बलरामपुर में राज्य स्थापना दिवस मनाया गया:राज्योत्सव में विकास योजनाओं की प्रदर्शनी लगी, दिव्यांगों और प्रभावित परिवारों को सहायता दी गई

बलरामपुर में राज्य स्थापना दिवस मनाया गया:राज्योत्सव में विकास योजनाओं की प्रदर्शनी लगी, दिव्यांगों और प्रभावित परिवारों को सहायता दी गई

बलरामपुर में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर हाई स्कूल मैदान में जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर हुए समारोह में विकास योजनाओं की प्रदर्शनी के साथ लोकसंस्कृति के रंग देखने को मिले। कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए युवाओं से रोजगार पाने के साथ रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया। समारोह में सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, जिला पंचायत अध्यक्ष हीरामुनी निकुंज, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा चेरवा, नगर पालिका अध्यक्ष लोधीराम एक्का और जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। अतिथियों ने विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 26 साल में प्रदेश ने विकास की लंबी यात्रा तय की: सांसद मुख्य अतिथि सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने 26 वर्षों में विकास की लंबी यात्रा तय की है। प्रदेश खनिज संपदा के साथ औद्योगिक विकास की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने महतारी वंदन, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, पीएम-जनमन और धरती आबा अभियान जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे महिलाओं और आदिवासी परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। उन्होंने बेटियों से बड़े सपने देखने और युवाओं से रोजगार पाने के साथ रोजगार देने वाला बनने की अपील की। 10 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़े 1.15 लाख परिवार कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने स्वागत उद्बोधन में जिले की उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में 10 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों से लगभग 1 लाख 15 हजार परिवार जुड़े हैं। कलेक्टर के अनुसार, प्रिज्मा एआई के साथ समझौते के बाद बलरामपुर प्रदेश का पहला जिला बना है, जहां एआई डेटा एनोटेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने मिशन आचार्य, बालभोग योजना और जैविक जीराफूल चावल की ब्रांडिंग के बारे में भी बताया। जल संरक्षण के लिए किसानों के 5 प्रतिशत भूमि योगदान वाले मॉडल की जानकारी भी साझा की। दिव्यांगों को व्हीलचेयर, विवाह और उच्च शिक्षा के लिए सहायता राज्योत्सव के दौरान समाज कल्याण विभाग की ओर से दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर वितरित की गईं। विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत 50 हजार रुपए और उच्च शिक्षा प्रोत्साहन के तहत 6 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई। वन विभाग ने हाथी से जनहानि के प्रकरण में 6 लाख रुपए और मकान क्षति के लिए 25 हजार रुपए का क्षतिपूर्ति चेक सौंपा।

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