बरौनी रिफाइनरी में PNGRB और अन्य कानूनी व नियामक प्रावधानों के अनुसार ऑनसाइट डिजास्टर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह तिमाही अभ्यास रिफाइनरी की आपातकालीन तैयारी, प्रतिक्रिया समय, अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और आपदा प्रबंधन क्षमताओं की बारीकी से जांच करने के लिए डिजाइन किया गया था। इसका उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन योजना (ERDMP) को और मजबूत करना भी था। यह ड्रिल NHT – CCRU यूनिट में अचानक आग लगने और जेट फायर की काल्पनिक स्थिति पर आधारित थी। यह घटना 902-V-01 (फीड सर्ज ड्रम) के बाद लगी 8-इंच की आउटलेट लाइन पर फ्लैंज लीक से शुरू हुई थी। अभ्यास में सहयोग और तालमेल दिखा दोपहर 3:30 बजे गैस डिटेक्टर ने DCS में अलार्म बजाया। फील्ड ऑपरेटर ने तुरंत स्थिति की जांच की और बताया कि टेक्निकल स्ट्रक्चर के पास नेफ्था का भारी रिसाव हो रहा है, जिससे वाष्प का बड़ा बादल बन गया है। सूचना प्रसारित होते ही दोपहर 3:35 बजे MCP-07 एक्टिवेट किया गया और शिफ्ट-इन-चार्ज प्रभावित इलाके की ओर बढ़े। फायर टेंडर तुरंत तैनात किए गए और स्थिति का आकलन करने के बाद ERDMP लागू किया गया। आपातकालीन आपदा प्रबंधन टीम ने तेजी, अनुशासन और आपसी तालमेल के साथ प्रतिक्रिया दी। वैकल्पिक ERDMP कोऑर्डिनेटर्स ने NHT-CCRU इलाके में अहम कामों की जिम्मेदारी संभाली। जबकि काल्पनिक आग बुझाने, प्रोसेस आइसोलेशन, बचाव कार्य, आपातकालीन संचार और सुरक्षा उपायों का आपसी तालमेल किया गया। इस अभ्यास में आपसी सहयोग और तालमेल का भी बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला।
NTPC बरौनी और HURL बरौनी की फायर टेंडर्स ने लिया हिस्सा NTPC बरौनी और HURL बरौनी की फायर टेंडर्स ने इस ड्रिल में हिस्सा लिया और बड़ी आपातकालीन स्थिति के दौरान आस-पास की इंडस्ट्रीज़ के साथ मिलकर आसानी से काम करने की रिफाइनरी की क्षमता को और मजबूत किया। इस काल्पनिक स्थिति को 4:43 बजे तक सफलतापूर्वक काबू में कर लिया गया। जिसके बाद ऑल-क्लियर सायरन बजाया गया। यह ड्रिल रिफाइनरी के ईडी और ओवरऑल डिजास्टर को-ऑर्डिनेटर सत्य प्रकाश की देखरेख में आयोजित की गई। जो कार्यकारी निदेशक (परियोजना एवं कोर ग्रुप) और अल्टरनेट ओवरऑल कोऑर्डिनेटर संजय रायजादा के नेतृत्व और समन्वय में पूरी हुई।
मॉक ड्रिल में ये रहे शामिल अभ्यास में मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) सुब्रत कुमार सरकार, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) भास्कर हजारिका, महाप्रबंधक– एचएसई एवं पीएसएम और CIC के सलाहकार आलोक कुमार गुप्ता के साथ अन्य डिजास्टर कोऑर्डिनेटर, CISF कर्मी, फायर एंड सेफ्टी टीमें और संबंधित इमरजेंसी रिस्पॉन्स कर्मियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कॉर्पोरेट संचार अधिकारी अर्पिता पटेल ने बताया कि ड्रिल के बाद इमरजेंसी कंट्रोल सेंटर में सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में ब्रीफिंग आयोजित की गई। Q2 ऑनसाइट डिजास्टर मॉक ड्रिल जैसे सुरक्षा संबंधी व्यायामों के आयोजन के माध्यम से बरौनी रिफाइनरी ने लोगों, संपत्तियों, पर्यावरण और व्यवसाय की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। बरौनी