कानपुर देहात की भोगनीपुर विधानसभा सीट की राजनीति में एक बदलाव आया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के उम्मीदवार रहे जुनैद पहलवान अब समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो गए हैं। उन्होंने 19 सितंबर को लखनऊ में सपा कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा की सदस्यता ली। इस मौके पर अखिलेश यादव ने जुनैद पहलवान का स्वागत किया। उन्होंने 2022 के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उस समय जुनैद को समझा-बुझाकर पार्टी में शामिल कर लिया जाता और राजनीतिक सम्मान दिया जाता, तो सपा का एक विधायक और बढ़ जाता। जुनैद पहलवान अमरौधा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने 2022 में भोगनीपुर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें 47,332 वोट मिले थे और वह तीसरे नंबर पर रहे थे। उसी चुनाव में सपा ने मनु यादव को उम्मीदवार बनाया था, जो दूसरे नंबर पर थे। भोगनीपुर सीट से बीजेपी उम्मीदवार राकेश सचान ने जीत हासिल की थी। वह अभी उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जुनैद पहलवान का सपा में आना भोगनीपुर की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। खास बात यह है कि 2022 के चुनाव में बसपा उम्मीदवार के तौर पर जुनैद को मिले वोटों में मुस्लिम वोटरों का भी एक हिस्सा था। अब उनके सपा में आने के बाद यह बात हो रही है कि क्या उस समर्थन का कुछ हिस्सा अगले चुनाव में सपा को मिल सकता है। हालांकि, वोटों का असल में कितना ट्रांसफर होगा, यह चुनाव के दौरान ही साफ होगा। फिलहाल इतना तय है कि जुनैद पहलवान की क्षेत्र में राजनीतिक पकड़ और 2022 का उनका प्रदर्शन सपा के लिए अहम हो सकता है। जुनैद पहलवान को सपा में शामिल होने से कुछ दिन पहले ही बसपा से निकाला गया था। बसपा जिलाध्यक्ष जवाहर लाल के मुताबिक, उन्हें पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के लिए पहले भी चेतावनी दी गई थी। सुधार न होने पर 13 सितंबर को उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया।

