कटिहार में बाढ़ग्रस्त इलाकों में नाबालिग बच्चों के नाव चलाने की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया है। दैनिक भास्कर डिजिटल में 11 और 12 साल के बच्चों द्वारा बाढ़ के पानी में नाव चलाने की खबर छपने के बाद एक्शन लिया। यह मामला बरारी प्रखंड की मोहणाचंदपुर पंचायत का है। यहां पिछले करीब 17 दिनों से लोग बाढ़ से परेशान हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद इलाके में आने-जाने के लिए नाव ही मुख्य साधन बनी हुई है। इसी दौरान 11 और 12 साल के बच्चे निजी नाव चलाकर लोगों को पार कराते दिखाई दिए थे। जानकारी मिली थी कि बच्चे इसके बदले में लोगों से पांच से दस रुपए ले रहे थे। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में नाव चला रहे बच्चे इस मामले पर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन को जानकारी मिली थी कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बच्चे नाव चला रहे हैं। जांच में पता चला कि नाव निजी थी और बच्चों के परिजन ही उन्हें नाव लेकर भेजते थे। प्रशासन ने बच्चों के परिजनों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे नाबालिग बच्चों को नाव चलाने की इजाजत न दें। डीएम ने बताया कि संबंधित अंचलाधिकारी ने जरूरत वाले इलाकों की पहचान कर पांच नाव उपलब्ध करा दी हैं। उन्होंने कहा कि जिले में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल जलस्तर में लगातार कमी आ रही है और सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। निजी नावों का किया गया रजिस्ट्रेशन डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन की पूरी तैयारी है। काफी संख्या में नाव उपलब्ध हैं और निजी नावों का भी रजिस्ट्रेशन किया गया है। इसके अलावा, खाने-पीने के सामान के लिए टेंडर और जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध कराई गई हैं। कटिहार में बाढ़ग्रस्त इलाकों में नाबालिग बच्चों के नाव चलाने की खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया है। दैनिक भास्कर डिजिटल में 11 और 12 साल के बच्चों द्वारा बाढ़ के पानी में नाव चलाने की खबर छपने के बाद एक्शन लिया। यह मामला बरारी प्रखंड की मोहणाचंदपुर पंचायत का है। यहां पिछले करीब 17 दिनों से लोग बाढ़ से परेशान हैं। बाढ़ का पानी बढ़ने के बाद इलाके में आने-जाने के लिए नाव ही मुख्य साधन बनी हुई है। इसी दौरान 11 और 12 साल के बच्चे निजी नाव चलाकर लोगों को पार कराते दिखाई दिए थे। जानकारी मिली थी कि बच्चे इसके बदले में लोगों से पांच से दस रुपए ले रहे थे। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में नाव चला रहे बच्चे इस मामले पर जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन को जानकारी मिली थी कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में बच्चे नाव चला रहे हैं। जांच में पता चला कि नाव निजी थी और बच्चों के परिजन ही उन्हें नाव लेकर भेजते थे। प्रशासन ने बच्चों के परिजनों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे नाबालिग बच्चों को नाव चलाने की इजाजत न दें। डीएम ने बताया कि संबंधित अंचलाधिकारी ने जरूरत वाले इलाकों की पहचान कर पांच नाव उपलब्ध करा दी हैं। उन्होंने कहा कि जिले में बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल जलस्तर में लगातार कमी आ रही है और सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। निजी नावों का किया गया रजिस्ट्रेशन डीएम आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन की पूरी तैयारी है। काफी संख्या में नाव उपलब्ध हैं और निजी नावों का भी रजिस्ट्रेशन किया गया है। इसके अलावा, खाने-पीने के सामान के लिए टेंडर और जरूरी दवाइयां भी उपलब्ध कराई गई हैं।

