी पड़ रही है।

