संतकबीरनगर जिला जेल में बंद टुनटुन की मौत की जांच कर रही एसआईटी ने बुधवार को पोस्टमार्टम करने वाले दो डॉक्टरों से करीब चार घंटे पूछताछ की। एसआईटी ने डॉक्टरों से टुनटुन की बीमारी, इलाज के दौरान सामने आए लक्षण और पोस्टमार्टम में मिले तथ्यों से जुड़े सवाल किए। पूछताछ के दौरान चिकित्सकों के बयान भी दर्ज किए गए। बयान दर्ज कराने के लिए जिला अस्पताल की इमरजेंसी के ईएमओ डॉ. रोहित पांडेय, डॉ. हेमंत नायक तथा पोस्टमार्टम पैनल में शामिल डॉ. एम. फारूकी और डॉ. सुनील कुमार एडीएम कार्यालय पहुंचे थे। शाम करीब चार बजे एसआईटी ने पोस्टमार्टम पैनल के दोनों चिकित्सकों से अलग-अलग बिंदुओं पर पूछताछ शुरू की। पोस्टमार्टम के तथ्यों और मेडिकल ओपिनियन पर सवाल पूछताछ के दौरान एसआईटी ने डॉ. एम. फारूकी और डॉ. सुनील कुमार से टुनटुन की मौत से जुड़े चिकित्सकीय पहलुओं पर जानकारी ली। डॉक्टरों से बंदी की बीमारी, इलाज के दौरान सामने आए लक्षणों और पोस्टमार्टम के दौरान मिले तथ्यों के बारे में सवाल किए गए। एसआईटी ने पोस्टमार्टम के दौरान सामने आए तथ्यों के साथ डॉक्टरों के चिकित्सकीय ओपिनियन को भी समझने का प्रयास किया। पूछताछ के दौरान डॉक्टरों की ओर से दिए गए जवाबों को दर्ज किया गया। एसआईटी ने वीडियोग्राफी के बीच दोनों चिकित्सकों के बयान भी दर्ज किए। जेल चिकित्सक से पहले हो चुकी है पूछताछ इससे पहले सोमवार को एसआईटी के अध्यक्ष एवं एडीएम सत्य प्रकाश, एएसपी सुशील कुमार सिंह और एसीएमओ डॉ. राम रतन ने जिला कारागार के चिकित्साधिकारी डॉ. देश दिनकर त्रिपाठी से पूछताछ की थी। एसआईटी जेल में टुनटुन के इलाज, उसकी तबीयत बिगड़ने और मौत से पहले की चिकित्सकीय प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी जुटा रही है। इलाज से पोस्टमार्टम तक की परिस्थितियां समझ रही SIT जेल चिकित्सक और पोस्टमार्टम पैनल के चिकित्सकों से पूछताछ के बाद एसआईटी टुनटुन के इलाज से लेकर पोस्टमार्टम तक की परिस्थितियों को अलग-अलग बिंदुओं पर समझने का प्रयास कर रही है। जांच में बीमारी, इलाज के दौरान सामने आए लक्षण, मौत से पहले की चिकित्सकीय प्रक्रिया और पोस्टमार्टम में मिले तथ्यों को अलग-अलग स्तर पर देखा जा रहा है। बुधवार को करीब चार घंटे चली पूछताछ में एसआईटी ने पोस्टमार्टम पैनल के दोनों डॉक्टरों से मेडिकल पहलुओं पर जानकारी लेकर उनके बयान दर्ज किए।

