बड़े भवनों के नक्शे और निर्माण का होगा मिलान:राजस्व बढ़ाने और टैक्स चोरी रोकने को नगर निगम की सख्ती, विशेष टीमें बनाई गईं

बड़े भवनों के नक्शे और निर्माण का होगा मिलान:राजस्व बढ़ाने और टैक्स चोरी रोकने को नगर निगम की सख्ती, विशेष टीमें बनाई गईं

पटना में तेजी से बन रहे मॉल, निजी अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बड़े मार्केट अब नगर निगम के रडार पर हैं। प्रॉपर्टी टैक्स की चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए निगम प्रशासन इन सभी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच कराने जा रहा है। इसके लिए टाउन प्लानर्स और आर्किटेक्ट्स की विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें ऑन-स्पॉट जाकर स्वीकृत नक्शे से वास्तविक निर्माण का मिलान करेंगी। इस दौरान वास्तविक निर्मित क्षेत्रफल, उपयोग की श्रेणी (रेजिडेंशियल या कॉमर्शियल) और बिल्डिंग बायलॉज के अनुपालन की जांच होगी। सेल्फ असेसमेंट में विसंगति या नक्शे से इतर अवैध निर्माण पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और पेनाल्टी लगाई जाएगी। एक ही भवन में अलग-अलग सड़क का खेल खत्म होगा जांच में यह बड़ा खेल सामने आया है कि एक ही अपार्टमेंट या कॉमर्शियल बिल्डिंग में स्थित अलग-अलग फ्लैट और दुकानों का टैक्स अलग-अलग श्रेणी की सड़कों के आधार पर दर्ज करा दिया गया, जिससे निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था। अब सड़क की वास्तविक चौड़ाई (प्रधान, मुख्य या सामान्य सड़क) के आधार पर पूरे भवन का एक समान कर निर्धारण होगा। निगम ने लोगों से अपने प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर (पीआईडी) में निर्माण या उपयोग से जुड़ा बदलाव तुरंत अपडेट कराने की अपील की है। अभियान तेज…पांच पर जुर्माना लगा 1. 116 प्रॉपर्टी का टैक्स निर्धारण : शनिवार को 478 संपत्तिधारकों से 31.04 लाख रुपए प्रॉपर्टी टैक्स वसूला गया। 116 प्रॉपर्टी का टैक्स निर्धारण भी किया गया। इनमें नूतन राजधानी में 32, कंकड़बाग में 26, पाटलिपुत्र में 24, अजीमाबाद में 21, पटना सिटी में 6 और बांकीपुर में 7 प्रॉपर्टी शामिल हैं। 2. 29 प्रॉपर्टी के टैक्स का पुनर्मूल्यांकन : 29 प्रॉपर्टी के टैक्स का पुनर्मूल्यांकन किया गया। 5 में विसंगति पाए जाने पर पेनाल्टी भी लगाई गई। पाटलिपुत्र अंचल में 136 संपत्तिधारकों से 8.46 लाख, कंकड़बाग अंचल में 91 संपत्तियों से 4.05 लाख, नूतन राजधानी अंचल में 79 संपत्तियों से 11 लाख, अजीमाबाद अंचल में 78 संपत्तियों से 2.69 लाख, बांकीपुर अंचल में 62 संपत्तियों से 4 लाख और पटना सिटी अंचल में 32 संपत्तियों से 77 हजार टैक्स प्राप्त किया गया। पटना में तेजी से बन रहे मॉल, निजी अस्पताल, बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बड़े मार्केट अब नगर निगम के रडार पर हैं। प्रॉपर्टी टैक्स की चोरी रोकने और राजस्व बढ़ाने के लिए निगम प्रशासन इन सभी बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच कराने जा रहा है। इसके लिए टाउन प्लानर्स और आर्किटेक्ट्स की विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें ऑन-स्पॉट जाकर स्वीकृत नक्शे से वास्तविक निर्माण का मिलान करेंगी। इस दौरान वास्तविक निर्मित क्षेत्रफल, उपयोग की श्रेणी (रेजिडेंशियल या कॉमर्शियल) और बिल्डिंग बायलॉज के अनुपालन की जांच होगी। सेल्फ असेसमेंट में विसंगति या नक्शे से इतर अवैध निर्माण पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और पेनाल्टी लगाई जाएगी। एक ही भवन में अलग-अलग सड़क का खेल खत्म होगा जांच में यह बड़ा खेल सामने आया है कि एक ही अपार्टमेंट या कॉमर्शियल बिल्डिंग में स्थित अलग-अलग फ्लैट और दुकानों का टैक्स अलग-अलग श्रेणी की सड़कों के आधार पर दर्ज करा दिया गया, जिससे निगम को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था। अब सड़क की वास्तविक चौड़ाई (प्रधान, मुख्य या सामान्य सड़क) के आधार पर पूरे भवन का एक समान कर निर्धारण होगा। निगम ने लोगों से अपने प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर (पीआईडी) में निर्माण या उपयोग से जुड़ा बदलाव तुरंत अपडेट कराने की अपील की है। अभियान तेज…पांच पर जुर्माना लगा 1. 116 प्रॉपर्टी का टैक्स निर्धारण : शनिवार को 478 संपत्तिधारकों से 31.04 लाख रुपए प्रॉपर्टी टैक्स वसूला गया। 116 प्रॉपर्टी का टैक्स निर्धारण भी किया गया। इनमें नूतन राजधानी में 32, कंकड़बाग में 26, पाटलिपुत्र में 24, अजीमाबाद में 21, पटना सिटी में 6 और बांकीपुर में 7 प्रॉपर्टी शामिल हैं। 2. 29 प्रॉपर्टी के टैक्स का पुनर्मूल्यांकन : 29 प्रॉपर्टी के टैक्स का पुनर्मूल्यांकन किया गया। 5 में विसंगति पाए जाने पर पेनाल्टी भी लगाई गई। पाटलिपुत्र अंचल में 136 संपत्तिधारकों से 8.46 लाख, कंकड़बाग अंचल में 91 संपत्तियों से 4.05 लाख, नूतन राजधानी अंचल में 79 संपत्तियों से 11 लाख, अजीमाबाद अंचल में 78 संपत्तियों से 2.69 लाख, बांकीपुर अंचल में 62 संपत्तियों से 4 लाख और पटना सिटी अंचल में 32 संपत्तियों से 77 हजार टैक्स प्राप्त किया गया।  

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