बक्सर में अंतिम सोमवारी पर कांवरियों की भीड़:रामरेखा घाट की सीढ़ियां डूबीं, 40 KM पैदल जाएंगे ब्रह्मेश्वर नाथ, NH-922 पर एक लेन आरक्षित

बक्सर में अंतिम सोमवारी पर कांवरियों की भीड़:रामरेखा घाट की सीढ़ियां डूबीं, 40 KM पैदल जाएंगे ब्रह्मेश्वर नाथ, NH-922 पर एक लेन आरक्षित

श्रावण मास की अंतिम सोमवारी को लेकर बक्सर के प्रसिद्ध गंगा घाटों पर कांवरियों का पहुंचना शुरू हो गया है। रविवार शाम से ही गेरुआ वस्त्रधारी कांवरिये बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, गुप्ता धाम समेत अन्य शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे। सोमवार सुबह तक कांवरियों के आने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में कांवरिये रामरेखा घाट से गंगा जल लेकर करीब 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर ब्रह्मपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर पहुंचेंगे। कांवरिये पूरी रात पैदल चलकर सोमवार सुबह बाबा का जलाभिषेक करेंगे। गंगा में उफान, घाट की सीढ़ियां डूबीं गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण रामरेखा घाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। घाट के दोनों विवाह मंडपों में भी पानी भर गया है। तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने घाट के ऊपरी हिस्से में बांस और जाली से बैरिकेडिंग कराई है। घाट पर पुलिस, मजिस्ट्रेट और गोताखोर तैनात कांवरियों की सुरक्षा के लिए घाट पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गोताखोरों को भी लगाया गया है। प्रशासन ने कांवरियों से गंगा में स्नान और जल भरते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। रामरेखा घाट जाने वाले रास्ते पर वाहनों की रोक कांवरियों की सुविधा को देखते हुए रामरेखा घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई है। वहीं, बड़ी संख्या में कांवरियों के आवागमन को देखते हुए NH-922 पर भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। NH-922 की एक लेन कांवरियों के लिए आरक्षित जलाभिषेक के लिए जाने वाले कांवरियों के आवागमन के लिए NH-922 की एक लेन आरक्षित की गई है, जबकि दूसरी लेन से सामान्य वाहनों का परिचालन जारी रहेगा। प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि अंतिम सोमवारी पर कांवरियों की यात्रा सुरक्षित और सुगम रहे। श्रावण मास की अंतिम सोमवारी को लेकर बक्सर के प्रसिद्ध गंगा घाटों पर कांवरियों का पहुंचना शुरू हो गया है। रविवार शाम से ही गेरुआ वस्त्रधारी कांवरिये बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, गुप्ता धाम समेत अन्य शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए पहुंचने लगे। सोमवार सुबह तक कांवरियों के आने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में कांवरिये रामरेखा घाट से गंगा जल लेकर करीब 40 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर ब्रह्मपुर स्थित प्रसिद्ध बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर पहुंचेंगे। कांवरिये पूरी रात पैदल चलकर सोमवार सुबह बाबा का जलाभिषेक करेंगे। गंगा में उफान, घाट की सीढ़ियां डूबीं गंगा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण रामरेखा घाट की सभी सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। घाट के दोनों विवाह मंडपों में भी पानी भर गया है। तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने घाट के ऊपरी हिस्से में बांस और जाली से बैरिकेडिंग कराई है। घाट पर पुलिस, मजिस्ट्रेट और गोताखोर तैनात कांवरियों की सुरक्षा के लिए घाट पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की गई है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए गोताखोरों को भी लगाया गया है। प्रशासन ने कांवरियों से गंगा में स्नान और जल भरते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। रामरेखा घाट जाने वाले रास्ते पर वाहनों की रोक कांवरियों की सुविधा को देखते हुए रामरेखा घाट की ओर जाने वाले रास्ते पर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई है। वहीं, बड़ी संख्या में कांवरियों के आवागमन को देखते हुए NH-922 पर भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। NH-922 की एक लेन कांवरियों के लिए आरक्षित जलाभिषेक के लिए जाने वाले कांवरियों के आवागमन के लिए NH-922 की एक लेन आरक्षित की गई है, जबकि दूसरी लेन से सामान्य वाहनों का परिचालन जारी रहेगा। प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि अंतिम सोमवारी पर कांवरियों की यात्रा सुरक्षित और सुगम रहे।  

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