रिफाइनरी में PNGRB और अन्य कानूनी व नियामक प्रावधानों के अनुसार ऑनसाइट डिजास्टर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह तिमाही अभ्यास रिफाइनरी की आपातकालीन तैयारी, प्रतिक्रिया समय, अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल और आपदा प्रबंधन क्षमताओं की बारीकी से जांच करने के लिए डिजाइन किया गया था। इसका उद्देश्य आपातकालीन प्रतिक्रिया और आपदा प्रबंधन योजना (ERDMP) को और मजबूत करना भी था। यह ड्रिल NHT – CCRU यूनिट में अचानक आग लगने और जेट फायर की काल्पनिक स्थिति पर आधारित थी। यह घटना 902-V-01 (फीड सर्ज ड्रम) के बाद लगी 8-इंच की आउटलेट लाइन पर फ्लैंज लीक से शुरू हुई थी। अभ्यास में सहयोग और तालमेल दिखा दोपहर 3:30 बजे गैस डिटेक्टर ने DCS में अलार्म बजाया। फील्ड ऑपरेटर ने तुरंत स्थिति की जांच की और बताया कि टेक्निकल स्ट्रक्चर के पास नेफ्था का भारी रिसाव हो रहा है, जिससे वाष्प का बड़ा बादल बन गया है। सूचना प्रसारित होते ही दोपहर 3:35 बजे MCP-07 एक्टिवेट किया गया और शिफ्ट-इन-चार्ज प्रभावित इलाके की ओर बढ़े। फायर टेंडर तुरंत तैनात किए गए और स्थिति का आकलन करने के बाद ERDMP लागू किया गया। आपातकालीन आपदा प्रबंधन टीम ने तेजी, अनुशासन और आपसी तालमेल के साथ प्रतिक्रिया दी। वैकल्पिक ERDMP कोऑर्डिनेटर्स ने NHT-CCRU इलाके में अहम कामों की जिम्मेदारी संभाली। जबकि काल्पनिक आग बुझाने, प्रोसेस आइसोलेशन, बचाव कार्य, आपातकालीन संचार और सुरक्षा उपायों का आपसी तालमेल किया गया। इस अभ्यास में आपसी सहयोग और तालमेल का भी बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला।
NTPC बरौनी और HURL बरौनी की फायर टेंडर्स ने लिया हिस्सा NTPC बरौनी और HURL बरौनी की फायर टेंडर्स ने इस ड्रिल में हिस्सा लिया और बड़ी आपातकालीन स्थिति के दौरान आस-पास की इंडस्ट्रीज़ के साथ मिलकर आसानी से काम करने की रिफाइनरी की क्षमता को और मजबूत किया। इस काल्पनिक स्थिति को 4:43 बजे तक सफलतापूर्वक काबू में कर लिया गया। जिसके बाद ऑल-क्लियर सायरन बजाया गया। यह ड्रिल रिफाइनरी के ईडी और ओवरऑल डिजास्टर को-ऑर्डिनेटर सत्य प्रकाश की देखरेख में आयोजित की गई। जो कार्यकारी निदेशक (परियोजना एवं कोर ग्रुप) और अल्टरनेट ओवरऑल कोऑर्डिनेटर संजय रायजादा के नेतृत्व और समन्वय में पूरी हुई।
मॉक ड्रिल में ये रहे शामिल अभ्यास में मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी) सुब्रत कुमार सरकार, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) भास्कर हजारिका, महाप्रबंधक– एचएसई एवं पीएसएम और CIC के सलाहकार आलोक कुमार गुप्ता के साथ अन्य डिजास्टर कोऑर्डिनेटर, CISF कर्मी, फायर एंड सेफ्टी टीमें और संबंधित इमरजेंसी रिस्पॉन्स कर्मियों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया। कॉर्पोरेट संचार अधिकारी अर्पिता पटेल ने बताया कि ड्रिल के बाद इमरजेंसी कंट्रोल सेंटर में सत्य प्रकाश की अध्यक्षता में ब्रीफिंग आयोजित की गई। Q2 ऑनसाइट डिजास्टर मॉक ड्रिल जैसे सुरक्षा संबंधी व्यायामों के आयोजन के माध्यम से बरौनी रिफाइनरी ने लोगों, संपत्तियों, पर्यावरण और व्यवसाय की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

